69000 भर्ती में यूपी सरकार को राहत, हाईकोर्ट ने किया भर्ती का रास्ता साफ, 32 हजार पदों पर हो सकेगी भर्ती

69 हजार सहायक शिक्षकों की भर्ती में यूपी सरकार को राहत, हाईकोर्ट ने किया भर्ती का रास्ता साफ, 32 हजार पदों पर हो सकेगी भर्ती 


तीन जून को एकल बेंच के आदेश पर रोक,यूपी सरकार लगभग 32 हजार पदों पर कर सकेगी भर्ती लखनऊ,12 जून । हाईकोर्ट की लखनऊ खंण्ड पीठ ने प्रदेश के प्राथमिक स्कूलो में 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती मामले में एकल पीठ द्वारा जारी 3 जून के आदेश पर रोक लगा दी हैं। 


इस आदेश से प्रदेश सरकार द्वारा की जा रही शिक्षक भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। यानी अब यूपी सरकार सुप्रीम कोर्ट के 9 जून के आदेश से करीब 37 हजार पदों पर लगी रोक के अलावा शेष बचे लगभग 32 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बनाने को स्वतंत्र है। महाधिवक्ता राघवेंद्र सिंह व अपर मुख्य स्थाई अधिवक्ता रन विजय सिंह द्वारा दायर विशेष अपीलों पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने एकल पीठ के आदेश पर रोक लगाते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार प्रदेश सरकार भर्ती की प्रक्रिया जारी रख सकती है। 


अदालत के इस आदेश से चयनित किये जा रहे 69 हजार शिक्षकों को बड़ी : राहत मिली है। यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज कुमार जायसवाल व न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह की पीठ ने राज्य सरकार की ओर से दायर तीन विशेष अपीलो पर यह आदेश दिए है। विशेषअपील दायर कर एकल पीठ के गीत 3 जून के आदेश को चुनौती दी गयी थी । 


राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राघवेंद्र सिंह व अपर मुख्य स्थाई अधिवक्ता रणविजय सिंह ने अदालत को बताया कि गत 3 जून को एकल पीठ द्वारा दिया गया अंतरिम आदेश विधि विरुद्ध है। महाधिवक्ता ने सुनवाई के समय अनेक न्यायनिर्णयो का हवाला देते हुए कहा था कि इसपर रोक लगायी जाय और खारिज किया जाय क्योंकि कानून की दृष्टि से यह आदेश उचित नहीं है।

 विदित हो कि पहले 3 जून को एकल पीठ ने आदेश देते हुए भर्ती प्रक्रिया पर फिलहाल 12 जुलाई तक रोक लगा दी थी। इस आदेश से प्रदेश सरकार द्वारा की जा रही काउंसलिग रोकनी पड़ी थी। 3 जून को एकल पीठ ने फैसले में कहा था कि विवादित प्रश्नों पर आपत्तियों को एक सप्ताह के भीतर परीक्षा नियामक प्राधिकरण इन पत्तियों को यूजीसी के विशेषज्ञों को भेजेगी। यूजीसी इन आपत्तियों का निस्तारण करेगी। 


विशेष अपील दायर कर एकल पीठ के इस 3 जून के आदेश को चुनौती दी गई है। विदित हो कि पहले याचिका दायर कर अनेक याची गणों ने शिक्षक भर्ती के लिए आयोजित लिखित परीक्षा के 13 सवालों पर आपत्ति उठायी थी। याचियों का कहना था कि बेसिक शिक्षा विभाग ने जो आंसर की जारी की, उसमें उन सवालों के उत्तर कुछ और थे, जबकि एनसीईआरटी की किताबों में कुछ और दिया है। इस मामले में एकल पीठ ने आदेश देते हुए गत 3 जून को रोक लगा दी थी। 


राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राघवेंद्र सिंह व अपर मुख्य स्थाई अधिवक्ता रन विजय सिंह ने विशेष अपील पर मजबूती से अपना पक्ष रखा था। सुनवाई के बाद अदालत ने 8 जून को आदेश सुरक्षित कर लिया था। आज आदेश देते हुए हाईकोर्ट ने एकल पीठ के आदेश पर रोक लगा दी साथ ही भर्ती प्रक्रिया भी जारी रखने की छूट भी राज्य सरकार को दी है ।


69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती मामले में राज्य सरकार को हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच से बड़ी राहत मिली है। न्यायालय ने सरकार की तीन अपीलों को सुनवाई के लिए मंजूर करते हुए एकल पीठ के तीन जून के आदेश पर अपने अगले आदेश तक रोक लगा दी है। न्यायालय ने सरकार को भर्ती प्रक्रिया जारी रखने की अनुमति भी दे दी है।


कब-कब क्या हुआ

सभी पदों पर भर्ती नहीं: हालांकि सुप्रीम कोर्ट के 21 मई और नौ जून के शिक्षामित्रों से जुड़े आदेशों के मद्देनजर 37,339 पदों को छोड़कर बाकी पदों पर ही भर्ती प्रक्रिया हो सकेगी।

नोटिस भेजने का आदेश:यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज कुमार जायसवाल और न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह की खंडपीठ ने परीक्षा नियंत्रक प्राधिकरण की ओर से दाखिल अपीलों पर दिया। न्यायालय ने इन अपीलों में प्रतिवादी बनाए गए सभी अभ्यर्थियों को 10 दिनों में नोटिस भेजने का भी आदेश दिया है।


आदेश में कोर्ट ने कहा कि एकल पीठ ने रणविजय सिंह बनाम यूपी सरकार मामले में दिए अंतरिम आदेश में सर्वोच्च न्यायालय के उस ऑब्जर्वेशन को स्वीकार किया कि परीक्षा के किसी प्रश्न पर शंका होने पर इसका लाभ परीक्षा प्राधिकरण को मिलना चाहिए। इसके बावजूद एकल पीठ ने भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी और विवादित प्रश्न यूजीसी के समक्ष भेजने का आदेश दे दिया।


69 हजार अध्यापक भर्ती मामले में हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सरकार को राहत देते हुए एकल पीठ के 3 जून के आदेश पर रोक लगा दी है। इस प्रकार सरकार को इस भर्ती में कोर्ट से दूसरी बड़ी राहत मिली है। इससे पहले 6 मई को सरकार को उस वक्त राहत मिली थी जब 60/65 प्रतिशत के आदेश को हाईकोर्ट ने बहाल कर दिया था।


6 जनवरी 2019 को हुई लिखित परीक्षा के ठीक एक दिन बाद सरकार ने कटऑफ 60/65 प्रतिशत करने का आदेश जारी किया था। इसके खिलाफ कुछ अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका कर दी। जिस पर हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने 40/45 प्रतिशत कटऑफ पर भर्ती करने का आदेश दिया। इस आदेश के खिलाफ सरकार ने हाईकोर्ट लखनऊ की डबल बेंच में अपील की। जिस पर 6 मई 2020 को हाईकोर्ट ने सरकार को राहत देते हुए सिंगल बेंच के आदेश को खारिज कर दिया और 60/65 प्रतिशत कटऑफ पर तीन महीने में भर्ती का आदेश दिया था। इसी के बाद परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय ने संशोधित उत्तरकुंजी जारी करते हुए 12 मई को परिणाम घोषित किया। इसी संशोधित उत्तरमाला के प्रश्नों को कुछ अभ्यर्थियों ने चुनौती दी थी जिस पर हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने सारी प्रक्रिया पर रोक लगाते हुए यूजीसी के एक्सपर्ट पैनल से आपत्तियों का निस्तारण करने का आदेश 3 जून को दिया था। इसी आदेश के खिलाफ सरकार डबल बेंच में गई थी जहां शुक्रवार को सरकार को राहत मिली।
69000 भर्ती में यूपी सरकार को राहत, हाईकोर्ट ने किया भर्ती का रास्ता साफ, 32 हजार पदों पर हो सकेगी भर्ती Reviewed by प्राइमरी का मास्टर 2 on 6:58 AM Rating: 5

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