वित्तविहीन विद्यालयों के तीन लाख शिक्षकों को भी मिलेगी कैशलेस इलाज की सुविधा, बेसिक शिक्षा विभाग ने शुरू की प्रक्रिया, एक सप्ताह में मांगा शिक्षकों का ब्योरा
वित्तविहीन विद्यालयों के तीन लाख शिक्षकों को भी मिलेगी कैशलेस इलाज की सुविधा, बेसिक शिक्षा विभाग ने शुरू की प्रक्रिया, एक सप्ताह में मांगा शिक्षकों का ब्योरा
लखनऊ। प्रदेश में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना में राजकीय और अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) विद्यालयों के बाद 35 हजार से अधिक वित्तविहीन विद्यालयों के करीब तीन लाख से अधिक शिक्षकों व उनके आश्रितों को शामिल किया जाएगा। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है।
बेसिक शिक्षा निदेशक अनिल भूषण चतुर्वेदी ने सभी बीएसए को पत्र भेजकर वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों को योजना का लाभ देने के लिए निर्धारित प्रारूप पर जानकारी सत्यापित कर एक सप्ताह में निदेशालय को उपलब्ध कराने को कहा है। योजना में वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों को लाभांवित करने के लिए निर्धारित पोर्टल पर शिक्षकों का पंजीकरण करना होगा।
शिक्षक पोर्टल पर आश्रितों का ब्योरा आधार कार्ड के अनुसार दर्ज करेंगे। आवेदन का सत्यापन व अनुमोदन संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक को आगे बढ़ाएंगे।
प्रधानाध्यापक शिक्षक की नियुक्ति नियमानुसार होने व निरंतर कार्यरत होने का परीक्षण के बाद आवेदन बीईओ को सत्यापन व अनुमोदन के लिए भेजेंगे। संबंधित शिक्षक के किसी कारण से विद्यालय से अलग होने की स्थिति में प्रधानाध्यापक को जानकारी देनी होगी। ताकि उन्हें इस योजना से अलग किया जा सके।
बीईओ के बाद बीएसए इसका अनुमोदन करेंगे। बीएसए के सत्यापन पर आवेदन की प्रक्रिया पूरी होगी। इससे पहले निर्धारित प्रोफार्मा पर बीईओ, स्कूल, यूडायस कोड, प्रधानाचार्य का नाम, मोबाइल नंबर व ई-मेल आईडी निर्धारित प्रोफार्मा पर उपलब्ध कराने को कहा है।
वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का लाभ देने की कवायद तेज, शिक्षा निदेशक बेसिक ने सभी बीएसए को जारी किया आदेश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में वित्तविहीन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना से लाभान्वित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शिक्षा निदेशक (बेसिक) उत्तर प्रदेश, लखनऊ द्वारा 12 अगस्त 2026 को प्रदेश के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं।
जारी पत्र के अनुसार योजना का लाभ लेने के इच्छुक वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों को निर्धारित पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराना होगा। इसके लिए विभाग द्वारा विकसित पोर्टल cmcts.upsdc.gov.in पर पंजीकरण की व्यवस्था की गई है।
आधार के अनुसार दर्ज करना होगा विवरण
निर्देशों में कहा गया है कि शिक्षक स्वयं तथा अपने आश्रितों का विवरण पोर्टल पर आधार कार्ड के अनुसार दर्ज करेंगे। इसके बाद आवेदन की प्रथम स्तर पर जांच एवं अनुमोदन के लिए संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक को अग्रसारित किया जाएगा।
प्रधानाध्यापक द्वारा शिक्षक की नियुक्ति नियमानुसार होने तथा उसके निरंतर कार्यरत होने की स्थिति में परीक्षणोपरांत आवेदन को संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी के सत्यापन एवं अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा।
विद्यालय छोड़ने पर तत्काल सूचना देनी होगी
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि संबंधित शिक्षक किसी कारण से विद्यालय से अलग होता है तो प्रधानाध्यापक द्वारा इसकी सूचना खंड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से तत्काल जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को दी जाएगी, ताकि संबंधित शिक्षक को योजना से पृथक किया जा सके।
खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा अनुमोदित आवेदन को अंतिम अनुमोदन के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को भेजा जाएगा। इसके बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा आवेदन स्वीकार किए जाने पर सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण होगी।
सात दिन में उपलब्ध करानी होगी सूचना
शिक्षा निदेशक (बेसिक) ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों को योजना से लाभान्वित कराने के लिए संलग्न प्रारूप पर सत्यापित/हस्ताक्षरित सूचना सात दिवस के भीतर कार्यालय को हार्ड एवं साफ्ट कॉपी में उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
विभागीय निर्देशों के बाद अब वित्तविहीन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, जारी पत्र में योजना के अंतर्गत उपचार की सीमा, अस्पतालों की सूची अथवा अन्य विस्तृत लाभों का विवरण नहीं दिया गया है।
Reviewed by प्राइमरी का मास्टर 2
on
6:11 AM
Rating:

No comments:
Post a Comment