यूपी में अगले साल से कक्षा 8 तक NCERT की किताबें, 20 फीसदी तक स्थानीय कंटेंट किया जाएगा शामिल
यूपी में अगले साल से कक्षा 8 तक NCERT की किताबें, 20 फीसदी तक स्थानीय कंटेंट किया जाएगा शामिल
लखनऊ। प्रदेश में अगले साल 2027 से कक्षा आठ तक राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की किताबों से पढ़ाई कराई जाएगी। इसके साथ ही कक्षा एक से 12 तक सभी कक्षाओं में एनसीईआरटी की किताबें यूपी में भी लागू हो जाएंगी। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा इसकी सहमति देने के बाद राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने कक्षा पांच से आठ की किताबों का कस्टमाइजेशन शुरू कर दिया है।
इसके तहत 20 फीसदी तक स्थानीय कंटेंट एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। देश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 लागू होने के बाद पढ़ाई में एकरूपता लाने व छात्रों पर पढ़ाई का बोझ कम करने, कौशल आधारित पाठ्यक्रम को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस क्रम में प्रदेश में जहां कक्षा नौ से 12 तक तो एनसीईआरटी की किताबें लागू हैं। वहीं 2020 से परिषदीय विद्यालयों में भी एनसीईआरटी की किताबें लागू करने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसके तहत पहले कक्षा एक, फिर दो-तीन और कक्षा चार में इसे लागू किया गया।
कक्षा पांच से आठ तक में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम की तैयारी
30 मई 2026
प्रयागराज : माध्यमिक के साथ अब बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों की सभी कक्षाओं में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) का पाठ्यक्रम लागू किए जाने की तैयारी है। इसके लिए एनसीईआटी की पाठ्यपुस्तकों को उत्तर प्रदेश के संदर्भ के अनुरूप तैयार किया जाएगा।
अभी बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में कक्षा एक से चार तक में एनसीईआटी पाठ्यक्रम लागू है। अब कक्षा पांच से आठ तक में लागू करने के लिए पाठ्यपुस्तकों को तैयार करने के निर्देश राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद ने दिए हैं। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों (कक्षा नौ से 12 तक) में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम अंगीकार किया जा चुका है।
परिषदीय विद्यालयों में पांचवीं से आठवीं कक्षा के लिए तैयार होगा नया पाठ्यक्रम
13 मई 2026
लखनऊः प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर के अनुरूप बनाने की दिशा में बदलाव किया जा रहा है। अभी पहली से चौथी कक्षा तक बच्चों को एनसीईआरटी आधारित पुस्तकें पढ़ाई जा रही हैं, जबकि पांचवीं से आठवीं तक के लिए भी नए पाठ्यक्रम और किताबें तैयार करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) इसकी तैयारी में जुटी है।
अधिकारियों के अनुसार नई पुस्तकों का आधार एनसीईआरटी पाठ्यक्रम होगा, लेकिन इसमें करीब 15 प्रतिशत सामग्री प्रदेश की स्थानीय जरूरतों, संस्कृति, लोकज्ञान, क्षेत्रीय उदाहरणों और राज्य की शैक्षिक प्राथमिकताओं के अनुसार जोड़ी जाएगी। इससे बच्चों को राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा के साथ स्थानीय परिवेश की समझ भी मिल सकेगी। एससीईआरटी का प्रयास है कि अगले शैक्षणिक सत्र से पांचवीं से आठवीं तक के विद्यार्थियों को समय पर पुस्तकें उपलब्ध करा दी जाएं। इसके लिए लेखन, संपादन और पाठ्य सामग्री के अंतिम रूप देने का काम किया जा रहा है। इसके साथ ही नई शिक्षा व्यवस्था को तकनीक से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
नए सत्र में कक्षा आठ तक लागू होंगी NCERT की किताबें, SCERT ने अभी से शुरू कर दी है तैयारी
अभी कक्षा एक से चार में लागू है एनसीईआरटी
3 मई 2026
लखनऊ। प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में 2027-28 सत्र से कक्षा एक से आठ तक सभी क्लास में एनसीईआरटी की किताबें लागू करने की तैयारी है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने इसके लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी है। अभी कक्षा 1 से 4 तक एनसीईआरटी की किताबें चल रही हैं।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत देश भर में एक जैसे पाठ्यक्रम व क्षेत्रीय भाषाओं में पठन-पाठन पर जोर दिया जा रहा है। इस क्रम में उत्तर प्रदेश में कक्षा 9 से 12 तक एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम पहले से चल रहा है। जबकि पिछले दो साल में कक्षा एक-दो और तीन-चार में एनसीईआरटी की किताबें लागू की गई हैं। अब बचे हुए चार क्लास में भी इसे प्रभावी बनाने की तैयारी तेज हो गई है।
इसके लिए एससीईआरटी ने कक्षा चार से आठ तक की किताबों के कस्टमाइजेशन का काम शुरू कर दिया गया है। इसमें स्थानीय जरूरतों व चीजों को जोड़ा जाएगा। इसके बाद एनसीईआरटी से अप्रूव कराकर लागू किया जाएगा। एससीईआरटी के निदेशक गणेश कुमार ने कहा कि समय से किताबों को उपलब्ध कराने के लिए संस्थान की ओर से अभी से तैयारी शुरू कर दी गई है।
हम इसे समय से तैयार करके उपलब्ध करा देंगे। सब ठीक रहा तो नए सत्र से बची हुई चार कक्षाओं में भी एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू कर दिया जाएगा। वहीं, दूसरी तरफ एससीईआरटी की ओर से शिक्षकों के लेक्चर भी ऑनलाइन रिकॉर्ड कराए जा रहे हैं। छात्रों को डिजिटल कंटेंट भी उपलब्ध कराया जाएगा। इसके तहत बेसिक के बाद माध्यमिक के शिक्षकों का भी लेक्चर रिकॉर्ड कराया जाएगा।
यूपी में अगले साल से कक्षा 8 तक NCERT की किताबें, 20 फीसदी तक स्थानीय कंटेंट किया जाएगा शामिल
Reviewed by प्राइमरी का मास्टर 2
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5:11 AM
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