सत्रलाभ के चलते सेवाविस्तार पाये शिक्षकों को वेतन देने के लिए बेसिक शिक्षा सचिव को तीन माह में गाइड लाइन जारी करने का हाईकोर्ट का कड़ा निर्देश : देखें खबर और आदेश

इलाहाबाद : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सचिव बेसिक शिक्षा उप्र को सत्र लाभ पाए अध्यापकों को बकाया वेतन भुगतान संबंधी गाइड लाइन तीन माह में जारी करने का निर्देश दिया है।



जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी गोरखपुर ने यह कहते हुए वेतन देने से इन्कार कर दिया था कि इस संबंध में शासन से कोई निर्देश प्राप्त नहीं है। बेसिक शिक्षा परिषद उप्र इलाहाबाद के वित्त नियंत्रक ने नौ जून, 2016 को ही सचिव को पत्र लिखकर गाइड लाइन जारी करने की प्रार्थना की है।



यह आदेश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता ने प्राइमरी स्कूल खुटहन खास, गोरखपुर के प्रधानाचार्य महातम प्रसाद व अन्य अध्यापकों लालमन, श्रीमती शारदा देवी व रामरक्षा की याचिकाओं को निस्तारित करते हुए दिया है। याचिका पर अधिवक्ता अनुराग शुक्ल ने बहस की। 1मालूम हो कि राज्य सरकार ने शिक्षा सत्र में परिवर्तन किया। जुलाई से जून सत्र को अप्रैल से मार्च तक घोषित किया। सत्र लाभ देने के नियम के चलते 31 मार्च के बाद सेवानिवृत्त होने वाले अध्यापकों को सत्र लाभ देने का निर्णय लिया गया।




याचीगण 30 जून 2015 को सेवानिवृत्त हो रहे थे। अप्रैल में सत्र शुरू होने के कारण उन्हें सत्र लाभ दिया गया तथा इन्हें 31 मार्च 2016 को सेवानिवृत्त किया गया, किंतु सरकार की तरफ से ऐसे अध्यापकों के वेतन भुगतान के संबंध में कोई गाइड लाइन न आने के कारण याचीगण को नौ माह का वेतन नहीं दिया गया।



⚫ 9 माह के वेतन का नही हुआ था भुगतान, सत्र लाभ के कारण जुलाई 2015 से मार्च 2016 तक के वेतन भुगतान का है मामला

⚫  हाईकोर्ट ने बेसिक शिक्षा सचिव को दिया निर्देश, तीन माह में वेतन भुगतान देने को लेकर जारी करें गाइडलाइन


HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD 
Court No. - 17 
Case :- WRIT - A No. - 12915 of 2017 
Petitioner :- Mahatam Prasad 
Respondent :- State Of U.P. And 4 Others 
Counsel for Petitioner :- Anurag Shukla 
Counsel for Respondent :- C.S.C.,Arun Kumar 


Hon'ble Manoj Kumar Gupta,J. 
Heard counsel for the petitioner, learned standing counsel for respondents no.1 & 2 and brief holder of Sri Arun Kumar for respondents no.3 to 5. With their consent, the writ petition is being disposed of finally without inviting a formal counter affidavit.


The petitioner retired from the post of Headmaster, Primary School Khutahan Khas, Block Chargawan, district Gorakhpur on 31.3.2016 after being given sessions benefit. The petitioner claimed arrears of salary for the period 1.7.2015 upto 31.3.2016 by filing Writ Petition No.38320 of 2016, which was disposed of by this Court by order dated 19.8.2016 directing the respondents to accord consideration to his representation. In pursuance thereof, the District Basic Education Officer has proceeded to decide the claim of the petitioner. It has been rejected solely on the ground that there is no clear cut direction for payment of arrears of salary of teachers who were taken back in service by giving them the sessions benefit. It is mentioned in the impugned order that guidance in this regard was sought from the Secretary, Basic Education on 9.6.2016. 


Counsel for the petitioner submitted that considerable time has passed since the clarification/guidelines had been sought from the Secretary. It is urged that the petitioner cannot be made to suffer on account of indecision on part of the authorities. 
Learned standing counsel appearing on behalf of the State respondents very fairly stated that in case the relevant guidelines have yet not been issued at the level of the State Government in pursuance of the communication dated 9.6.2016 by the Finance Controller, Basic Education Parishad, Uttar Pradesh, Allahabad, the first respondent shall accord consideration to the same and shall take decision. 


Having regard to the facts of the case and the submissions made, this Court is of the opinion that interest of justice would be served in permitting the petitioner to approach the first respondent with a certified copy of this order and a fresh representation as well as photo copy of the impugned order. In that event, the first respondent shall take decision in the matter by issuing appropriate guidelines within a period of next three months. The impugned order shall abide by the decision that would be taken by the first respondent. 
The writ petition stands disposed of accordingly. 


(Manoj Kumar Gupta, J.)
Order Date :- 28.3.2017 
SL
सत्रलाभ के चलते सेवाविस्तार पाये शिक्षकों को वेतन देने के लिए बेसिक शिक्षा सचिव को तीन माह में गाइड लाइन जारी करने का हाईकोर्ट का कड़ा निर्देश : देखें खबर और आदेश Reviewed by Sona Trivedi on 6:58 AM Rating: 5

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