CSR साझेदारी से बदलेगी यूपी के परिषदीय स्कूलों की तस्वीर, डेढ़ लाख बच्चों तक पहुंचेगी एआई और स्मार्ट शिक्षा
CSR साझेदारी से बदलेगी यूपी के परिषदीय स्कूलों की तस्वीर, डेढ़ लाख बच्चों तक पहुंचेगी एआई और स्मार्ट शिक्षा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में तकनीक आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में बेसिक शिक्षा विभाग ने बड़ी पहल शुरू की है। विभाग ने इनवेस्ट यूपी के सीएसआर बॉक्स के माध्यम से कई प्रमुख राष्ट्रीय संस्थाओं और कंपनियों के साथ काम करने पर सैद्धांतिक सहमति दी है। इस पहल का उद्देश्य सरकारी स्कूलों को स्मार्ट बनाना, बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा से जोड़ना और शिक्षकों की क्षमता को विकसित करना है।
इस अभियान के तहत गूगल, मालाबार ग्रुप, एआई पाठशाला, सक्षम विद्यार्थी, एपीएल अपोलो, द टीचर एप और सिमंश इंडिया जैसी संस्थाओं के साथ लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) हस्ताक्षरित किए गए हैं। कंपनियां अपने सीएसआर फंड के जरिए स्कूलों में आईसीटी लैब, स्मार्ट क्लास, एआई इंटीग्रेशन और छात्र सहायता कार्यक्रम संचालित करेंगी।
एआई पाठशाला द्वारा प्रदेश के लगभग 1000 विद्यालयों में कक्षा 6 से 8 तक के करीब डेढ़ लाख विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ा मूलभूत प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही लगभग 3000 सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को डिजिटल और एआई आधारित शिक्षण प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। इस कार्यक्रम के लिए लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी, नोएडा और गोरखपुर जैसे जिलों को प्राथमिकता में रखा गया है।
सक्षम विद्यार्थी संस्था बच्चों में जीवन कौशल और अनुभवात्मक शिक्षा को बढ़ावा देने पर कार्य करेगी, जबकि गूगल डिजिटल शिक्षा और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों को मजबूत करने में सहयोग करेगा।
मालाबार ग्रुप द्वारा सत्र 2026-27 में 150 से 250 माइक्रो लर्निंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इसके माध्यम से करीब 10 हजार बच्चों को बुनियादी शिक्षा और पोषण सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की 11वीं और 12वीं की 1500 छात्राओं को छात्रवृत्ति देने की योजना भी बनाई गई है।
विद्यालयों के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए एपीएल अपोलो सहयोग करेगा। वहीं “द टीचर एप” सभी परिषदीय और माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को निशुल्क डिजिटल प्रशिक्षण उपलब्ध कराएगा। इसमें एफएलएन, डिजिटल दक्षता, छात्र सहभागिता और नेतृत्व विकास जैसे विषय शामिल होंगे।
इसके अतिरिक्त सिमंश इंडिया द्वारा 160 विद्यालयों के लगभग 60 हजार विद्यार्थियों को STEM यानी विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित आधारित शिक्षा से जोड़ा जाएगा। शिक्षा विभाग का मानना है कि यह पहल केवल छात्रों के लिए ही नहीं, बल्कि शिक्षकों के लिए भी नई सीख और तकनीकी दक्षता का बड़ा माध्यम बनेगी।
गूगल, मालाबार सहित कई संस्थाएं डेढ़ लाख छात्रों को बनाएंगी स्मार्ट, बेसिक शिक्षा विभाग ने संस्थाओं के साथ काम करने की दी सैद्धांतिक सहमति
शिक्षकों और छात्रों दोनों के लिए ही कारगर होगी यह पहल
लखनऊ। प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में अत्याधुनिक शिक्षा प्रदान करने की पहल तेज हो गई है। इनवेस्ट यूपी के सीएसआर बॉक्स के तहत कई नामी कंपनियां सहयोग के लिए आगे आई हैं। इससे विद्यालयों को स्मार्ट बनाने के साथ ही बच्चों को भी आधुनिक शिक्षा मिल सकेगी।
बेसिक शिक्षा विभाग ने हाल ही में गूगल, मालाबार, एआई पाठशाला और विद्यार्थी जैसी संस्थाओं से हाथ मिलाया है। इन संस्थाओं के साथ लेटर ऑफ इंटेंट (आशय पत्र) साइन किया गया है। यह कंपनियां अपने सीएसआर फंड से विद्यालयों को स्मार्ट बनाएंगी। इससे आईसीटी लैब, स्मार्ट क्लास, एआई इंटीग्रेशन और छात्राओं को छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएं मिलेंगी। गूगल विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सहयोग करेगा।
यूपी एआई पाठशाला लगभग 1000 स्कूलों में कक्षा छह से आठ तक के डेढ़ लाख बच्चों को एआई जागरूकता का मूलभूत पाठ्यक्रम कराएगा। यह 3000 सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को भी ट्रेनिंग देगा। लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी, नोएडा और गोरखपुर के जिलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सक्षम विद्यार्थी संस्था बच्चों को जीवन कौशल और अनुभव आधारित पढ़ाई को बढ़ावा देगी।
1500 छात्राओं को छात्रवृत्ति
मालाबार ग्रुप सत्र 2026-27 में 150 से 250 माइक्रो लर्निंग सेंटर शुरू करेगा। यह 10 हजार बच्चों की बेसिक पढ़ाई के साथ पोषण सहायता भी प्रदान करेगा। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की कक्षा 11वीं व 12वीं की 1500 छात्राओं को छात्रवृत्ति भी दी जाएगी। यह निपुण भारत के लक्ष्य प्राप्त करने और छात्राओं की शिक्षा में भी सहयोग करेगा। एपीएल अपोलो स्कूलों के बुनियादी ढांचे का उन्नयन में सहायता करेगा।
शिक्षकों का क्षमता संवर्धन
द टीचर एप सभी परिषदीय व माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को निशुल्क एप प्रयोग की सुविधा देगा। इसमें एफएलएन, डिजिटल दक्षता, छात्र जुड़ाव और नेतृत्व विकास की ट्रेनिंग होगी। सिमंश इंडिया 160 स्कूलों के 60 हजार छात्रों को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (स्टेम) की शिक्षा देगा। यह पहल शिक्षकों और छात्रों दोनों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।
CSR साझेदारी से बदलेगी यूपी के परिषदीय स्कूलों की तस्वीर, डेढ़ लाख बच्चों तक पहुंचेगी एआई और स्मार्ट शिक्षा
Reviewed by प्राइमरी का मास्टर 2
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6:57 AM
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