विभिन्न आरोपों में पिछले दो वर्ष में 15 BEO निलंबित, 89 पर चल रही अनुशासनात्मक कार्रवाई
कार्रवाई के घेरे में 104 खंड शिक्षाधिकारी
15 चल रहे निलंबित, 89 के खिलाफ अनुशासनिक कार्यवाही गतिमान
अतिरिक्त विकास खंडों के प्रभार से कार्य के दबाव में कार्यरत बीईओ
प्रयागराजः बेसिक शिक्षा विभाग में सौ से ज्यादा खंड शिक्षाधिकारियों (बीईओ) पर चल रही विभागीय कार्रवाई के कारण विद्यालयों के पर्यवेक्षण और प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। प्रदेश में बीईओ के 1031 सृजित पदों के सापेक्ष वर्तमान में 859 अधिकारी कार्यरत हैं, जबकि 172 पद रिक्त हैं। इसके अतिरिक्त 104 खंड शिक्षाधिकारी विभिन्न आरोपों के चलते कार्रवाई के दायरे में हैं। इनमें 15 अधिकारी निलंबित हैं, जबकि 89 के विरुद्ध अनुशासनिक कार्यवाही चल रही है।
इस स्थिति में बीईओ की कमी के कारण एक अधिकारी पर दो या अधिक विकासखंडों का अतिरिक्त प्रभार है। इससे विद्यालयों के नियमित निरीक्षण, शिक्षण गुणवत्ता की निगरानी और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में निरीक्षण कम होने से पढ़ाई के साथ-साथ योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी असर पड़ने की शिकायतें आ रही हैं।
बीईओ पर लगे आरोपों में जनप्रतिनिधियों से अभद्र व्यवहार, वित्तीय अनियमितता, कार्य में लापरवाही, शासनादेशों की अवहेलना और भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसियों द्वारा ट्रैप किए जाना शामिल है। इनके विरुद्ध विभागीय जांचें विभिन्न कारणों से लंबित हैं। कुछ मामलों में लगभग दो वर्ष से जांच पूरी नहीं हो सकी है, जिससे कार्रवाई की प्रक्रिया धीमी पड़ गई है। जिन जिलों में बीईओ के विरुद्ध निलंबन के बाद जांच चल रही है, उनमें बलिया, झांसी, प्रयागराज, पीलीभीत, सहारनपुर, हापुड़, कन्नौज, मऊ, शाहजहांपुर, कासगंज, जालौन, कानपुर नगर, रामपुर शामिल हैं।
इसके विपरीत बीईओ के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया नियमावली में संशोधन के कारण अटकी है। संशोधित नियमावली अनुमोदन के लिए शासन भेजी गई है। अनुमोदन के उपरांत ही उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से अधियाचन मिलने पर विज्ञापन जारी चयन प्रक्रिया शुरू करेगा।
प्रयागराज। बेसिक शिक्षा विभाग में वसूली, वित्तीय अनियमितता, भ्रष्टाचार समेत अन्य आरोपों में बीते दो वर्ष में 15 खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) निलंबित हुए हैं। साथ ही 89 अफसरों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई चल रही है।
अपर शिक्षा निदेशक (बेसिक) कार्यालय से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, बलिया के खंड शिक्षा अधिकारी आशुतोष तिवारी को जनप्रतिनिधि के साथ अमर्यादित व्यवहार के आरोप में निलंबित किया गया। झांसी के प्रसून जैन पर वित्तीय अनियमितता और नियम विरुद्ध कार्य करने, जबकि प्रयागराज के उरुवा क्षेत्र के राजेश यादव पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने के आरोप लगे हैं।
पीलीभीत के कैलाशचंद्र पांडेय को विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में सहयोग न देने और उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने पर निलंबित किया गया। सहारनपुर के अंबिका प्रसाद ओझा पर उच्चाधिकारियों के साथ अभद्र भाषा के प्रयोग, हापुड़ की रचना सिंह पर निर्देशों का अनुपालन न करने व मऊ के बलिराम पर कंपोजिट ग्रांट सहित अन्य मदों में वसूली के आरोप लगे।
शाहजहांपुर के सतीश कुमार मिश्र को गंभीर आरोपों, कासगंज की नीरजा चतुर्वेदी को उच्चाधिकारियों की अवज्ञा, सहारनपुर के सोमवीर सिंह को अशोभनीय टिप्पणी और जालौन के दिग्विजय सिंह को यू-डायस पोर्टल पर कार्य की खराब प्रगति मिलने के कारण निलंबित किया गया।
सीतापुर के कुलदीप, कानपुर नगर के भरत कुमार, रामपुर के स्वदीप और कन्नौज के रमेशचंद्र चौधरी पर भी विभागीय आदेशों की अवहेलना और कार्य में लापरवाही के आरोप में कार्रवाई की गई है। विभाग ने सभी मामलों में अलग-अलग जिलों के अधिकारियों को जांच सौंपी है।
पिछले दो वर्षों में प्रारंभिक जांच के बाद 15 बीईओ को निलंबित कर उनके खिलाफ जांच बैठाई गई है। इसके अलावा 89 खंड शिक्षा अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई भी चल रही है। - कामता प्रसाद, अपर शिक्षा निदेशक (बेसिक)
विभिन्न आरोपों में पिछले दो वर्ष में 15 BEO निलंबित, 89 पर चल रही अनुशासनात्मक कार्रवाई
Reviewed by प्राइमरी का मास्टर 2
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6:31 AM
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