एक जुलाई की छुट्टी से नहीं छिनेगा शिक्षकों का हक, कार्यभार नहीं ग्रहण कर पाए बेसिक शिक्षकों की वेतनवृद्धि पर नए सिरे से विचार का हाईकोर्ट का आदेश
एक जुलाई की छुट्टी से नहीं छिनेगा शिक्षकों का हक, कार्यभार नहीं ग्रहण कर पाए बेसिक शिक्षकों की वेतनवृद्धि पर नए सिरे से विचार का हाईकोर्ट का आदेश
प्रयागराज । इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बेसिक शिक्षा विभाग के सहायक अध्यापकों की [6] पहली वार्षिक वेतनवृद्धि से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि यदि नियुक्ति के बाद अगले दिन सार्वजनिक अवकाश होने के कारण शिक्षक अगले कार्यदिवस पर कार्यभार ग्रहण करता है, तो केवल एक दिन के अंतर के आधार पर उसे सेवा संबंधी लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को शिक्षकों की पहली वेतनवृद्धि और उससे जुड़े वित्तीय लाभ के दावों पर नए सिरे से विचार करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने सीमा राय व तीन अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य समेत समान प्रकृति की 17 याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए दिया।
याचिकाकर्ताओं की नियुक्ति 28 जून 2016 को सहायक अध्यापक के पद पर हुई थी। एक जुलाई 2016 को सार्वजनिक अवकाश होने के कारण वे उस दिन कार्यभार ग्रहण नहीं कर सके और दो जुलाई को संबंधित विद्यालयों में कार्यभार ग्रहण किया।
याचिकाकर्ताओं का कहना था कि सातवें वेतन आयोग के तहत 22 दिसंबर 2016 के शासनादेश में वेतनवृद्धि के लिए नियुक्ति की अवधि को आधार माना गया है। वित्त नियंत्रक, बेसिक शिक्षा परिषद ने भी 20 नवंबर 2025 को स्पष्ट किया था कि दो जनवरी से एक जुलाई के बीच नियुक्त कर्मचारियों को अगली वेतनवृद्धि एक जनवरी को तथा दो जुलाई से एक जनवरी के बीच नियुक्त कर्मचारियों को एक जुलाई को मिलेगी। शिक्षकों ने इसी आधार पर पहली वेतनवृद्धि एक जनवरी 2017 से देने की मांग की थी।
राज्य सरकार की ओर से तर्क दिया गया कि शिक्षकों ने वास्तविक रूप से दो जुलाई को कार्यभार ग्रहण किया था इसलिए उन्हें एक जुलाई 2017 से ही वेतनवृद्धि का लाभ मिल सकता है।
हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले में केवल वास्तविक कार्यभार ग्रहण करने की तारीख को निर्णायक नहीं माना जा सकता। एक जुलाई को सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दो जुलाई को कार्यभार ग्रहण करना शिक्षकों के नियंत्रण से बाहर की परिस्थिति थी ऐसी स्थिति में अगले कार्यदिवस पर कार्यभार ग्रहण करने को नियुक्ति की निरंतरता के रूप में देखा जाना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि वेतनवृद्धि कोई नियोक्ता की कृपा नहीं, बल्कि सेवा नियमों के तहत मिलने वाला लाभ है।
एक जुलाई की छुट्टी से नहीं छिनेगा शिक्षकों का हक, कार्यभार नहीं ग्रहण कर पाए बेसिक शिक्षकों की वेतनवृद्धि पर नए सिरे से विचार का हाईकोर्ट का आदेश
Reviewed by प्राइमरी का मास्टर 2
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6:18 AM
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