स्कूल चलो अभियान एक अप्रैल से, हर बच्चे को जोड़ने का लक्ष्य, शारदा एप के नए मॉड्यूल से होगी ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान
'गुम' हुए डेढ़ लाख से अधिक बच्चे फिर लौटेंगे पाठशाला, एक अप्रैल से स्कूल चलो अभियान का पहला चरण होगा शुरू
स्कूल चलो अभियान एक अप्रैल से, हर बच्चे को जोड़ने का लक्ष्य, शारदा एप के नए मॉड्यूल से होगी ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान
प्रयागराज : यूं तो बच्चों को शिक्षित और संस्कारित बनाने के लिए कई सरकारी अभियान चल रहे हैं। हाल ही में शिक्षा विभाग ने उन डेढ़ लाख से अधिक बच्चों की सुध ली है, जो पिछले सत्र से गुम हैं। वे कहां है, इसका पता लगाने की मुहिम शुरू हो चुकी है। एक अप्रैल से सभी परिषदीय स्कूलों में स्कूल चलो अभियान शुरू हो रहा है। इसमें अधिक से अधिक बच्चों का पंजीयन स्कूलों में कराने का प्रयास शिक्षक करेंगे। इसके लिए जागरूकता रैली सहित विभिन्न आयोजन कराने की तैयारी है।
वर्तमान में प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में लगभग 150660 बच्चे यू डायस (विद्यालय व बच्चों की विवरण तालिका) के ड्रापबाक्स (बच्चों की प्रगति तालिका) में दिखाई दे रहे हैं। सभी का नामांकन स्कूल चलो अभियान के तहत कराया जाना है।
शिक्षक अपने विद्यालय क्षेत्र के बच्चों और उनके अभिभावकों से संपर्क करेंगे। विद्यार्थियों तक पहुंचने व अधिक से अधिक बच्चों के पंजीयन के लिए शारदा एप पर नवविकसित माड्यूल जोड़ा गया है। इस पर क्लिक करते ही ड्रापआउट बच्चे प्रदर्शित होंगे। प्रयागराज में करीब 30 हजार विद्यार्थी ड्राप बाक्स में हैं। उन्हें चिह्नित करते हुए विद्यालय तक लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
बीएसए अनिल कुमार ने कहा स्कूल चलो अभियान का पहला चरण 15 अप्रैल तक चलेगा। दूसरा चरण एक जुलाई से 15 जुलाई तक चलाया जाएगा। छह से 14 वर्ष तक के सभी बच्चों को निश्शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है। यू डायस के ड्राप बाक्स के बच्चों को भी स्कूल से जोड़ना है। ड्राप बाक्स के बच्चे यदि विद्यालय में नामांकित है तो वास्तविक स्थिति एप के माध्यम से अपडेट करना है।
ड्रॉप आउट बच्चों की निगरानी के लिए लागू होगी ट्रैकिंग व्यवस्था, बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग की नए सत्र से इसे लागू करने की तैयारी
लखनऊ। परिषदीय और माध्यमिक विद्यालयों में एक अप्रैल से नया सत्र शुरू हो रहा है। इसमें नामांकन के बाद बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चों (ड्रॉप आउट) पर ज्यादा नजर रहेगी। इसके लिए बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग प्रदेश में ट्रैकिंग व्यवस्था लागू करेगा। इसमें किसी भी छात्र के स्कूल से लगातार गायब रहने पर संबंधित अधिकारियों को तुरंत सूचना मिलेगी।
यदि कोई छात्र नामांकन के बाद विद्यालय आना बंद करता है या लगातार अनुपस्थित रहता है तो इसकी जानकारी मैसेज से प्रधानाध्यापक, ग्राम प्रधान और बीएसए, डीआईओएस तक पहुंच जाएगी। इससे समय रहते छात्रों की पहचान कर उन्हें दोबारा स्कूल से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी। एक मंडल में हुए ट्रायल में इससे छात्रों की उपस्थिति बढ़ी और ड्रॉपआउट के मामलों में कमी आई है।
इसे देखते हुए अब यह व्यवस्था पूरे प्रदेश में लागू करने की तैयारी है। ट्रैकिंग सिस्टम से चिह्नित छात्रों के घर शिक्षकों की टीम जाएगी और अभिभावकों से संवाद कर स्कूल छोड़ने के कारणों की जांच करेगी। इसका कारण आर्थिक, सामाजिक या अन्य होगा तो शासन की योजनाओं से सहायता उपलब्ध कराई जाएगी ताकि छात्र फिर से पढ़ाई से जुड़ सके।
स्कूल चलो अभियान एक अप्रैल से, हर बच्चे को जोड़ने का लक्ष्य, शारदा एप के नए मॉड्यूल से होगी ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान
Reviewed by प्राइमरी का मास्टर 2
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6:53 AM
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