प्रदेश के 515 परिषदीय स्कूलों के विद्यार्थियों की होगी परख, कक्षा तीन के छात्रों का भाषा, गणितीय दक्षताओं का आकलन होगा

प्रदेश के 515 परिषदीय स्कूलों के विद्यार्थियों की होगी परख, कक्षा तीन के छात्रों का भाषा, गणितीय दक्षताओं का आकलन होगा


प्रयागराज । फाउंडेशनल लर्निंग स्टडी 2026 शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार और परख एनसीईआरटी की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर कक्षा तीन के बच्चों का मूल्यांकन किया जाएगा। यह मूल्यांकन चयनित स्कूलों में ही प्रस्तावित है। उत्तर प्रदेश में कुल 515 स्कूलों में परीक्षण किया जाना है। प्रयागराज में 26 स्कूलों के छात्र छात्राएं इस मूल्यांकन में हिस्सा लेंगे। 12-13 मार्च को यह मूल्यांकन किया जाएगा।


सैम्पल विद्यालयों में कक्षा तीन के विद्यार्थियों की आधारभूत भाषा और गणितीय दक्षताओं का आकलन होगा। साथ ही विद्यालय प्रश्नावली, शिक्षक प्रश्नावली, छात्र प्रश्नावली के माध्यम से डेटा एकत्र किया जाएगा। परख एनसीईआरटी, नई दिल्ली के निर्देश पर सभी डायट के दिशानिर्देशों में जनपद स्तरीय समन्वयक (मास्टर ट्रेनर्स डायट प्रवक्ता) तथा कस्टोडियन नामित किए गए हैं। सर्वेक्षण के लिए निर्धारित फील्ड इन्वेस्टीगेटर और अतिरिक्त फील्ड इन्वेस्टीगेटर का नामांकन किया जा चुका है। राष्ट्रीय स्तर पर विद्यार्थियों की समझ और शिक्षा की गुणवत्ता के परीक्षण के लिए होने वाले इस सर्वे में विभिन्न बोर्डों के विद्यालयों को शामिल किया जाएगा।

सीबीएसई, आइसीएसई, यूपी बोर्ड के साथ निजी स्कूलों के विद्यार्थी भी मूल्यांकन का आधार बनेंगे। इस कार्य के संचालन के लिए जनपद स्तर पर टीम बनाई गई है।

डायट प्राचार्य राजेंद्र प्रसाद जिला संरक्षक हैं। जिला स्तरीय नोडल अधिकारी वीरभद्र प्रताप और डा. अब्दुल मोही बनाए गए हैं। वीरभद्र प्रताप ने बताया कि डीएलएड प्रशिक्षुओं द्वारा टैबलेट माध्यम से मूल्यांकन होगा। फील्ड इन्वेस्टिगेटर के रूप में डायट प्रशिक्षुओं की नियुक्ति की गई है। कुल 26 मुख्य मूल्यांकनकर्ता और चार रिजर्व मूल्यांकनकर्ता नामित किए गए हैं।


यह सर्वेक्षण देश का शैक्षिक "स्वास्थ्य परीक्षण"

यह सर्वेक्षण देश का शैक्षिक "स्वास्थ्य परीक्षण है। 'परख' सर्वेक्षण (परफार्मेस असिसमेंट, रिव्यूव एंड एनालसिस आफ नालेज फार होलिस्टक डेवलपमेंट) का उद्देश्य केवल परीक्षा लेना नहीं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता का राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षण करना है। इससे विद्यार्थियों के वास्तविक समझ का स्तर पता चलेगा। शिक्षण पद्धतियों की प्रभावशीलता का मूल्यांकन करने के साथ नीति निर्माण एवं शैक्षिक सुधार के लिए टोस आंकड़े उपलब्ध होंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप अधिगम परिणामों की समीक्षा की जाएगी। विद्यालय स्तर पर भी सुधार के लिए सुझाव दिए जाएंगे। परख मूल्यांकन देश के सभी 36 प्रदेशों (केंद्र शासित को लेकर) के 776 जिलों में होना है। इसमें 10004 विद्यालयों को शामिल किया गया है।
प्रदेश के 515 परिषदीय स्कूलों के विद्यार्थियों की होगी परख, कक्षा तीन के छात्रों का भाषा, गणितीय दक्षताओं का आकलन होगा Reviewed by प्राइमरी का मास्टर 2 on 8:27 AM Rating: 5

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