विद्यालय परिसर में अवस्थित (को-लोकेटेड) आंगनबाड़ी केन्द्रों में माता उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किये जाने के सम्बन्ध में

बालवाटिकाओं में माताएं सीखेंगी स्वच्छता और रचनात्मकता, स्वास्थ्य, भाषा, गणित और रचनात्मक विकास पर होगी चर्चा

लखनऊ। प्रदेश में संचालित 54109 आंगनबाड़ी केंद्रों व बालवाटिकाओं को मजबूत करने के साथ बेसिक शिक्षा विभाग बच्चों की माताओं को भी जागरूक करेगा। तीन से छह वर्ष के बच्चों के नामांकन, सुविधाओं के विस्तार और बहुमुखी विकास के लिए हर महीने माता उन्मुखीकरण कार्यक्रम होगा। एनईपी 2020 के तहत बच्चों को कक्षा एक के लिए तैयार करने में माताओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य, सुरक्षित आदतें, घर पर कला व रचनात्मक गतिविधियों से विकास, त्योहारों से सीखने और मौसम के अनुसार दिनचर्या की जानकारी दी जाएगी। सितंबर में दैनिक जीवन में गणित की समझ, अक्तूबर में त्योहारों से सीखना व भावनात्मक जुड़ाव, नवंबर में घर पर भाषा विकास, कहानी व गीत,  दिसंबर में स्वास्थ्य व दिनचर्या, जनवरी में ज्ञानेंद्रियों से सीखना, फरवरी में दैनिक जीवन से सृजनात्मकता और मार्च में कक्षा एक की औपचारिक तैयारी पर चर्चा होगी।

 प्रधानाध्यापक, नोडल शिक्षक, ईसीसीई एजुकेटर व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इसका संचालन करेंगे। कार्यक्रम हर महीने के निर्धारित शनिवार को होगा। महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने बीएसए को बेहतर योजना बनाकर आयोजन कराने के निर्देश दिए हैं। बच्चों के साथ माताओं की भागीदारी, सीखी गतिविधियों की प्रस्तुति और स्थानीय कला-क्राफ्ट का प्रशिक्षण भी कराया जाएगा। आयोजन के लिए 24.34 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। 


को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केन्द्रों में माता उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किये जाने हेतु प्रति माह रुपए 500₹ की दर से 9 माह की धनराशि कुल रु 4500₹ की लिमिट जारी

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