UPTET हेतु ऑनलाइन आवेदन 27 मार्च से होगा शुरू, पंजीकरण, आवेदन और फीस जमा करने की अंतिम तिथि 26 अप्रैल, दो, तीन और चार जुलाई को होगी शिक्षक पात्रता परीक्षा UPTET

UPTET आवेदन प्रक्रिया शुरू, मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर व ई-मेल आइडी जारी

प्रयागराजः उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) के लिए आनलाइन आवेदन /रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू हो गई। आवेदन प्रक्रिया शुरू करने से पहले उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष डा. प्रशांत कुमार ने आनलाइन माध्यम से पोर्टल को गो-लाइव किया। आवेदन 26 अप्रैल तक किए जा सकेंगे। 

आवेदन में कोई त्रुटि होने पर संशोधन शुल्क जमा कर एक मई तक संशोधन किए जा सकेंगे। इस दौरान आयोग के परीक्षा नियंत्रक, उपसचिव एवं बैंक के कर्मचारी उपस्थित रहे। आयोग ने अभ्यर्थियों की सहूलियत के लिए वेबसाइट पर हेल्पलाइन नंबर एवं ई-मेल आइडी जारी किए हैं। उप सचिव संजय कुमार सिंह के अनुसार आवेदन करते समय किसी तरह की तकनीकी

समस्या आने पर अभ्यर्थी सोमवार से शनिवार तक सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक 9899677276 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। अर्हता संबंधी समस्या के समाधान के लिए सुबह 10 से शाम पांच बजे तक 0532-2466851 नंबर पर संपर्क किया जा सकेगा। शुल्क संबंधी दिक्कतों के समाधान के लिए एसबीआइ के नंबर 022-65361671 तथा आइसीआइसीआइ बैंक से जुड़े नंबर 9653686149 पर अभ्यर्थी संपर्क कर सकेंगे। आयोग की वेबसाइट upessc.gov.up.in पर दी गई ई-मेल आइडी व अन्य नंबरों की जानकारी उपलब्ध कराई गई है। आवेदन करने से पहले ओटीआर नंबर वेबसाइट पर उपलब्ध विंडो पर जानकारी भरकर प्राप्त करना अनिवार्य है।



जिनकी एक से अधिक जीवित पत्नियां वे UPTET में नहीं कर सकेंगे आवेदन

प्रयागराज : उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के लिए आवेदन करने वालों को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने दिशा-निर्देश गंभीरता से पढ़ने की सलाह दी है। कहा है कि गलत सूचना देने पर अभ्यर्थन स्वतः निरस्त हो जाएगा। यह भी स्पष्ट किया है कि ऐसे विवाहित पुरुष अभ्यर्थी जिनकी एक से अधिक जीवित पत्नियां हैं अथवा ऐसी महिला अभ्यर्थी जिसने ऐसे पुरुष से विवाह किया है जिसके पहले से एक जीवित पत्नी है, वे पात्र नहीं समझे जाएंगे, बशर्ते कि राज्यपाल द्वारा इस प्रतिबंध से मुक्ति प्रदान न कर दी गई हो। इसके अलावा दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए श्रुतलेखक की शैक्षिक योग्यता अधिकतम इंटरमीडिएट निर्धारित की गई है।

आयोग के अनुसार पूर्ण रूप से दृष्टिबाधित व शारीरिक रूप से अक्षम ऐसे अभ्यर्थियों को श्रुतलेखक की सुविधा दी जाएगी, जो लिखने में अथवा गोला काला करने में असमर्थ होंगे। इसमें यह शर्त भी है कि श्रुतलेखक को अभ्यर्थी अपने साथ स्वयं लाएंगे। श्रुतलेखक साथ लाने के आशय का प्रत्यावेदन परीक्षा तिथि से पूर्व परीक्षा केंद्र के व्यवस्थापक को देकर उनसे उसे बैठाए जाने की अनुमति अभ्यर्थी को प्राप्त करनी होगी। इसमें यह ध्यान रखना होगा कि श्रुतलेखक की शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट से अधिक नहीं होनी है। चाहिए। इसके साथ ही ऐसे अभ्यर्थी को 30 मिनट का अतिरिक्त समय प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। श्रुतलेखक की सुविधा चाहने वाले अभ्यर्थियों को दिव्यांगता का प्रमाणपत्र उपलब्ध कराना अनिवार्य है। टीईटी में आवेदन के लिए किसी भी आरक्षण का लाभ उत्तर प्रदेश के मूल निवासी के लिए ही अनुमन्य परीक्षा में उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम 2024 लागू होगा, जिसके अंतर्गत आजीवन कारावास और एक एक करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रविधान है।



उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग 26 अप्रैल तक लेगा UPTET के आवेदन, आज से शुरू होगा रजिस्ट्रेशन 

प्रयागराज : वर्ष 2021 के बाद पहली बार उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग टीईटी का आयोजन करा रहा है। आवेदन से संबंधित सभी आवश्यक शर्तें, अर्हता, शुल्क और दिशा-निर्देश आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध कराए गए हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 26 अप्रैल निर्धारित की गई है। 

अभ्यर्थी अपनी योग्यता के अनुसार प्राथमिक स्तर, उच्च प्राथमिक स्तर या दोनों स्तरों की परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं। दोनों स्तर की टीईटी के आवेदन के लिए अभ्यर्थियों को एक ही आनलाइन आवेदन में दोनों प्रश्नपत्रों की परीक्षा के चयन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। आयोग ने आवेदन के समय शुल्क भुगतान संबंधी अभ्यर्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए दो बैंकों से समझौता (एमओयू) किया है। 

आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार टीईटी-2026 परीक्षा दो, तीन और चार जुलाई को प्रस्तावित है। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूर्ण कर लें और वेबसाइट पर जारी दिशा-निर्देशों का सावधानीपूर्वक पालन करें।



UPTET में पहली बार EWS को भी मिलेगा आरक्षण, 55 प्रतिशत पर होंगे ईडब्ल्यूएस, ओबीसी, एससी-एसटी पास, अनारक्षित के लिए 60 प्रतिशत अंक अनिवार्य

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी-टीईटी) 2026 में पहली बार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) वर्ग के अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ मिलेगा। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से 20 मार्च को जारी गाइडलाइन में प्रावधान किया गया है। अनारक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को पूर्णांक 150 में से 90 अंक अर्थात 60 प्रतिशत और अधिक अंक प्राप्त करने पर पात्रता प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। वहीं अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग/ईडब्ल्यूएस/स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित/भूतपूर्व सैनिक व दिव्यांग श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम अर्हक अंक 55 प्रतिशत अर्थात् पूर्णांक 150 में से 82 अंक होगा।

यूपी-टीईटी में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के अंकों का विवरण आयोग की वेबसाइट पर जारी किया जाएगा। इससे पहले 2021 में आयोजित यूपी-टीईटी में ईडब्ल्यूएस वर्ग के अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ नहीं मिला था। ये अलग बात है कि केंद्र सरकार ने जनवरी और उत्तर प्रदेश सरकार ने फरवरी 2019 में ईडब्ल्यूएस आरक्षण लागू किया था। चयन आयोग के पीआरओ डॉ. संजय कुमार सिंह का कहना है कि ईडब्ल्यूएस वर्ग को अन्य आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के समान अर्हक अंक में पांच प्रतिशत की छूट दी गई है। इसके लिए शासन की अनुमति ली गई है।

एनसीटीई ने छूट का किया है प्रावधान
राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की टीईटी गाइडलाइन 2011 में स्पष्ट प्रावधान है कि स्कूल प्रबंधन (सरकारी, स्थानीय निकाय, सहायता प्राप्त और अशासकीय) एस/एसटी, ओबीसी, दिव्यांगजन आदि आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों को अपनी मौजूदा आरक्षण नीति के अनुसार छूट दे सकते हैं। जानकारों की मानें तो उत्तर प्रदेश सरकार ने ईडब्ल्यूएस वर्ग को टीईटी के अर्हक अंक में छूट देने का प्रावधान किया है, जो संवैधानिक न्याय और सामाजिक समावेशन की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।

स्क्रूटनी के आवेदन पर नहीं होगा विचार
आयोग के उपसचिव डॉ. संजय कुमार सिंह के अनुसार मशीन (इलेक्ट्रॉनिक संसाधन) के माध्यम से स्कैनिंग किए जाने वाल मूल्यांकन में अत्यंत सावधानी बरती जाती है व इनकी बारंबार संवीक्षा की जाती है। ओएमआर उत्तर पत्रक की पुनः जांच, पुनः आंकलन, पुनः मूल्यांकन अथवा संवीक्षा के लिए निवेदन व इस संबंध में कोई पत्राचार स्वीकार नहीं किया जाएगा।



UPTET का आवेदन शुल्क बढ़ा, चार साल बाद सभी श्रेणियों के अभ्यर्थियों के लिए बढ़ाया गया है परीक्षा शुल्क

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग 27 मार्च से लेगा यूपीटीईटी के लिए आवेदन

प्रयागराजः उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी)-2026 के लिए चार वर्ष बाद आवेदन शुल्क में बढ़ोतरी की है। इससे अभ्यर्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बढ़ेगा। नई व्यवस्था के अनुसार प्राथमिक (कक्षा एक से पांच) और उच्च प्राथमिक (कक्षा छह से आठ) दोनों स्तरों की टीईटी के लिए आवेदन करने वाले सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के अभ्यर्थियों को अब 2000 रुपये शुल्क देना पड़ेगा। इसी तरह हर श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए शुल्क में वृद्धि की गई है।

इससे पहले वर्ष 2021 में टीईटी का आयोजन उत्तर प्रदेश परीक्षा नियामक प्राधिकारी (पीएनपी) ने कराया था। उसमें दोनों स्तरों की टीईटी के शुल्क 1200 रुपये निर्धारित था। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक में से किसी एक के लिए शुल्क 600 रुपये था, जबकि अब एक स्तर के लिए शुल्क बढ़ाकर 1000 रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए भी शुल्क में वृद्धि की गई है। अब दोनों स्तरों के लिए उन्हें 1000 रुपये देना होगा, जबकि वर्ष 2021 में यह शुल्क 800 रुपये था। पहले एक-एक स्तर के लिए 400 रुपये शुल्क निर्धारित था, जिसे अब बढ़ाकर 500 रुपये किया गया है।

दिव्यांग अभ्यर्थियों को भी इस बार अधिक शुल्क देना पड़ेगा। पहले जहां दोनों स्तरों के लिए कुल 200 रुपये (100-100 रुपये प्रति स्तर) शुल्क लिया जाता था, वहीं अब इसे बढ़ाकर 400 रुपये (200-200 रुपये प्रति स्तर) कर दिया गया है। आयोग के इस निर्णय को लेकर अभ्यर्थियों में मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। जहां कुछ अभ्यर्थी इसे प्रशासनिक खर्चों में वृद्धि के कारण आवश्यक बता रहे हैं, तो वहीं बड़ी संख्या में अभ्यर्थी इसे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए बोझ मान रहे हैं।



अब सभी डीएलएड प्रशिक्षु और शिक्षक भी दे सकेंगे UPTET की परीक्षा, उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की बैठक में फैसला लिया, देखें जारी शुद्धिपत्र 

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी)-2026 के विज्ञापन में बदलाव करते हुए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने डीएलएड प्रशिक्षुओं और सेवारत शिक्षकों को बड़ी राहत दी है। अब डीएलएड के प्रथम और द्वितीय सेमेस्टर के प्रशिक्षु और सभी सेवारत सहायक अध्यापक भी टीईटी के लिए आवेदन कर सकेंगे। यह निर्णय मंगलवार को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की बैठक में लिया गया।

आयोग ने 20 मार्च को टीईटी- 2026 का विज्ञापन जारी किया था, जिसमें कुछ ऐसे प्रावधान थे, जिनके कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थी आवेदन से वंचित हो रहे थे। टीईटी के विज्ञापन पर उठे रहे सवालों को प्रमुखता से उठाने का संज्ञान लेते हुए आयोग ने मंगलवार को हुई बैठक में इस पर विचार किया। सभी पहलुओं पर विचार के बाद आयोग ने विज्ञापन में संशोधन करने का फैसला लिया।

उप सचिव डॉ. संजय कुमार सिंह की ओर से जारी शुद्धिपत्र के अनुसार अब शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में प्रवेश ले चुके या अध्ययनरत अभ्यर्थी भी टीईटी के लिए पात्र होंगे। पहले केवल अंतिम वर्ष में शामिल और उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को ही पात्र माना गया था, जिसे अब बदल दिया गया है। 

इस संशोधन से डीएलएड के तीन लाख प्रशिक्षुओं को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा, सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुरूप सेवारत सभी सहायक अध्यापकों को भी परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी गई है। पूर्व में विज्ञापन में उच्च प्राथमिक स्तर की टीईटी में विशिष्ट बीटीसी को शामिल नहीं करने के बीपीएड, डीपीएड और सीपीएड प्रशिक्षण के आधार पर चयनित अभ्यर्थी बाहर हो गए थे। इन्हें भी शामिल कर लिया गया है।

 प्राथमिक स्तर की टीईटी के अर्हता की टिप्पणी में बीएड का उल्लेख था, इसे भी विलोपित कर दिया गया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह संशोधन न्यायालय के आदेश और एनसीटीई के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया गया है। नए प्रावधान लागू होने के बाद अब अधिक से अधिक अभ्यर्थी टीईटी-2026 में भाग ले सकेंगे।




UPTET : प्राथमिक टीईटी में पांच एवं उच्च प्राथमिक टीईटी में चार विषयों से पूछे जाएंगे प्रश्न

प्रयागराजः उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने वर्ष 2026 की उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) के लिए प्रश्नपत्रों की विषयवस्तु के साथ प्रश्नों की संख्या और उनके अंक के संबंध में भी जानकारी दी है। इससे अभ्यर्थियों को तैयारी को सुव्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। विषयवस्तु के अनुसार प्राथमिक स्तर (कक्षा एक से पांच) की टीईटी में पांच विषयों से प्रश्न पूछे जाएंगे, जबकि उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा छह से आठ) तक की टीईटी के लिए चार विषयों से जुड़े प्रश्न रहेंगे। 

शिक्षा सेवा चयन आयोग के अनुसार प्राथमिक स्तर की टीईटी के लिए जो प्रश्नपत्र होंगे, उनके प्रश्न बाल विकास एवं शिक्षण विधि, भाषा प्रथम (हिंदी), भाषा द्वितीय (अंग्रेजी/उर्दू संस्कृत), गणित तथा पर्यावरणीय अध्ययन विषयवस्तु पर केंद्रित होंगे। उच्च प्राथमिक स्तर की टीईटी के प्रश्नपत्र में सभी के लिए भाषा प्रथम (हिंदी) और भाषा द्वितीय (अंग्रेजी/उर्दू संस्कृत) से 30-30 प्रश्न होंगे। आयोग के अनुसार, दोनों स्तरों की टीईटी ढाई-ढाई घंटे की होंगी।



UPTET से हजारों सरकारी शिक्षक भी बाहर, बीपीएड, सीपीएड और डीपीएड करने वालों को मौका नहीं, प्राथमिक स्तर पर अवसर, उच्च प्राथमिक में वंचित


🔴 टीईटी पर उठे सवाल

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शिक्षकों को भी पास करनी है टीईटी

पहली बार यूपी-टीईटी में सेवारत शिक्षकों को भी किया शामिल


प्रयागराज। पांच साल बाद होने जा रही उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी-टीईटी) में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने हजारों सरकारी शिक्षकों को ही बाहर का रास्ता दिखा दिया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार कक्षा एक से आठ तक के सभी सरकारी शिक्षकों के लिए टीईटी को अनिवार्य माना है। यही कारण है कि यूपी-टीईटी में भी पहली बार सेवारत शिक्षकों को शामिल किया गया है।

हालांकि चयन आयोग की ओर से जारी गाइडलाइन में उच्च प्राथमिक स्तर की टीईटी में बीएड के आधार पर नियुक्त शिक्षकों को तो आवेदन का मौका दिया गया है, लेकिन डीपीएड, बीपीएड और सीपीएड के आधार पर विशिष्ट बीटीसी के माध्यम से चयनित और वर्तमान में कक्षा छह से आठ में पढ़ा रहे परिषदीय शिक्षकों को बाहर कर दिया है। 

यह स्थिति तब है जब अध्यापक सेवा नियमावली 1981 में बीटीसी, विशिष्ट बीटीसी और उर्दू बीटीसी को समकक्ष माना है। 2013 में आई उच्च प्राथमिक स्तर पर 29334 गणित और विज्ञान भर्ती में भी विशिष्ट बीटीसी करने वाले अभ्यर्थियों को भी मौका दिया गया था। लेकिन यूपी-टीईटी 2026 से बाहर होने के कारण ये शिक्षक परेशान हैं, क्योंकि टीईटी नहीं करने पर इनकी नौकरी चली जाएगी।

इसी प्रकार प्राथमिक स्तर पर पढ़ा रहे बीपीएड, डीपीएड और सीपीएड योग्यताधारी शिक्षक उच्च प्राथमिक स्तर पर पदोन्नति भी नहीं पा सकेंगे, क्योंकि इन्हें शामिल नहीं किया गया है। उत्तर प्रदेश में 1999, 2004 और 2007-08 में विशिष्ट बीटीसी के प्रशिक्षण के चयन में बीएड के साथ-साथ बीपीएड, सीपीएड और डीपीएड वालों को मौका दिया गया था। इसके आधार पर हजारों अभ्यर्थी परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों के सहायक अध्यापक के रूप में नियुक्त हुए थे। उसके बाद आरटीई 2009 लागू हो गया। 

केंद्र सरकार ने शिक्षकों की अर्हता निर्धारित करने के लिए एक अप्रैल 2010 को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) को अधिकृत किया था। 23 अगस्त 2010, 29 जुलाई 2011 और 12 नवंबर 2014 की अधिसूचना के माध्यम से एनसीटीई ने शिक्षकों की नियुक्ति और पदोन्नति की अर्हता निर्धारित की थी।


दो साल के अंदर पास करनी है टीईटी

सुप्रीम कोर्ट ने एक सितंबर के अपने आदेश में 23 अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त सरकारी शिक्षकों के लिए भी सेवा में बने रहने और पदोन्नति के लिए टीईटी को अनिवार्य माना था। सेवा में बने रहने के लिए दो वर्ष के अंदर टीईटी उत्तीर्ण करने के आदेश दिए हैं। पदोन्नति के लिए उस संवर्ग की टीईटी को अनिवार्य बताया है। केवल उन्हीं शिक्षकों को राहत दी है जिनकी पांच वर्ष से कम की सेवा बाकी है।

सेवारत शिक्षकों को देनी होगी सैलरी स्लिप

यूपी-टीईटी के ऑनलाइन आवेदन में सरकारी शिक्षकों को अपनी नवीनतम सैलरी स्लिप (वेतन पर्ची) भी अपलोड करनी होगी। इसके अलावा अन्य आवश्यक विवरण जैसे शिक्षक का प्रकार, संगठन/विद्यालय का नाम, ज्वॉइनिंग तिथि, सेवानिवृत्ति तिथि तथा मानव संपदा कोड भी भरना होगा।



अभ्यर्थियों की संख्या अधिक होने के कारण UPTET में नॉर्मलाइजेशन का निर्णय, होगा विवाद, उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की गाइडलाइन में उल्लेख

अभ्यर्थियों की संख्या अधिक होने को बताया कारण

एक दिन और पाली में नहीं होगी एक स्तर की परीक्षा


प्रयागराज। पांच साल बाद होने जा रही उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी-टीईटी) में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग नॉर्मलाइजेशन (मानकीकरण) लागू कर सकता है। चयन आयोग की गाइडलाइन के अनुसार यूपी-टीईटी 2026 में प्राप्त आवेदन पत्रों की संख्या अत्यधिक होती है और सभी अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा एक ही पाली और दिन में आयोजित किया जाना सुविधाजनक नहीं होता है तो लिखित परीक्षा एक से अधिक पालियों और दिनों में आयोजित की जा सकती है।

यदि परीक्षा एक से अधिक पालियों या दिनों में आयोजित की जाती है तो अभ्यर्थियों के तुलनात्मक मूल्यांकन के लिए स्कोर के नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया लागू होगी। मानकीकरण में वही फॉर्मूला लागू होगा जो कर्मचारी चयन आयोग, उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड आदि की ओर से लागू किया जाता है। ऐसा होने पर अंकों को लेकर विवाद होना तय है। जब परीक्षा कई शिफ्टों में होती है, तो हर शिफ्ट का पेपर समान कठिनाई का नहीं होता। तमाम अभ्यर्थियों का मानना है कि कठिन शिफ्ट में अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद नॉर्मलाइजेशन के बाद उनके अंक कम हो सकते हैं। 

इससे पहले उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने भी दो साल पहले पीसीएस और आरओ/एआरओ की प्रारंभिक परीक्षाओं में नॉर्मलाइजेशन (मानकीकरण) लागू करने की कोशिश की थी। लेकिन नवंबर के दूसरे सप्ताह में हजारों प्रतियोगी छात्र छात्राओं के आंदोलन के बाद आयोग को अपना निर्णय वापस लेना पड़ गया था और दोनों ही प्रारंभिक परीक्षाएं एक दिन और एक पाली में करानी गई थी। आरओ/एआरओ 2023 में तो तकरीबन पौने 11 लाख अभ्यर्थियों की परीक्षा एक दिन में कराई गई थी। वो भी सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम अधिनियम 2024 के मानकों का पालन करते हुए। 

पहली बार डिजिलॉकर पर मिलेगा प्रमाणपत्र

यूपी-टीईटी के प्रमाणपत्र परीक्षा परिणाम जारी किए जाने की तिथि से आजीवन मान्य होंगे। चयन आयोग ने यूपी-टीईटी का प्रमाणपत्र पहली बार इलेक्ट्रॉनिक माध्यम (डिजिलॉकर) के माध्यम से देने का निर्णय लिया है। प्रमाणपत्र में अभ्यर्थी की फोटो, वर्ग (जाति) एवं विशेष आरक्षण श्रेणी में किसी भी प्रकार का परिवर्तन/संशोधन नहीं किया जाएगा। इसलिए आयोग ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि आवेदन करते समय विशेष सतर्कता बरतें।



यूपी-टीईटी के आवेदन से तीन लाख डीएलएड प्रशिक्षु बाहर, प्राथमिक स्तर में बीएड के उल्लेख से भी पैदा हुआ असमंजस, शिक्षा सेवा चयन आयोग के विज्ञापन में चूक पर उठ रहे सवाल

आयोग ने सिर्फ द्वितीय वर्ष के प्रशिक्षुओं को किया मान्य

एनसीटीई के नियम में प्रथम सेमेस्टर का प्रशिक्षु भी हैं अर्ह

प्रयागराज। चार साल बाद होने जा रही उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी टीईटी) 2026 से लगभग तीन लाख डीएलएड प्रशिक्षुओं को बाहर कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के 16 जुलाई 2019 के आदेश पर राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की ओर से चार अगस्त 2022 को जारी पत्र में साफ किया गया है कि किसी भी शिक्षक प्रशिक्षक पाठ्यक्रम (डीएलएड, बीएड या डीएड आदि) में प्रवेश लेने वाला अभ्यर्थी टीईटी में शामिल होनेके लिए पात्र है। इसी के साथएनसीटीई ने अपनी 11 फरवरी 2011 की अधिसूचना को भी संशोधित कर दिया था।

इस लिहाज से डीएलएड, बीएड या डीएड आदि शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के प्रथम से लेकर चतुर्थ सेमेस्टर तक के प्रशिक्षु भी यूपी-टीईटी में आवेदन के लिए पात्र हैं। हालांकि उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोगकी ओर से शुक्रवार को जारी यूपी-टीईटी 2026 के विज्ञापन में प्राथमिक स्तर की टीईटी के लिए एनसीटीई से मान्यता प्राप्त एवं उत्तर प्रदेश शासन से संबद्ध संस्था से दो वर्षीय डीएलएड (बीटीसी) पाठ्यक्रम के अंतिम वर्ष में शामिल होने वाले या उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को ही आवेदन के लिए अर्ह माना है।

इसी प्रकार एनसीटीई से मान्यता प्राप्त दो वर्षीय डीएडया भारतीय पुनर्वास परिषद (आरसीआई) से मान्यता प्राप्त संस्था से शिक्षा शास्त्र में दो वर्षीय डीएड (विशेष शिक्षा) के अंतिम वर्ष में शामिल होने वाले अथवा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को आवेदन के लिए योग्य माना गया है। उच्च प्राथमिक स्तर की टीईटी के लिए भी डीएलएड (बीटीसी), डीएड, डीएड (विशेष शिक्षा) के साथ ही बीएड और समकक्ष पाठ्यक्रमों के अंतिम वर्ष में शामिल हो रहे या उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को ही आवेदन की अनुमतिदी गई है। डीएलएडके प्रथम और द्वितीय सेमेस्टर में प्रशिक्षणरत तीन लाख अभ्यर्थी आवेदन नहीं कर पाएंगे। बीएड, डीएडया दूसरे समकक्षपाठ्यक्रमों के प्रथम और द्वितीय सेमेस्टर के अभ्यर्थियों को शामिलकर लें तो यह संख्या और अधिक होजाएगी।

प्राथमिक स्तर में बीएड का नाम आने से असमंजस

चयन आयोग की ओर से जारी यूपी-टीईटी की गाइडलाइन में प्राथमिक स्तर की परीक्षा में बीएड का जिक्र होने से भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। सर्वोच्च न्यायालय ने 11 अगस्त 2023 के आदेश में प्राथमिक स्तर की शिक्षक भर्ती में बीएड अभ्यर्थियों को अर्ह नहीं माना था। आयोग की गाइडलाइन में प्राथमिक स्तर की टीईटी के लिए शैक्षिक अर्हता में बीएड नहीं है।



डीएलएड अंतिम वर्ष के अभ्यर्थी भी कर सकेंगे UPTET  हेतु आवेदन, 150 अंक की होगी परीक्षा

यूपीटीईटी के लिए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की वेवसाइट पर 27 से होंगे आवेदन

सामान्य वर्ग के लिए 90 तथा एससी, एसटी, ओवीसी व अन्य के लिए कटआफ अंक 82

 प्रयागराज : पहली बार उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) का आयोजन करा रहे उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने प्राथमिक और उच्च प्राथमिक टीईटी के लिए अर्हता निर्धारित की है। यूपीटीईटी में उन अभ्यर्थियों को भी आवेदन का अवसर दिया गया है, जो दो वर्षीय डीएलएड (बीटीसी) के अंतिम वर्ष में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं या उत्तीर्ण हैं। न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ इंटरमीडिएट अथवा इसके समकक्ष तथा चार वर्षीय प्रारंभिक शिक्षा शास्त्र में स्नातक (बीएलएड) के अंतिम वर्ष में शामिल या उत्तीर्ण अभ्यर्थी भी आवेदन कर सकेंगे। 150-150 अंकों की प्राथमिक और उच्च प्राथमिक की टीईटी अलग-अलग कराई जाएगी, जिसमें 150-150 प्रश्न होंगे। इस तरह प्रत्येक प्रश्न एक अंक के होंगे। परीक्षा ढाई घंटे की होगी।

शिक्षा सेवा चयन आयोग ने पात्रता प्रमाणपत्र जारी करने के लिए कटआफ अंक की सूचना भी जारी की है। 150 अंक के पूर्णांक में से 90 अंक अर्थात 60 प्रतिशत या इससे अधिक प्राप्त करने वाले सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को पात्रता प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। इसी तरह अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), ईडब्ल्यूएस, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित, भूतपूर्व सैनिक व दिव्यांग श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम अर्हक अंक 55 प्रतिशत अर्थात 82 अंक निर्धारित किया गया है। इससे कम अंक पाने वाले अभ्यर्थी अनुत्तीर्ण माने जाएंगे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि प्रश्न बहुविकल्पीय होंगे और प्रत्येक प्रश्न के चार विकल्प होंगे।

नकारात्मक मूल्यांकन नहीं किया जाएगा। प्रश्नपत्र का माध्यम हिंदी तथा अंग्रेजी (भाषा के विषयों को छोड़कर) होगा। एक से अधिक पालियों में हो सकती है परीक्षा: परीक्षा के लिए जारी निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि यदि आवेदन पत्रों की संख्या अधिक होती है, तब सभी अभ्यर्थियों की परीक्षा एक दिन एक ही पाली में कराया जाना सुविधाजनक नहीं होगा। ऐसी स्थिति में एक दिन में एक से अधिक पालियों में परीक्षा कराई जा सकती है। एक से अधिक पालियों में परीक्षा होने पर अभ्यर्थियों के तुलनात्मक मूल्यांकन के लिए स्कोर के नार्मलाइजेशन की प्रक्रिया लागू की जाएगी।

आजीवन रहेगी प्रमाणपत्र की वैधता
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा के प्रमाणपत्र की वैधता सभी श्रेणियों के लिए परिणाम जारी किए जाने की तिथि से आजीवन प्रभावी रहेगी। आयोग ने पात्रता प्रमाणपत्र का वितरण इलेक्ट्रानिक माध्यम (डीजी लाकर) के माध्यम से दिए जाने का निर्णय लिया है।




UPTET हेतु ऑनलाइन आवेदन 27 मार्च से होगा शुरू, पंजीकरण

आवेदन और फीस जमा करने की अंतिम तिथि 26 अप्रैल

दो, तीन और चार जुलाई को होगी शिक्षक पात्रता परीक्षा UPTET 


🔴 उ०प्र० शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2026 




प्रयागराज। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी-टीईटी) 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन वेबसाइट https://upessc.up.gov.in/ पर 27 मार्च से शुरू होंगे। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने शुक्रवार को इसकी सूचना जारी कर दी। प्रदेश में चार साल बाद होने जा रही परीक्षा के लिए पंजीकरण, आवेदन और फीस जमा करने की अंतिम तिथि 26 अप्रैल है। आवेदन पत्र में संशोधन और शुल्क समाधान की अंतिम तिथि एक मई है।

अभ्यर्थियों की सहूलियत के लिए एकल अवसरीय पंजीकरण (ओटीआर) व्यवस्था लागू की गई है। लिहाजा ओटीआर पूर्ण करने के बाद ही अभ्यर्थी यूपी-टीईटी के लिए आवेदन कर सकेंगे। आयोग के उपसचिव कुमार सिंह ने सलाह दी है कि निर्धारित अर्हता पूरी करने वाले अभ्यर्थी वेबसाइट पर उपलब्ध विज्ञापन  का सावधानीपूर्वक अध्ययन करने के बाद ही आवेदन करें। आवेदन शुल्क अनारक्षित, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों के लिए 1000 प्रति प्रश्नपत्र, एससी-एसटी के लिए 500 और दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए 300 रखा गया है।


उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग पहली बार कराएगा UPTET

प्रयागराजः उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग पहली बार कराएगा। आवेदन में सुविधा के लिए ओटीआर व्यवस्था की गई है। अभ्यर्थियों को आयोग की वेबसाइट पर जाकर आवश्यक जानकारी भरकर ओटीआर नंबर प्राप्त करना होगा।

आयोग के उप सचिव संजय कुमार सिंह के अनुसार ओटीआर पूर्ण करने के बाद ही अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे। आवेदन करने के बाद उसमें संशोधन एक मई तक किए जा सकेंगे, लेकिन इसके लिए इसी तिथि तक समाधान शुल्क जमा करना होगा। आयोग ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे आवेदन करने से पहले सभी दिशा-निर्देशों का भली-भांति अध्ययन कर लें, ताकि किसी प्रकार की त्रुटि न होने पाए। आवेदन के समय अभ्यर्थियों को यह स्पष्ट रूप से चुनना होगा कि वह पेपर-1 (प्राथमिक) या पेपर-2 (उच्च प्राथमिक) अथवा दोनों के लिए आवेदन किया है। आवेदन शुल्क दोनों पेपर के लिए अलग-अलग देना होगा। सामान्य/ईडब्यूएस/ओबीसी के लिए 1000 रुपया, एससी/एसटी के लिए 500 रुपया तथा दिव्यांगों के लिए 300 रुपया शुल्क निर्धारित किया गया है। यदि अभ्यर्थी दोनों पेपर चुनते हैं तो कुल शुल्क एक साथ जमा करना होगा। प्रत्येक पेपर के लिए अलग-अलग आवेदन संख्या उत्पन्न की जाएगी। वेबसाइट पर आवेदन करने का तरीका चरणवार समझाया गया है।

कार्यरत सरकारी शिक्षक को अंकित करना होगा विवरण

शिक्षा सेवा चयन आयोग ने टीईटी के लिए जारी किएगए विज्ञापन में कार्यरत सरकारी शिक्षकों को भी आवेदन करने का अवसर दिया है। इसमें सरकारी शिक्षक होने पर विकल्प 'हां' चुनना होगा। यह चयन करने पर उन्हें अपने आवश्यक विवरण- शिक्षक का प्रकार, संगठन /विद्यालय का नाम, कार्यभार ग्रहण करने की तिथि, सेवानिवृत्ति तिथि तथा मानव संपदा कोड अनिवार्य रूप से भरने/अंकित करने होंगे।



पांच साल के लंबे इंतजार के बाद जारी हुआ UPTET का विज्ञापन

पुराने शिक्षकों के लिए भी टीईटी अनिवार्य होने से आवेदकों की संख्या में होगा इजाफा

पिछली बार जनवरी 2022 में हुई थी परीक्षा, 21.65 लाख अभ्यर्थी हुए थे शामिल


प्रयागराज। करीब पांच साल के लंबे इंतजार के बाद उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने यूपी टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) का विज्ञापन जारी कर दिया है। इस बार आवेदकों की संख्या पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ सकती है। अनुमान है कि प्राथमिक और उच्च प्राथमिक दोनों स्तरों को मिलाकर 20 लाख से अधिक अभ्यर्थी आवेदन करेंगे।

बता दें कि आखिरी बार यूपी टीईटी-2021 की परीक्षा 23 जनवरी 2022 को कराई गई थी। उस समय प्राथमिक स्तर के लिए 12.91 लाख और उच्च प्राथमिक के लिए 8.73 लाख अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था। कुल मिलाकर 21.64 लाख छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे। अब चूंकि पांच साल बीत चुके हैं, ऐसे में नए अभ्यर्थियों की एक बड़ी फौज तैयार हो गई है, जिससे आवेदकों का ग्राफ बढ़ना तय है।


पुराने शिक्षकों के जुड़ने से बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा

इस बार की परीक्षा में एक नया मोड़ सुप्रीम कोर्ट का वह आदेश है, जिसके तहत शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम-2011 लागू होने से पहले नियुक्त हुए परिषदीय शिक्षकों के लिए भी टीईटी अनिवार्य कर दी गई है। इस आदेश के बाद अब बड़ी संख्या में कार्यरत शिक्षक भी अपनी कुर्सी बचाने और अर्हता पूरी करने के लिए आवेदन करेंगे। जानकारों का मानना है कि इस बार अनुभवी शिक्षकों के शामिल होने से परीक्षा में प्रतिस्पर्धा और बढ़ेगी।



UPTET हेतु ऑनलाइन आवेदन 27 मार्च से होगा शुरू, पंजीकरण, आवेदन और फीस जमा करने की अंतिम तिथि 26 अप्रैल, दो, तीन और चार जुलाई को होगी शिक्षक पात्रता परीक्षा UPTET Reviewed by प्राइमरी का मास्टर 2 on 6:23 AM Rating: 5

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