95 हजार शिक्षा प्रेरकों व समन्वयकों को मिलेगा बकाया 398 करोड़ मानदेय, कैबिनेट ने बेसिक शिक्षा विभाग को शेष धनराशि के भुगतान हेतु दी हरी झंडी

95 हजार शिक्षा प्रेरकों व समन्वयकों को मिलेगा बकाया 398 करोड़ मानदेय, कैबिनेट ने बेसिक शिक्षा विभाग को शेष धनराशि के भुगतान हेतु दी हरी झंडी 

बीएसए द्वारा प्रेरकों की उपस्थिति प्रमाणित करने के बाद किया जाएगा भुगतान


लखनऊ। प्रदेश में 15 वर्ष से अधिक उम्र के निरक्षरों को साक्षर बनाने वाले 95 हजार शिक्षा प्रेरकों, जिला व ब्लॉक समन्यवयकों को 398 करोड़ रुपये बकाया मानदेय दिया जाएगा। कैबिनेट ने बेसिक शिक्षा विभाग की शेष धनराशि के भुगतान को हरी झंडी दे दी है।

प्रस्ताव के अनुसार केंद्र प्रायोजित साक्षर भारत योजना 31 मार्च 2018 को समाप्त हो गई थी। इसके तहत प्रदेश में 256 जिला व 746 ब्लॉक समन्वयक और 94360 शिक्षा प्रेरक कार्यरत थे, जिनका मानदेय बकाया था। वेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने बताया कि साक्षर भारत योजना में कार्य करने वाले प्रेरकों और समन्वयकों ने प्रदेश में साक्षरता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। ऐसे में कैबिनेट ने उनके हित में बड़ा निर्णय लिया है।


विभाग के अपर मुख्य सचिव बेसिक पार्थ सारथी सेन शर्मा ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2017-18 की ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार कुल बकाया राशि 401.25 करोड़ थी। इसमें से न्यायालय के आदेशानुसार व्यय धनराशि घटाने के बाद वर्तमान में कुल देयता 398.18 करोड़ है। राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के खाते में उपलब्ध 137.65 करोड़ के बाद शेष 260.53 करोड़ की राशि को अवमुक्त किया जाना है।

इसके लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 336.91 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि भुगतान के तहत यह राशि निदेशक साक्षरता व वैकल्पिक शिक्षा के निवर्तन पर रखी जाएगी। बीएसए द्वारा प्रेरकों व समन्वयकों की उपस्थिति प्रमाणित करने के बाद भुगतान की कार्यवाही की जाएगी।


क्या थी योजना

केंद्र की ओर से 15 साल से अधिक उम्र के निरक्षरों को साक्षर करने के लिए साक्षर भारत मिशन शुरू किया गया था। प्रदेश के 70 जिलों, 765 विकासखंडों के 49921 ग्राम पंचायतों में योजना दो चरणों में चलाई गई। इसके लिए हर जिले में चार जिला व विकासखंड स्तर पर एक ब्लॉक समन्वयक 6000 रुपये महीने मानदेय पर रखे गए। साथ ही पंचायत स्तर पर बने लोक शिक्षा केंद्रों पर दो-दो शिक्षा प्रेरक 2000 रुपये मानदेय पर रखे गए थे। 31 मार्च 2018 को योजना समाप्त हो गई। इस समय 256 जिला, 746 ब्लॉक समन्वयक व 94360 शिक्षा प्रेरक कार्यरत थे। इनका 401 करोड़ रुपये मानदेय शेष था।
95 हजार शिक्षा प्रेरकों व समन्वयकों को मिलेगा बकाया 398 करोड़ मानदेय, कैबिनेट ने बेसिक शिक्षा विभाग को शेष धनराशि के भुगतान हेतु दी हरी झंडी Reviewed by प्राइमरी का मास्टर 2 on 6:34 AM Rating: 5

No comments:

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.