मृत बेसिक शिक्षकों के परिजनों को ग्रेच्युटी का रास्ता साफ, जिन्होंने नहीं भरा ग्रेच्युटी का विकल्प, उन्हें अब दिया जा सकेगा लाभ, ग्रेच्यूटी के नए प्रस्ताव को योगी कैबिनेट की मंजूरी


मृत बेसिक शिक्षकों के परिजनों को ग्रेच्युटी का रास्ता साफ, जिन्होंने नहीं भरा ग्रेच्युटी का विकल्प, उन्हें अब दिया जा सकेगा लाभ, ग्रेच्यूटी के नए प्रस्ताव को योगी कैबिनेट की मंजूरी

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योगी मंत्रिपरिषद ने बेसिक शिक्षा परिषद तथा अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल के शिक्षकों की ग्रेच्युटी के भुगतान के सम्बन्ध में विभाग से मिले प्रस्ताव को शनिवार को मंजूरी दे दी।

मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद तथा अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल के शिक्षकों को सेवानिवृत्ति की आयु के पूर्व असामयिक मृत्यु की दशा में ग्रेच्युटी के भुगतान के सम्बन्ध में प्रस्तुत प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। 23 नवम्बर, 1994 से उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद तथा अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल के शिक्षकों को 58 वर्ष की सेवानिवृत्ति की आयु 58 वर्ष से 60 वर्ष होने पर सेवानिवृत्ति का विकल्प देने पर ग्रेच्युटी की सुविधा को मंजूरी प्रदान कर दी है।


 विदित हो कि 23 नवम्बर, 1994 से दिनांक 03 फरवरी, 2004 (सेवानिवृत्ति की आयु 58 वर्ष रहने तक) तक की अवधि के उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद तथा अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल के ऐसे शिक्षकों, जिनके द्वारा सेवानिवृत्ति का विकल्प नहीं दिया गया। उनकी मृत्यु 58 वर्ष के पूर्व ही हो गयी तथा ऐसे भी शिक्षक जिन्होंने 60 वर्ष पर सेवानिवृत्ति का विकल्प भरा किन्तु विकल्प परिवर्तन के लिए निर्धारित अवधि के पूर्व मृत्यु हो गयी है। 


ऐसे शिक्षकों के परिजनों को देय ग्रेच्युटी का भुगतान करने और दिनांक 03 फरवरी, 2004 के पश्चात उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद तथा अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल के ऐसे भी शिक्षकों, जिनके द्वारा सेवानिवृत्ति का विकल्प नहीं दिया गया और उनकी मृत्यु 60 वर्ष के पूर्व ही हो गयी तथा ऐसे शिक्षक जिन्होंने 62 वर्ष पर सेवानिवृत्ति का विकल्प भरा किन्तु विकल्प परिवर्तन के लिए निर्धारित अवधि के पूर्व मृत्यु हो गयी है, के परिजनों को देय ग्रेच्युटी का भुगतान करने का प्रस्ताव है।



मृत बेसिक शिक्षकों के परिजनों को ग्रेच्युटी का रास्ता साफ, जिन्होंने नहीं भरा ग्रेच्युटी का विकल्प, उन्हें अब दिया जा सकेगा लाभ


लखनऊ। प्रदेश कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश न बेसिक शिक्षा परिषद तथा अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल के शिक्षकों को सेवानिवृत्ति की आयु के पूर्व असामयिक मृत्यु की दशा में ग्रेच्युटी के भुगतान संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।


निर्णय के मुताबिक सेवानिवृत्त की आयु 58 वर्ष रहने तक की अवधि के बेसिक शिक्षा परिषद तथा अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल के ऐसे शिक्षक जिनके द्वारा सेवानिवृत्त का विकल्प नहीं दिया गया और उनकी मृत्यु 58 वर्ष के पूर्व ही हो गई, उन्हें भी ग्रेच्युटी का भुगतान किया जा सकेगा। इसके साथ ही ऐसे भी शिक्षक जिन्होंने 60 वर्ष पर सेवानिवृत्त का विकल्प भरा लेकिन विकल्प परिवर्तन के लिए निर्धारित अवधि के पूर्व मृत्यु हो गई, ऐसे शिक्षकों के परिजनों को भी ग्रेच्युटी का भुगतान करने का निर्णय हुआ। 


इसी तरह तीन फरवरी 2004 के बाद बेसिक शिक्षा परिषद तथा अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल के ऐसे शिक्षक, जिनके द्वारा सेवानिवृत्त का विकल्प नहीं दिया गया और उनकी मृत्यु हो गई, ऐसे शिक्षकों के परिजनों को भी ग्रेच्युटी भुगतान किया जा सकेगा। इससे इन परिजनों को आर्थिक मदद हो सकेगी और विवाद की स्थिति भी समाप्त होगी।


उ०प्र० बेसिक शिक्षा परिषद तथा अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल के शिक्षकों को सेवानिवृत्ति की आयु के पूर्व असामयिक मृत्यु की दशा में ग्रेच्युटी के भुगतान के सम्बन्ध में।



मृत बेसिक शिक्षकों के परिजनों को ग्रेच्युटी का रास्ता साफ, जिन्होंने नहीं भरा ग्रेच्युटी का विकल्प, उन्हें अब दिया जा सकेगा लाभ, ग्रेच्यूटी के नए प्रस्ताव को योगी कैबिनेट की मंजूरी Reviewed by प्राइमरी का मास्टर 2 on 8:48 AM Rating: 5

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