28 मार्च को खुलेगी किताबों  की छपाई के टेंडर की फाइनेंशियल बिड, एक सप्ताह बाद शुरू शुरू हो रहे नए सत्र में करनी होगी पुरानी किताबों से पढ़ाई

लखनऊ। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले करीब एक करोड़ 80 लाख बच्चों को नए शैक्षिक सत्र में किताबें नहीं मिल सकेंगी। ऐसा इसलिए है क्योंकि अभी तकफाइनेंशियल बिड तक नहीं खोली जा सकी है। जिससे सारा काम अटका हुआ है। विभाग का दावा है कि 10 अप्रैल तक टेंडर प्रक्रिया पूरी कर किताबें छपनी शुरू हो जाएंगी। लेकिन उसके वितरण में समय लगेगा।




सर्व शिक्षा अभियान के तहत हर साल परिषदीय विद्यालयों, राजकीय, सहायता प्राप्त, मदरसों आदि में कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को निशुल्क किताबें मुहैया कराई जाती हैं। लेकिन एक करोड़ 80 लाख बच्चों को दी जाने वाली तकरीब साढ़े 12 करोड़ किताबों को छापने की प्रक्रिया में इस बार भी जमकर लेटलतीफी की गई। नतीजा, 31 दिसंबर को टेंडर के लिए विज्ञाप्ति जारी कर प्रकाशकों से आवेदन मांगे गए। इसकी अंतिम तिथि 6 फरवरी निर्धारित की गई। इस दौरान उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की वजह से आचार संहिता प्रभावित हो गई, जिससे काम रुक गया।




बेसिक शिक्षा विभाग ने निर्वाचन आयोग से टेंडर खोलने की अनुमति भी मांगी। लेकिन उसमें भी काफी विलंब हुआ। सात मार्च को खोली गई तकनीकी बिड में 15 में से 13 प्रकाशकों को अर्ह घोषित किया गया। 15 दिन बीतने के बाद भी विभाग फाइनेंशियल बिड नहीं खोल सका, जिससे प्रक्रिया और लेट हो गई।




पाठ्य पुस्तक अधिकारी अमरेंद्र सिंह का कहना है कि 28 मार्च को फाइनेंशियल बिड खोलने की तैयारी है। इसके बाद एक सप्ताह में हम अर्ह प्रकाशकों से अनुबंध की कार्रवाई पूरी कर लेंगे। साथ ही किताबें छापने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। उसके बाद जैसे-जैसे किताबें आएंगी, उसे जिलों को भेजा जाएगा।मई-जून में होगा किताबों का वितरणसाढ़े 12 करोड़ किताबें छापने में एक महीने से अधिक का समय लगता है। अप्रैल में यदि किताबें छपनी शुरू हो जाएंगी तो उसके बाद जिलों में भेजकर उसका सत्यापन भी किया जाएगा। इस प्रक्रिया के बाद ही किताबें ब्लॉक और फिर स्कूलों तक पहुंचाई जाएंगी। ऐसे में जुलाई से पहले बच्चों को किताबें मिलना मुश्किल है।

28 मार्च को खुलेगी किताबों  की छपाई के टेंडर की फाइनेंशियल बिड, एक सप्ताह बाद शुरू शुरू हो रहे नए सत्र में करनी होगी पुरानी किताबों से पढ़ाई Reviewed by Sona Trivedi on 7:22 AM Rating: 5

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.