परिषदीय उच्च प्राथमिक एवं कम्पोजिट विद्यालयों में समग्र प्रगति पत्र (होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड) के सम्बन्ध में।

अब नए स्वरूप में मिलेगा अंकपत्र, दिखेगी बच्चों के सीखने की क्षमता, ग्रेड और स्टार से होगी क्षमता की पहचान

लखनऊ। नए शैक्षिक सत्र 2026-27 से सूबे के परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों का अंकपत्र पूरी तरह नए स्वरूप में जारी होगा। अब यह केवल परीक्षा के अंकों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि इसमें विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता, व्यवहार, सहभागिता और समग्र विकास का मूल्यांकन भी शामिल किया जाएगा।

जुलाई में प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों के सभी विद्यार्थियों को यह नया समग्र अंकपत्र पहली बार वितरित किया जाएगा। नए अंकपत्र में बच्चों की शैक्षिक प्रगति को ग्रेड और स्टार प्रणाली के माध्यम से दिखाया जाएगा। साथ ही अभिभावकों और विद्यार्थियों का फीडबैक भी अंकपत्र में शामिल होगा, जिससे यह केवल परीक्षा परिणाम का दस्तावेज न रहकर बच्चे की संपूर्ण शैक्षिक यात्रा का रिकॉर्ड बन सके।

 केवल अंकों के आधार पर किसी विद्यार्थी की क्षमता का सही आंकलन नहीं किया जा सकता। कई छात्र पढ़ाई के अलावा रचनात्मक गतिविधियों, व्यवहार और अन्य क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करते हैं। नई प्रणाली इन सभी पहलुओं को महत्व देगी। अंकपत्र में क्यूआर कोड अंकित होगा। इसे मोबाइल से स्कैन कर छात्र अपनी शैक्षिक प्रगति और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां ऑनलाइन देख सकेंगे। इससे अंकपत्र डिजिटल रूप से भी सुरक्षित रहेगा।

ग्रेड और स्टार से होगी क्षमता की पहचान

नई व्यवस्था में छात्रों की सीखने की क्षमता को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। स्काई (तीन स्टार) श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी शामिल होंगे। माउंटेन (दो स्टार) में वे विद्यार्थी होंगे जिनकी सीखने की प्रक्रिया मजबूत है और वे लगातार प्रगति कर रहे हैं। स्ट्रीम (एक स्टार) श्रेणी में वे विद्यार्थी होंगे जिन्हें आगे बढ़ने के लिए अतिरिक्त मार्गदर्शन और अभ्यास की आवश्यकता होगी।

अंकों के आधार पर मिलेगा ग्रेड

अंकपत्र में सीधे अंक नहीं दिखाए जाएंगे लेकिन प्राप्त अंकों के आधार पर ग्रेड निर्धारित होंगे। इसमें प्रथम सत्र, अर्द्धवार्षिक, द्वितीय सत्र और वार्षिक परीक्षा के ग्रेड भी दर्ज होंगे, जिससे पूरे शैक्षिक वर्ष में विद्यार्थी की प्रगति का समग्र मूल्यांकन संभव होगा।




बच्चे ने कितना सीखा, रिपोर्ट कार्ड से चलेगा पता, अब ग्रेड प्रणाली से होगा परिषदीय स्कूलों के बच्चों का मूल्यांकन

लखनऊ। परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने कितना सीखा, उनकी क्षमता में कितनी वृद्धि हुई इसका आकलन अब ग्रेड प्रणाली के जरिये रिपोर्ट कार्ड में होगा। रिपोर्ट कार्ड में विद्यार्थियों का व्यवहार, सहभागिता व समग्र विकास का आकलन कर जानकारी दर्ज की जाएगी।

बेसिक शिक्षा विभाग ने रिपोर्ट कार्ड में बदलाव किया है। रिपोर्ट कार्ड में शैक्षिक प्रगति को ग्रेड प्रणाली के माध्यम दर्शाया जाएगा। अभिभावकों और विद्यार्थियों के फीडबैक को भी रिपोर्ट कार्ड में शामिल किया जाएगा।

नई व्यवस्था में विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। स्काई (तीन स्टार) सर्वोच्च श्रेणी होगी। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को तीन स्टार दिया जाएगा। माउंटेन (दो स्टार) श्रेणी उन विद्यार्थियों की होगी, जिनकी सीखने की प्रक्रिया मजबूत है।

वहीं, स्ट्रीम ( एक स्टार) श्रेणी में ऐसे विद्यार्थी शामिल होंगे, जिन्हें अतिरिक्त मार्गदर्शन और अभ्यास की आवश्यकता है। बीएसए देवव्रत सिंह ने बताया कि नए शैक्षिक सत्र से विद्यार्थियों के रिपोर्ट कार्ड में सीधे अंक प्रदर्शित नहीं किए जाएंगे। प्राप्तांकों के आधार पर ग्रेड निर्धारित किया जाएगा।

इस तरह मिलेगा ग्रेड
◾91 से 100 प्रतिशत अंक पर ए-1 ग्रेड
◾81 से 90 प्रतिशत अंक पर ए-2 ग्रेड
◾71 से 80 प्रतिशत अंक पर बी-1 ग्रेड
◾61 से 70 प्रतिशत अंक पर बी-2 ग्रेड
◾51 से 60 प्रतिशत अंक पर सी-1 ग्रेड
◾41 से 50 प्रतिशत अंक पर सी-2 ग्रेड
◾33 से 40 प्रतिशत अंक पर डी-1 ग्रेड
◾32 व उससे कम प्रतिशत पर डी-2 ग्रेड




परिषदीय विद्यालयों में छात्रों की हर प्रतिभा को मिलेगा मंच, छठवीं से आठवीं तक के बच्चों का होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड पर दर्ज होगा मूल्यांकन

प्रयागराज। परिषदीय, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालयों में शैक्षिक सत्र में समग्र प्रगति पत्र (होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड) का नया प्रारूप लागू किया जाएगा। महानिदेशक स्कूल शिक्षा की ओर से जारी आदेश में अब कक्षा छह से आठ तक के छात्र-छात्राओं का मूल्यांकन केवल शैक्षणिक उपलब्धि तक सीमित न रहकर बल्कि उनके व्यक्तित्व, व्यवहार, जीवन कौशल और रुचियों के आधार पर भी किया जाएगा।

नए प्रारूप में प्रगति पत्र कुल आठ पेज का होगा। पहले पेज पर छात्र की सामान्य जानकारी और स्वास्थ्य विवरण दर्ज किया जाएगा। वहीं अगले चार पेज में संज्ञानात्मक विकास, व्यवहार, भावनात्मक स्थिति, स्वच्छता, स्वास्थ्य, सीखने की प्रवृत्ति, जीवन कौशल और कलात्मक रुचियों का विस्तृत आकलन होगा।

छठे पेज पर शिक्षक के तरफ से छात्र के बारे में सकारात्मक और सुधारात्मक टिप्पणियां दर्ज की जाएंगी। साथ ही मासिक उपस्थिति और 'मुझे पसंद है' जैसे कॉलम भी शामिल होंगे। सातवें और आठवें पेज पर छात्र का स्व-मूल्यांकन, परीक्षा परिणाम, अभिभावक-शिक्षक संवाद और अभिभावक की प्रतिक्रिया दर्ज की जाएगी।

इस नई व्यवस्था में किसी भी प्रकार के अंक नहीं दिए जाएंगे बल्कि स्काई (तीन स्टार), माउंटेन (दो स्टार) और स्ट्रीम (एक स्टार) के माध्यम से छात्र की प्रगति को दर्शाया जाएगा। शैक्षिक सत्र में सितंबर और मार्च के अंत में प्रगति पत्र भरा जाएगा। इसके बाद प्रधानाध्यापक अभिभावकों के साथ बैठक कर छात्रों की प्रगति पत्र सौंपेंगे।



परिषदीय स्कूलों में मिलेगा 'ग्रेड' वाला रिपोर्ट कार्ड, समग्र रिपोर्ट कार्ड में अंक की जगह होगी ग्रेडिंग, देखें प्रारूप 

छात्र-अभिभावकों का फीडबैक व क्यूआर होगा

लखनऊ। यूपी में परिषदीय स्कूलों के बच्चों के रिपोर्ट कार्ड में अंकों की जगह अब ग्रेड दिए जाएंगे। इसमें छात्र व अभिभावकों का फीडबैक भी शामिल होगा। समग्र रिपोर्ट कार्ड में नए शैक्षिक सत्र 2026-27 से यह बदलाव होगा। इसके लिए संशोधित प्रारूप जारी कर दिया गया है। रिपोर्ट कार्ड पर क्यूआर कोड भी होगा, जिसे स्कैन करने पर पूरी जानकारी ऑनलाइन मिलेगी।

परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 1.50 करोड़ से अधिक विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा। रिपोर्ट कार्ड में अब कहीं पर कोई अंक नहीं लिखा जाएगा। कक्षा में सीखने के स्तर को स्काई, माउंटेन व स्ट्रीम तीन श्रेणियों में बांटकर आंका जाएगा। सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन वाले छात्र को स्काई श्रेणी में रखते हुए तीन स्टार दिए जाएंगे। जिसका मतलब होगा कि यह कक्षा व आयु के अनुसार उच्चतम स्तर पर है। वह सीखने के लिए खुले आकाश की तरह विस्तृत और आत्मविश्वासी है। मध्यम श्रेणी के छात्र माउंटेन श्रेणी में होंगे और इन्हें दो स्टार मिलेंगे। इसका मतलब होगा विद्यार्थी स्थिर व सशक्त प्रगति पर है। वह अवधारणा को समझ चुका है और ऊंचाई की ओर बढ़ रहा है। स्ट्रीम श्रेणी में एक स्टार दिया जाएगा। यह प्रारंभिक स्तर माना जाएगा। यह वह अवस्था है, जहां विद्यार्थी में सीखने की शुरुआत हो चुकी है, पर अभी गहराई व प्रवाह विकसित होना बाकी है।

प्राप्तांक के आधार पर ग्रेडिंग

शैक्षिक परीक्षा परिणाम के लिए संबंधित विषय में मिले प्राप्तांक के आधार पर ग्रेडिंग होगी। 
ए-1 ग्रेड 91-100% अंक, 
ए-2 ग्रेड 81-90% अंक, 
बी-1 ग्रेड 71-80% अंक, 
बी-2 ग्रेड 61-70% अंक, 
सी-1 ग्रेड 51-60% अंक, 
सी-2 ग्रेड 41-50% अंक, 
डी-1 ग्रेड 33-40% अंक व 
डी-2 ग्रेड 32% व उससे कम अंक मिलने पर दिया जाएगा। 

सभी विषयों में शैक्षिक परीक्षा परिणाम में प्रथम सत्र परीक्षा, अर्द्धवार्षिक परीक्षा, द्वितीय सत्र परीक्षा व वार्षिक परीक्षा के ग्रेड लिखे जाएंगे। महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी की ओर नए समग्र रिपोर्ट कार्ड का प्रारूप जारी किया गया है।



परिषदीय उच्च प्राथमिक एवं कम्पोजिट विद्यालयों में समग्र प्रगति पत्र (होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड) के सम्बन्ध में।































परिषदीय उच्च प्राथमिक एवं कम्पोजिट विद्यालयों में समग्र प्रगति पत्र (होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड) के सम्बन्ध में। Reviewed by प्राइमरी का मास्टर 2 on 6:03 AM Rating: 5

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