जूनियर स्कूलों के बच्चे करेंगे दिव्यांगता की पढ़ाई, राज्य विज्ञान शिक्षा संस्थान ने कक्षा-6, 7 व 8 में किए संशोधन, विज्ञान-गणित पाठ्यक्रम में बदलाव, किशोरावस्था का भी पाठ जोड़ा


प्राचीन गणितीय पद्धति शामिल जूनियर स्तर के गणित विषय में कक्षा छह, सात व आठ में भारत की प्राचीन गणितीय पद्धति को शामिल किया गया है। ज्ञात हो कि यूपी बोर्ड में भी इसी सत्र से हाईस्कूल व इंटर में वैदिक गणित को शामिल कर रहा है। उसे देखते हुए जूनियर स्तर पर यह बदलाव हुआ है। यही नहीं हर किताब में लर्निग आउटकम्स (सीखने व सिखाने की प्रस्तावित प्रक्रियाएं व शिक्षण संबंधी परिणाम) शामिल किया गया है। ऐसे ही कक्षा सात में मानसिक अभ्यास व कक्षा आठ में वर्ग समीकरण का अध्याय शामिल किया गया है।

सामाजिक परिवेश में हो रहे बदलावों की जानकारी बच्चों को वैज्ञानिक आधार पर नए शैक्षिक सत्र से दी जाएगी। अब जूनियर स्कूलों के छात्र-छात्रएं दिव्यांगता और किशोरावस्था की भी पढ़ाई करेंगे। राज्य विज्ञान शिक्षा संस्थान उप्र ने कक्षा छह, सात व आठ में सिर्फ यही बदलाव नहीं किया है, बल्कि मौजूदा जरूरतों को देखते हुए पाठ्यक्रम में कई पाठ जोड़े और हटाए गए हैं।

यूपी बोर्ड हाईस्कूल व इंटर स्तर पर पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव कर चुका है। वहीं, बेसिक स्तर पर कक्षा चार व पांच का पाठ्यक्रम भी नए सिरे से संशोधित हो रहा है। इसी बीच उच्च प्राथमिक स्तरीय पाठ्य पुस्तकों का परिमार्जन हुआ है। संस्थान के विशेषज्ञों ने कक्षावार पाठ्यक्रम में अहम बदलाव किए हैं। विज्ञान विषय में कक्षा छह में विभिन्न प्रकार के जीवजंतु का पाठ हटाया गया है, वहीं सजीव, निर्जीव में अंतर, पौधों के विभिन्न भागों की बनावट व कार्य, मानव व अन्य जंतु, तंतु से वस्त्र तक, प्रकाश, जल में अशुद्धियां व उनका निराकरण और स्वास्थ्य व स्वच्छता को जोड़ा गया है। कक्षा सात में कुछ हटाया नहीं गया बल्कि, रेशों से वस्त्र तक, जल व वायु प्रदूषण का स्वास्थ्य पर पड़ता प्रभाव जैसे पाठों को जोड़ा गया है। कक्षा आठ में प्रकरण अयस्क से धातु का निष्कर्षण पाठ को हटा दिया गया और विज्ञान व तकनीकी क्षेत्रों की प्रगति, किशोरावस्था, दिव्यांगता, फसल उत्पादन जैसे पाठ जोड़े गए हैं।

संस्थान की सचिव डा. सुत्ता सिंह ने बताया कि नवीन पाठ्यक्रम आधारित पाठ्य पुस्तकों का उद्देश्य बच्चों को नई जानकारियां उपलब्ध कराना है, जो बदलाव हुए वह छात्र-छात्रओं में परिवेश में हो रही गतिविधियों को वैज्ञानिक आधार पर समझने में सहायक होंगे।’

जूनियर स्कूलों के बच्चे करेंगे दिव्यांगता की पढ़ाई, राज्य विज्ञान शिक्षा संस्थान ने कक्षा-6, 7 व 8 में किए संशोधन, विज्ञान-गणित पाठ्यक्रम में बदलाव, किशोरावस्था का भी पाठ जोड़ा Reviewed by ★★ on 3:30 PM Rating: 5

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