शिक्षा मित्रों के समायोजन मामले में सख्त रुख अपनाते हुए हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने लखनऊ के बीएसए को किया तलब

लखनऊ : हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने शिक्षा मित्रों के समायोजन मामले में सख्त रुख अपनाते हुए लखनऊ के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ( बीएसए ) को तलब किया है। अदालत ने कहा कि आदेश दिए जाने के बावजूद अभी तक पालन क्यों नहीं किया गया? क्यों न बीएसए के खिलाफ अदालत के आदेश की अवमानना की कार्रवाई की जाये।


इस मामले में हाईकोर्ट ने बीएसए को छूट भी दी है कि वह 16 जनवरी तक अगर अदालत के पिछले आदेश का पालन कर लेते हैं तो उनको अदालत के समक्ष उपस्थित होने की जरूरत नहीं होगी तब बीएसए केवल आदेश के पालन किये जाने का हलफनामा पेश करेंगे । यह आदेश न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार अरोड़ा की खंडपीठ ने अविनाश चंद्र अवस्थी व एक अन्य शिक्षा मित्र की ओर से अधिवक्ता विनय मिश्र द्वारा दायर अवमानना याचिका पर दिए हैं।


विदित हो कि याची अविनाश चंद्र अवस्थी व एक अन्य शिक्षा मित्र का समायोजन प्राथमिक विद्यालय थरी ब्लॉक माल में नहीं हो पाया था। याचीगणों ने समायोजन किये जाने की मांग को लेकर याचिका हाईकोर्ट में दायर की थी। अदालत ने 29 सितंबर को याचिका का निपटारा करते हुए कहा था कि यदि कोई कानूनी अड़चन न हो तो याचीगणों के समयोजन पर विचार किया जाये । याचिका दायर कर आरोप लगाया गया कि हाईकोर्ट द्वारा दिए गए समय निकल जाने के बाद भी याचिकर्ताओं के मामले पर विचार नहीं किया गया। कहा गया कि किसी कारण या किसी कारणवश याचिकाओं का समायोजन छूट गया था।


HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD, LUCKNOW BENCH 

Court No. - 8 

Case :- CONTEMPT No. - 2283 of 2016 

Applicant :- Avinash Chandra Awasthi & Anr. 

Opposite Party :- Praveen Mani Tripathi Distt. Basic Education Officer Lko. 

Counsel for Applicant :- Vinay Misra 


Hon'ble Dr. Devendra Kumar Arora,J. 

Heard.


Petitioner is alleging willful non-compliance of the order dated 29.09.2016 passed in writ petition No. 23676 (S/S) of 2016 : Avinash Chandra Awasthi and another Vs. State of U.P. Thru Secy. Basic Education Govt. of U.P. and others.


Counsel for the petitioner submits that copy of the order of the writ Court along with fresh representation has been served to the opposite party personally on 13.10.2016 but no positive steps have been taken till date and the period prescribed by the writ court has expired much earlier, therefore, the petitioner is constrained to approach this Court by means of the present contempt petition, seeking appropriate action under the provisions of Contempt of Courts Act against the opposite party for willful non compliance of the order of the writ Court. 


On due consideration and perusal of record, prima facie, a case for willful disobedience of the order of the writ Court is made out. 


Issue notice to opposite party fixing 16.01.2017. 


On that date, opposite party shall appear in person before this court to show cause as to why proceedings under the Contempt of Court may not be initiated for willful disobedience of the aforesaid order. 


It is clarified that if the order of the writ court is complied with in its true spirit before the date fixed, the opposite party need not appear on the date fixed and shall file only an affidavit of compliance of the order. 


Counsel for the petitioner is directed to furnish a copy of the petition to Standing Counsel, who shall transmit the same to the opposite party along with gist of order at the earliest for information and compliance. 


List on 16.01.2017. 

Order Date :- 7.12.2016 

Rahul 

शिक्षा मित्रों के समायोजन मामले में सख्त रुख अपनाते हुए हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने लखनऊ के बीएसए को किया तलब Reviewed by Sona Trivedi on 8:48 AM Rating: 5

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