छात्र-छात्राओं के अपेक्षित अधिगम स्तर हेतु Catch-up शिक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में।

पढ़ाई में पिछड़े बच्चों को आगे बढ़ाएगा कैच-अप कार्यक्रम

लखनऊ। प्रदेश के परिषदीय और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) में अब कोई भी बच्चा पढ़ाई में पीछे नहीं रहेगा। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत अगस्त से विशेष कैच-अप शिक्षण कार्यक्रम चलाया जाएगा। इसमें 20 से 30 मिनट की अतिरिक्त क्लास करके उनको आगे लगाने का काम किया जाएगा।

 विभाग का कहना है कि विभिन्न आकलनों से स्पष्ट हुआ है कि नियमित शिक्षण के बाद भी कुछ छात्र अपेक्षित दक्षताओं में पीछे रह जाते हैं। ऐसे छात्रों को आवश्यक शैक्षिक सहयोग नहीं दिया गया तो यह अंतराल बढ़ता जाता है। इसे देखते हुए इन छात्रों के सहयोगात्मक व सकारात्मक शैक्षिक सहयोग के लिए कैच-अप शिक्षण कार्यक्रम चलाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही हर बच्चे की प्रगति का नियमित रिकॉर्ड रखा जाएगा। 



परिषदीय विद्यालयों में  1 जुलाई से लागू होगी ‘कैच-अप शिक्षण रणनीति’, शिक्षकों को दिए गए अध्ययन और चर्चा के निर्देश

परिषदीय स्कूलों के बच्चों के लिए 15 दिवसीय पुनरावृत्ति शिक्षण अभियान  ‘कैच-अप शिक्षण रणनीति’ चलाया जाएगा

लखनऊ। परिषदीय विद्यालयों में विद्यार्थियों के अधिगम स्तर (Learning Level) को बेहतर बनाने और सीखने के अंतराल (Learning Gap) को कम करने के लिए बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग ने ‘कैच-अप शिक्षण रणनीति’ लागू करने का निर्णय लिया है। यह रणनीति 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होगी।

जारी निर्देशों के अनुसार सभी डायट प्राचार्य, अपर शिक्षा निदेशक (बेसिक), जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, एआरपी, मेंटर, प्रधानाध्यापक एवं शिक्षक इस रणनीति का गहन अध्ययन करेंगे तथा इसके प्रभावी क्रियान्वयन हेतु बीईओ-प्रधानाध्यापक बैठकों और शिक्षक संकुल बैठकों में विस्तृत चर्चा करेंगे।

रणनीति के तहत जुलाई माह में विद्यार्थियों के लिए 15 दिवसीय पुनरावृत्ति शिक्षण अभियान चलाया जाएगा। साथ ही नियमित शिक्षण के दौरान प्रतिदिन 20 से 30 मिनट का कैच-अप शिक्षण कराया जाएगा, ताकि अपेक्षित अधिगम स्तर से पीछे रह गए बच्चों को आवश्यक शैक्षणिक सहयोग प्रदान किया जा सके।

शिक्षा विभाग का मानना है कि इस पहल से विद्यार्थियों का सीखने का अंतर कम होगा, आत्मविश्वास बढ़ेगा और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप प्रत्येक बच्चे को उसकी आवश्यकता के अनुसार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा सकेगी।


छात्र-छात्राओं के अपेक्षित अधिगम स्तर हेतु Catch-up शिक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में।




छात्र-छात्राओं के अपेक्षित अधिगम स्तर हेतु Catch-up शिक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में। Reviewed by प्राइमरी का मास्टर 2 on 6:13 AM Rating: 5

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