अब फर्जी शिक्षक के लिए बीईओ और प्रधानाध्यापक होंगे जिम्मेदार, नेतागीरी पर लगेगी लगाम, हर महीने प्रधानाध्यापकों की बैठक

अब फर्जी शिक्षक के लिए बीईओ और प्रधानाध्यापक होंगे जिम्मेदार, नेतागीरी पर लगेगी लगाम, हर महीने प्रधानाध्यापकों की बैठक

 


बेसिक स्कूलों में अब हर दो हफ्ते में बच्चों का होगा टेस्ट, अनिवार्य होगी शिक्षक डायरी, इसके आधार पर किया जाएगा उपचारात्मक शिक्षण

 
बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्कूलों के छात्र-छात्राओं का अब हर दो सप्ताह में यूनिट टेस्ट होगा। शासन के निर्देश पर बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुमार कुशवाहा की ओर से शैक्षणिक कार्यो के लिए समय अवधि और कार्य निर्धारण के संबंध में सभी खंड शिक्षाधिकारियों को भेजे आदेश के अनुसार प्रत्येक पखवाड़े में होने वाले इंटरनल टेस्ट के आधार पर उपचारात्मक शिक्षण किया जाएगा। प्रत्येक दिन कक्षावार एवं विषयवार प्रोजेक्ट/गृह कार्य बच्चों को अवश्य दिए जाएं एवं अगले दिन उसका आकलन किया जाए। 


छात्र-छात्रा द्वारा अपेक्षित लर्निंग आउटकम प्राप्त किए जाने की तिथि को ही शिक्षक द्वारा प्रेरणा तालिका में प्रविष्टि अंकित की जाएगी। आमतौर पर मिड-डे-मील के बाद बच्चों की उपस्थिति कम हो जाती है, इसलिए इस पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। शिक्षक किसी भी गैर शैक्षणिक कार्य, रैली, फेरी, बैंक आदि के कार्य को विद्यालय समय में नहीं करेंगे। किसी शिक्षक का निलंबन होने की दशा में अनुशासनिक कार्रवाई प्रत्येक दशा में एक माह के अंदर पूरी की जाएगी।

 
 प्रत्येक दो सप्ताह में बच्चों का यूनिट एसेसमेंट टेस्ट के माध्यम से मूल्यांकन किया जाएगा ताकि बच्चों में हो रहे सुधार के आधार पर रेमेडियल टीचिंग और आवश्यक कार्यवाही की जा सके।

हर शिक्षक को अनिवार्य रूप से शिक्षक डायरी बनाए बनानी होगी जिसमें उन्हें साप्ताहिक प्रगति और अगले हफ्ते की कार्ययोजना तैयार करनी होगी। सपोर्टिव सुपरविजन के दौरान एकेडमिक रिसोर्स पर्सन और स्टेट रिसोर्स ग्रुप द्वारा शिक्षक डायरी को देखा जाएगा।

किसी भी स्कूल में प्रॉक्सी टीचर मिलने, फर्जी शिक्षक कार्यरत रहने या किसी शिक्षक के बिना बताए लंबे समय तक अनुपस्थित रहने के बावजूद उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर संबंधित प्रधानाध्यापक और खंड शिक्षा अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। शिक्षक का निलंबन करने पर उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाई एक महीने के अंदर पूर्ण करनी होगी। ऐसा नहीं करने पर खंड शिक्षा अधिकारी और प्रधानाध्यापक की जवाबदेही तय की जाएगी। जिला प्रशासन, बीएसए और खंड शिक्षा अधिकारी अपने स्तर पर किसी भी तरह की परीक्षा का आयोजन नहीं करा सकेंगे। 


नेतागीरी पर लगेगी लगाम 
विद्यालय की अवधि में शिक्षक किसी राजनीतिक या अन्य गतिविधि में शामिल नहीं हो सकेंगे। अति आवश्यक होने पर पहले सक्षम स्तर से अनुमति लेनी होगी। विद्यालय अवधि में रैली, प्रभातफेरी, मानव शृंखला, नवाचार, गोष्ठी का आयोजन नहीं किया जाएगा। शिक्षक स्कूल की अवधि में अपने अवकाश स्वीकृत कराने या अन्य किसी कार्य से खंड शिक्षा अधिकारी या बीएसए दफ्तर भी नहीं जा सकेंगे। 


हर महीने प्रधानाध्यापकों की बैठक 
हर महीने के चौथे शनिवार को विकास खंड स्तर पर प्रधानाध्यापकों की बैठक होगी। इसमें मिशन प्रेरणा, कायाकल्प, मिड डे मील योजना, निशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण और यूनिफॉर्म वितरण की समीक्षा की जाएगी। सप्ताह में एक बार प्रधानाध्यापक की अध्यक्षता में शिक्षकों की बैठक भी होगी। शिक्षकों के सभी प्रकार के प्रशिक्षण ऑनलाइन ही किए जाएंगे।
अब फर्जी शिक्षक के लिए बीईओ और प्रधानाध्यापक होंगे जिम्मेदार, नेतागीरी पर लगेगी लगाम, हर महीने प्रधानाध्यापकों की बैठक Reviewed by प्राइमरी का मास्टर 2 on 6:27 AM Rating: 5

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