ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने में ECCE एजुकेटर पीछे, प्रदेश के 5182 एजुकेटर में सिर्फ 732 ने पोर्टल पर लगाई हाजिरी

ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने में ECCE एजुकेटर पीछे, प्रदेश के 5182 एजुकेटर में सिर्फ 732 ने पोर्टल पर लगाई हाजिरी

प्रयागराज : नई शिक्षा नीति के तहत बाल वाटिका में तीन से आठ साल तक के बच्चों को पढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार ने ईसीसीई एजुकेटर की भर्ती की है। इन पर बच्चों की प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल को मजबूत करने और 'बाल वाटिका' कक्षाओं के संचालन का दायित्व है।

प्रदेशभर में 5182 एजुकेटर तैनात हैं। इन सभी को प्रेरणा पोर्टल पर पंजीकरण कराने और आनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने का निर्देश दिया गया। अब तक प्रदेशभर के 3888 एजुकेटरों ने पोर्टल पर पंजीयन कराया है। इनमें जनपदों की ओर से 1425 एजुकेटर्स के प्रोफाइल का सत्यापन हुआ है जबकि आनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने वालों की संख्या सिर्फ 732 है। गोंडा, गोरखपुर, फरुखाबाद, आंबेडकर नगर, मुरादाबाद, मथुरा, हरदोई, हमीरपुर में एक भी एजुकेटर ने आनलाइन उपस्थिति नहीं दर्ज कराई है। प्रयागराज में दस, प्रतापगढ़ में 42, बरेली में 22, वाराणसी में 16, लखनऊ में मात्र दो लोगों की आनलाइन उपस्थिति है। स्कूल शिक्षा महानिदेशक ने इस पर नाराजगी जताई है।

समीक्षा में कहा गया कि सभी जनपदों में पांच प्रकार के डीसीएफ कंपोनेंट अर्थात बच्चों की सुविधा के अनुसार फर्नीचर, आउट डोर प्ले मैटेरियल, स्टेशनरी, लर्निंग कार्नर की प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड करने की स्थिति निराशाजनक है, हालांकि जनपद स्तर पर कार्य पूर्ण हैं। ईसीसीई एजुकेटर पर भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा, अवकाश संबंधी प्रकरण के समाधान के लिए भी हिदायत दी गई। मानदेय शीघ्र भेजने का आश्वासन मिला साथ ही आनलाइन उपस्थिति की समीक्षा हुई। आनलाइन उपस्थिति प्रेरणा पोर्टल पर नहीं दर्ज होगी तो ईसीसीई एजुकेटर का मानदेय भुगतान नहीं हो पाएगा। 



बिना हाजिरी के कैसे जारी हो रहा एजुकेटर्स का मानदेय ? बाल वाटिकाओं के ECCE एजुकेटर्स की हाजिरी पर सभी बीएसए से मांगा स्पष्टीकरण

38 जिलों में प्रोफाइल ही नहीं बनी, कई जिलों में 10% से भी कम हाजिरी

लखनऊ । बिना हाजिरी के ही सीसीई एजुकेटर्स का मानदेय दिया जा रहा है। इस बारे में खुद महानिदेशक स्कूल शिक्षा के कार्यालय ने सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) सवाल पूछा है। वजह यह कि विभाग के बड़े अफसरों की मॉनिटरिंग में हाजिरी को लेकर बड़ा झोल सामने अया है। प्रदेश में 38 जिले तो ऐसे हैं जहां पोर्टल पर एजुकेटर्स की प्रोफाइल ही नहीं बनी। इसके अलावा भी ज्यादातर जिलों में जितने एजुकेटर रजिस्टर्ड हैं, उसके मुकाबले 10% से भी कम की हाजिरी दर्ज हो रही है।

प्रदेश में इस समय करीब 77,000 प्राइमरी और कंपोजिट स्कूल ऐसे हैं, जिनके परिसर में बाल वाटिकाएं चल रही हैं। इनमें बच्चों की देखभाल और प्री प्राइमरी कक्षाओं में पढ़ाने के लिए सीसीई एजुकेटर भर्ती किए गए हैं। यह भर्ती आउटसोर्सिंग के जरिए की गई है। इनको 11 माह की संविदा पर 10,313 रुपये के मानदेय पर रखा गया है। पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना और उसी पर हाजिरी दर्ज करना अनिवार्य किया गया है।

मॉनिटरिंग में हुआ खुलासा : हाल ही में अधिकारियों ने इनकी हाजिरी की हाल ही में मॉनिटरिंग की गई तो इसमें बड़ा झोल सामने आया है। कुल 75 में से 38 जिले ऐसे हैं जहां पोर्टल पर इनकी प्रोफाइल ही नहीं बनी है और हाजिरी भी शून्य है। बाकी जिलों में भी जितने एजुकेटर रजिस्टर्ड हैं, उनकी भी अलग-अलग जिलों में 5% से 40% की ही हाजिरी पोर्टल पर दर्ज हो रही है।

जताई नाराज़गी
अपर परियोजना निदेशक राजेंद्र प्रसाद ने कम हाजिरी पर नाराजगी जताई है। उन्होंने प्रोफाइल बनाने और हाजिरी की स्थिति असंतोष जताया है। सभी BSA को पत्र लिखकर उनसे पूछा है कि बिना हाजिरी के सेवा प्रदाता कंपनी को इनके मानदेय कैसे दिया जा रहा है? सभी जिलों की हाजिरी का ब्योरा भेजकर इस बारे में स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही सभी की ऑनलाइन हाजिरी पोर्टल पर सुनिश्चित करवाने के निर्देश जारी किए है।




ईसीसीई एजुकेटरों का डाटा अपडेट नहीं, मांगा जवाब

ECCE एजुकेटर की उपस्थिति न दर्ज होने पर सभी बीएसए से स्पष्टीकरण तलब

लखनऊ। प्रदेश में प्री प्राइमरी शिक्षा के तहत को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों व बालवाटिका में ईसीसीई (प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा) एजुकेटर की तैनाती की गई है। इसके तहत इन ईसीसीई एजुकेटर की ऑनलाइन अटेंडेंस के भी निर्देश दिए गए हैं। किंतु इसमें अपेक्षित प्रगति नहीं हो रही है। 

समग्र शिक्षा के अपर परियोजना निदेशक राजेंद्र प्रसाद ने सभी बीएसए को निर्देश दिया है कि इनकी उपस्थिति प्रेरणा पोर्टल पर करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं किंतु रजिस्ट्रेशन के सापेक्ष प्रेरणा पोर्टल पर प्रोफाइल वेरीफिकेशन व ऑनलाइन उपस्थिति की स्थिति संतोषजनक नहीं है। अटेंडेंस दर्ज न होने पर किस आधार पर सेवा प्रदाता संस्था द्वारा इनका मानदेय जारी किया जा रहा है। उन्होंने सभी बीएसए से इस पर 20 मई तक स्पष्टीकरण मांगा है। 


प्री-प्राइमरी शिक्षा के अंतर्गत को लोकेटेड आंगनबाड़ी केन्द्रों / बालवाटिका में तैनात ईसीसीई एजुकेटर का रजिस्ट्रेशन प्रेरणा पोर्टल पर एवं तत्पश्चात उपस्थिति दर्ज कराये जाने के संबंध में






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