बायोमीट्रिक हाजिरी : प्रदेश में पहली बार एक प्राइमरी स्कूल में बायोमीट्रिक हाजिरी पर जागरण संपादकीय

राज्य सरकार की दो कोशिशों की सराहना की जानी चाहिए। इनमें एक तो यह है कि प्रदेश में पहली बार संभल के एक प्राइमरी स्कूल में बायोमीटिक हाजिरी जल्दी ही शुरू होने जा रही है। यह व्यवस्था बच्चों और शिक्षकों दोनों के लिए की जा रही है। इससे जहां एक ओर दूरस्थ आबादी को भी आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जा सकेगा वहीं शिक्षकों के स्कूल आने जाने पर भी नजर रखी जा सकेगी। एक पक्ष यह भी है कि बच्चों की हाजिरी से उन्हें मिलने वाले मिड डे मील के वितरण का हिसाब रखने में भी आसानी हो जाएगी। तकनीक जितनी जल्दी लायी जाएगी, भ्रष्टाचार का खात्मा उतनी ही तीव्रता से होगा।

बायोमीटिक हाजिरी के संदर्भ में सरकार का दूसरा प्रयास उन डाक्टरों पर नियंत्रण करने वाला है जो बावजूद सारी कोशिशों और प्रोत्साहन के छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में नौकरी करने नहीं जाना चाहते। वे शहर में ही बने रहते हैं और कभी-कभी मानो मूड बदलने के लिए ग्रामीण अंचलों में चिकित्सा कार्य करने पहुंचते हैं। दशकों से चली आ रही यह समस्या अब बड़ा नासूर बन चुकी है। स्वास्थ्य चुनौतियां बढ़ रही हैं लेकिन, उनसे पार पाने के लिए जो वर्ग प्रशिक्षित किया गया और जिसे भारी वेतन मिलता है, वह गांवों में जाने को तैयार नहीं। अब सरकार यदि प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पतालों तक बायोमीटिक हाजिरी सिस्टम लगाना चाहती है तो उसकी इस पहल का स्वागत होना चाहिए। बड़े शहरों में रहकर निजी प्रैक्टिस करने वाले सरकारी डाक्टरों पर अंकुश लगाना ही होगा।


इन सार्थक प्रयासों का दूसरा पक्ष भी है। यह कि इन्हें लागू करने के बाद इनकी मॉनीटरिंग कैसे की जाती है। जैसे, लखनऊ के कई बड़े सरकारी दफ्तरों में बायोमीटिक हाजिरी के लिए उपकरण लगाए गए लेकिन, कुछ ही दिन बाद वे बेकार कर दिए गए। कर्मचारी पहले की ही तरह जब मन चाहा आते-जाते हैं। दिन में कितनी ही बार वे दफ्तर छोड़ते हैं, कितनी ही बार दफ्तरों के बाहर वे चाय पान की दुकानें आबाद करते हैं। जब तक कर्मचारियों के इस रवैये पर अंकुश नहीं लगता, मशीनी नियंत्रण का कोई उपाय प्रभावी नहीं होगा। दफ्तर आकर गायब हो जाने वाले चंद लोगों पर सख्त कार्रवाई हो जाए तो बाकी अपने आप ही सुधर जाएंगे। कर्मचारी अपनी सीट पर बैठने लगें तो जनहित के बहुत सारे काम अपने आप ही होने लगेंगे।

बायोमीट्रिक हाजिरी : प्रदेश में पहली बार एक प्राइमरी स्कूल में बायोमीट्रिक हाजिरी पर जागरण संपादकीय Reviewed by Praveen Trivedi on 5:48 AM Rating: 5

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