निपुण विद्यालय आकलन' कराये जाने के संबंध में निर्देश प्रेषण विषयक

निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के लिए शिक्षा के 10 मानकों का शिक्षक करेंगे पालन

लखनऊ । निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाई के 10 नए मानक तय किए हैं। हर बच्चे के सीखने की क्षमता, शैक्षणिक प्रगति और उपलब्धियों की नियमित निगरानी की जाएगी। इसका मूल उद्देश्य प्रगति पर नजर रखते हुए शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है।

अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि विद्यालयों में बच्चों के लिए सुरक्षित, सहज और सकारात्मक माहौल बनाया जाए। 10 नए मानकों में नियमित अभ्यास, प्रगति मूल्यांकन, कमियों की पहचान, सुधारात्मक मार्गदर्शन, मौलिक साक्षरता और संख्यात्मक कौशल, गतिविधि आधारित शिक्षा, शिक्षक की सक्रिय भूमिका, लर्निंग ट्रैकिंग, निपुण लक्ष्य प्राप्ति शामिल है।

यह मानक छात्रों की नियमित प्रगति और शिक्षकों की जवाबदेही पर जोर देते हैं। इन मानकों से बच्चे बिना किसी डर के सीखने की गतिविधि में शामिल होंगे। बच्चों को अभ्यास कार्य दें, जिससे उनका नियमित मूल्यांकन हो व बच्चों को आवश्यकता के अनुसार उपयोगी सुझाव भी मिले।

बच्चों की समझ और सीखने के स्तर का आकलन में प्रश्नोत्तरी गतिविधि आधारित मूल्यांकन, अंगूठा ऊपर-नीचे जैसी कई तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। सीखने में पीछे रहने वाले बच्चों के लिए विशेष शिक्षण कार्यक्रम चलाया जाएगा और कक्षा स्तर के बच्चों को स्वतंत्र रूप से पढ़ने और लिखने के अधिक अवसर दिए जाने का निर्देश दिया गया है। शिक्षकों के दैनिक जीवन से जुड़ी घटनाओं से संबंधित ऐसी पाठ योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।


अभिभावकों को दिया जाएगा निपुण परीक्षा का परिणाम, बेसिक शिक्षा विभाग इस सत्र की परीक्षा तैयारियों में जुटा

लखनऊ। परिषदीय स्कूलों में प्री प्राइमरी से कक्षा पांच तक के छात्रों की निपुण परीक्षा का भी रिजल्ट अभिभावकों को दिया जाएगा। परीक्षा परिणाम ऑनलाइन भी मिलेगा। नवंबर-दिसंबर में होने वाले निपुण मूल्यांकन की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

इस साल कक्षा एक से पांच के बच्चों की भाषा, विज्ञान, गणित व पर्यावरण विज्ञान विषयों में दक्षता जांचने के लिए निपुण परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। ऐसे छात्र जो 75 प्रतिशत तक प्रश्नों का सही जवाब देंगे, उन्हें निपुण घोषित किया जाएगा। अभिभावकों को निपुण परीक्षा का परिणाम देकर उन्हें समझाएंगे कि किन-किन विषय में उनका बच्चा कमजोर है। 

विद्यालय में प्रत्येक छात्र की दक्षता जांची जाएगी और रिजल्ट में सुधार के लिए चर्चा होगी। अच्छा प्रदर्शन करने वाले स्कूलों के शिक्षकों को सम्मानित भी किया जाएगा। महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने सभी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) के प्राचार्यों व बीएसए को निर्देश दिए हैं कि वह डीएलएड प्रशिक्षुओं के सहयोग से परीक्षा की तैयारी समय से पूरी करें।



कक्षा 5 तक निपुण आकलन नवंबर और दिसंबर में, देखें जारी निर्देश 

लखनऊ। प्रदेश में इस साल कक्षा पांच तक के बच्चों का निपुण आकलन कराया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग ने नवंबर-दिसंबर में होने वाले निपुण आकलन की तैयारियां अभी से शुरू कर दी हैं। वहीं इस साल से पहली बार समाचार पत्र पढ़ने को भी निपुण आकलन में शामिल किया गया है। कक्षा चार और पांच में 75 फीसदी सवालों के सही उत्तर देने वाले इसमें निपुण होंगे।

इसी तरह कक्षा तीन से पांच में पहली बार पर्यावरण अध्ययन को भी आकलन में शामिल किया गया है। कक्षा तीन में छात्रों के जीवन के लिए आवश्यक प्राकृतिक व मानव संसाधनों की पहचान इसमें शामिल है। कक्षा चार में यातायात के नियमों, आपातकालीन स्थितियों के उपायों की पहचान और कक्षा पांच में फसल चक्र, ऋतु परिवर्तन, प्राकृतिक आपदा से संबंधित 75 फीसदी सवालों के लिखित व मौखिक जवाब देने वाले छात्र निपुण होंगे। कार्य के लिए प्रति विद्यालय 1000 रुपये प्रोत्साहन राशि डीएलएड प्रशिक्षुओं को दी जाएगी। 

आकलन के बाद निपुण सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। इसमें शिक्षकों को सम्मानित करते हुए प्रशस्ति पत्र दिए जाएंगे। इसके लिए हर जिले को एक लाख बजट जारी किया गया है। निपुण विद्यालय आकलन में शामिल छात्र-छात्राओं का रिपोर्ट कार्ड ऑनलाइन अपलोड किया जाएगा। महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने सभी डायट प्राचार्य व बीएसए को समय से तैयारी व आकलन कराने का निर्देश दिया है। 


निपुण विद्यालय आकलन' कराये जाने के संबंध में निर्देश प्रेषण विषयक









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