RTE : प्रवेश में पिछले चार साल का रिकॉर्ड टूटा, निजी स्कूलों में हुए 1.43 लाख से अधिक प्रवेश

RTE : प्रवेश में पिछले चार साल का रिकॉर्ड टूटा, निजी स्कूलों में हुए 1.43 लाख से अधिक प्रवेश

बेसिक शिक्षा विभाग और बढ़ाएगा प्रवेश संख्या

05 मई 2026
लखनऊ। निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत इस वर्ष प्रदेश में प्रवेश प्रक्रिया ने पिछले चार वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। बेसिक शिक्षा विभाग की सख्ती और नियमित समीक्षा के चलते सत्र 2026-27 में अब तक 1.43 लाख से अधिक आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों का निजी स्कूलों में प्रवेश कराया जा चुका है। कुल 1.95 लाख आवंटित सीटों के सापेक्ष यह संख्या उल्लेखनीय है और पिछले वर्ष के 1.40 लाख प्रवेश से अधिक है।

इस बार आवेदन प्रक्रिया को तीन चरणों में सीमित रखा गया और अधिकारियों के साथ लगातार बैठकें कर प्रगति की निगरानी की गई। अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने जिलास्तरीय अधिकारियों को हर आवंटित बच्चे का प्रवेश सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। समग्र शिक्षा के उपनिदेशक डॉ. मुकेश कुमार सिंह के अनुसार शेष बच्चों के प्रवेश के लिए भी तेजी से कार्य जारी है और लक्ष्य प्राप्ति के प्रयास निरंतर जारी रहेंगे। 


आरटीई में 1.38 लाख नामांकन, तीन मई तक शत-प्रतिशत नामांकन के निर्देश

30 अप्रैल 2026
लखनऊ। निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार (आरटीई) के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के निजी विद्यालयों में प्रवेश की प्रक्रिया तेज हो गई है। बुधवार तक प्रदेश में 1.38 लाख बच्चों का प्रवेश सुनिश्चित किया जा चुका है। कुल 1,95,740 आवंटित सीटों में अभी 57,560 बच्चों का प्रवेश बाकी है।

बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी जिलाधिकारियों को 3 मई तक शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निजी विद्यालयों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों के साथ बैठक कर प्रक्रिया पूरी करने को कहा।

बुधवार तक कानपुर नगर में 5391, लखनऊ में 5232, मेरठ में 3071, गाजियाबाद में 3064, अलीगढ़ में 2761, गौतमबुद्ध नगर में 2310, झांसी में 2140, आगरा में 2105 प्रवेश हुए हैं। जबकि सबसे कम श्रावस्ती में 22, हमीरपुर में 48, महोबा में 59, बस्ती में 65, कासगंज में 66, चित्रकूट में 100, औरैया में 105, ललितपुर में 116 प्रवेश हुए हैं।




आरटीई के तहत 71 हजार से ज्यादा बच्चों को नहीं मिला प्रवेश, ढिलाई पर जिलों को नोटिस देने की तैयारी

1,95,740 सीटों के सापेक्ष 1,24,545 बच्चों का हुआ अब तक हुआ नामांकन


लखनऊनिश्शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में बच्चों के प्रवेश को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। लगातार निगरानी और सख्त निर्देशों के बाद नामांकन में तेजी आई है, लेकिन अब भी 71,195 बच्चों को दाखिला नहीं मिल पाया है। अब बेसिक शिक्षा विभाग जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को नोटिस भेजने की तैयारी कर रहा है।

प्रदेश में कुल 1,95,740 सीटों के आवंटन के सापेक्ष अब तक 1,24,545 बच्चों का नामांकन हो चुका है, जो कुल लक्ष्य का लगभग 63.6 प्रतिशत है। शासन स्तर पर इस पूरी प्रक्रिया की लगातार समीक्षा की जा रही है। मुख्य सचिव के निर्देशों के बाद अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी का असर है कि पिछले चार दिनों में नामांकन की रफ्तार तेज हुई है।

22 अप्रैल तक जहां 1,08,866 बच्चों का ही प्रवेश हुआ था, वहीं इसके बाद चार दिनों में 15,679 नए नामांकन दर्ज किए गए। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग को रोजाना प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। बड़े जिलों में अब भी हजारों सीटें खाली हैं। जमीनी स्तर पर या तो अभिभावकों तक जानकारी नहीं पहुंच रही या फिर निजी स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया में बाधाएं बनी हुई हैं।




प्रदेश में आरटीई की 195740 सीट, प्रवेश मात्र 124545 पर, तीन चरण में नर्सरी/प्री-स्कूल या कक्षा एक में प्रवेश की प्रक्रिया पूरी

कानपुर नगर में सब से अधिक 6784 और लखनऊ में 5232 सीटें रिक्त

28 अप्रैल 2026
प्रयागराज : शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए आरटीई के तहत प्रवेश प्रक्रिया तीन चरण में संचालित की गई। निजी स्कूलों की 25 प्रतिशत सीटों पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को प्रवेश देने का निर्देश शासन स्तर से था। पहले चरण दो फरवरी से 20 फरवरी, दूसरे चरण 21 फरवरी से 11 मार्च और तीसरे चरण 12 मार्च से 29 मार्च तक नामांकन के लिए आदेश निर्गत करने की तिथि तय की गई थी। उसके बाद स्कूलों को प्रवेश लेना है। 26 अप्रैल तक प्रदेशभर में 195740 सीट के सापेक्ष 124545 छात्र छात्राओं ने नर्सरी/प्री-स्कूल या कक्षा एक में प्रवेश लिया। अब भी 71195 सीटें रिक्त हैं, अर्थात 63.6 प्रतिशत सीट पर स्कूलों न बच्चों को प्रवेश दिया।

जिलेवार देखें तो कानपुर नगर में सब से अधिक 6784 सीटें रिक्त हैं। यहां 9650 सीट में से 2866 सीट पर प्रवेश हुए हैं। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 16784 सीट के सापेक्ष 11552 सीट पर विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। 5232 सीटें अब भी रिक्त हैं। तीसरे पायदान पर मुरादाबाद है। यहां 7124 सीट के सापेक्ष 3878 सीटें रिक्त हैं। 3246 विद्यार्थियों का प्रवेश हुआ है। 

सीटों के रिक्त रह जाने के मामले में गाजियाबाद, वाराणसी, मेरठ, अलीगढ़, आगरा क्रमशः चौथे, पांचवें, छठवें, सातवें और आठवें स्थान पर हैं। इन जिलों में क्रमशः 3874, 3300, 3247, 3207, 2803 सीटें अभी रिक्त हैं। प्रयागराज में यह आंकड़ा 1750 है। यहां 4161 सीट के सापेक्ष 2411 छात्र छात्राओं का प्रवेश हुआ है। प्रतापगढ़ जनपद में कुल 1527 सीटें निर्धारित थीं, इनमें से 1310 पर प्रवेश दिया गया जबकि 217 सीटें रिक्त हैं।

कौशांबी में 1869 सीट के सापेक्ष 1317 सीट पर छात्र छात्राओं को प्रवेश मिला है। फतेहपुर में 1704 सीटें थीं लेकिन 461 सीटें अब भी रिक्त हैं। स्कूल शिक्षा महानिदेशक की ओर से जारी सूची देखें तो श्रावस्ती सब से ठीक स्थिति में है।

यहां 686 सीटें थीं। 665 पर प्रवेश हो चुका है। अभी 21 सीटें रिक्त हैं। हमीरपुर, महोबा, बस्ती, औरैया, चित्रकूट में क्रमशः 48, 59, 94, 115 व 119 सीटें रिक्त हैं। प्रयागराज बीएसए अनिल कुमार का कहना है कि आनलाइन आवेदन के बाद ड्रा निकालने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अभिभावक स्कूलों के एलाटमेंट के अनुसार धीरे धीरे प्रवेश ले रहे हैं। 

उम्मीद है जुलाई तक अभिभावक प्रवेश लेते रहेंगे और सभी सीटें भर जाएंगी। कुछ स्कूलों की ओर से हीलाहवाली की शिकायतें अभिभावकों ने की थी, उन्हें चेतावनी दी गई और प्रवेश भी कराया गया। यदि फिर कहीं कोई गड़बड़ी होती है तो संबंधित स्कूलों पर सख्त कार्रवाई करते हुए मान्यता वापस ली जाएगी। पूरा प्रयास होगा कि सभी सीटों पर विद्यार्थियों का प्रवेश सुनिश्चित किया जाए।




RTE में रिकॉर्ड नामांकन, लखनऊ पहले, वाराणसी दूसरे पायदान पर, प्रदेश में अब तक 1.24 लाख प्रवेश 

बेसिक शिक्षा विभाग ने जारी किया आंकड़ा, प्रदेश में चार दिनों में 15679 नामांकन

27 अप्रैल 2026
लखनऊ। शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में बीते चार दिनों के अंदर रिकॉर्ड नामांकन हुए हैं। इनमें लखनऊ अब तक 11552 नामांकन के साथ प्रदेश के जिलों में पहले पायदान पर है। प्रदेश में अब तक 1.24 लाख प्रवेश हुए हैं।

बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गरीब और वंचित बच्चों के लिए कुल 1,95,740 आवंटनों के सापेक्ष अब तक 1,24,545 बच्चों का नामांकन सुनिश्चित किया जा चुका है, जो कुल लक्ष्य का लगभग 63.6 प्रतिशत है। 22 अप्रैल तक यह संख्या 1,08,866 थी, लेकिन सख्ती के बाद बीते चार दिनों में 15,679 नए नामांकन जुड़ गए, जो लगभग 14.4 प्रतिशत की तेज बढ़त को दर्शाता है।

एसीएस पार्थ सारथी सेन शर्मा ने बताया कि आरटीई के अंतर्गत आवंटित सीटों पर शत प्रतिशत प्रवेश हो इसके लिए विभाग के अधिकारियों को आदेश जारी किया गया है। कोई भी पात्र बच्चा प्रवेश से वंचित नहीं रहना चाहिए और जहां भी लापरवाही मिलेगी, वहां कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग को प्रतिदिन प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। 




RTE : निजी स्कूलों में गरीब बच्चों का दाखिला कराने में लखनऊ अव्वल

01 अप्रैल 2026
लखनऊ। गरीब बच्चों का निजी स्कूलों में दाखिला कराने में लखनऊ प्रदेश में अव्वल है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत नए शैक्षिक सत्र 2026-27 में लखनऊ में सबसे ज्यादा 6700 बच्चों का नामांकन हुआ है। बेसिक शिक्षा निदेशालय के आंकड़ों के मुताबिक आरटीई के तहत प्रदेश में अब तक 39873 बच्चों को प्रवेश मिल चुका है।

स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी ने बताया आरटीई के तहत मिले 444771 आवेदनों के सापेक्ष 195740 सीटों का आवंटन हो चुका है। उन्होंने बताया कि लखनऊ के बाद बदायूं में सर्वाधिक 2231 बच्चों का आरटीई के तहत निजी स्कूलों में नामांकन हुआ है। ऐसे ही बुलंदशहर में 1834, सहारनपुर में 1556 और आगरा में 1500 सीटों गरीब बच्चों को प्रवेश दिलाया गया। 

महानिदेशक ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस वर्ष प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी रही। डिजिटल माध्यमों के उपयोग, नियमित समीक्षा और प्रभावी समन्वय से आवेदन से लेकर प्रवेश तक की प्रक्रिया सुगम बनी। इसी का असर रहा कि इस बार ज्यादा आवेदन हुए।

सरकार सुनिश्चित कर रही है कि प्रत्येक पात्र बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिले। आरटीई के तहत पारदर्शी व्यवस्था और सख्त मॉनिटरिंग से शिक्षा के अधिकार को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। – संदीप सिंह, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री



RTE से 1.95 लाख बच्चों को निजी स्कूलों में मिलेगा प्रवेश, पिछले साल से 38 हजार सीटें अधिक आवंटित

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के प्रवेश के लिए इस वर्ष 1.95 लाख सीटें निर्धारित की गई हैं। यह संख्या पिछले वर्ष की 1.57 लाख सीटों की तुलना में लगभग 38 हजार अधिक है।


इस वर्ष प्रवेश प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी की गई। इसमें कुल 4.44 लाख आवेदन प्राप्त हुए। अंतिम (तीसरे) चरण की लॉटरी में 39,684 बच्चों को सीटें आवंटित हुई हैं। पिछले शैक्षिक सत्र 2025-26 में 2.88 लाख आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से लगभग 1.40 लाख बच्चों को निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश दिया गया था। इस बार सीटों की संख्या बढ़ने से अधिक बच्चों को लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है।


प्रक्रिया की दैनिक निगरानी भी की जा रही

समग्र शिक्षा के उप निदेशक डॉ. मुकेश कुमार सिंह के अनुसार, एक अप्रैल से शुरू हो रहे नए सत्र को देखते हुए सभी चयनित बच्चों के प्रवेश में तेजी लाने के निर्देश बेसिक शिक्षा अधिकारियों को दिए गए हैं। साथ ही, पूरी प्रक्रिया की दैनिक निगरानी भी की जा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस वर्ष 1.50 लाख से अधिक बच्चों को निजी स्कूलों में निशुल्क दाखिला मिल सकेगा।
RTE : प्रवेश में पिछले चार साल का रिकॉर्ड टूटा, निजी स्कूलों में हुए 1.43 लाख से अधिक प्रवेश Reviewed by प्राइमरी का मास्टर 2 on 5:45 AM Rating: 5

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