87 रुपये की वापसी पर 7 महीने में नहीं हो पाया निर्णय, शिक्षकों के वेतन से सामूहिक बीमा योजना के नाम पर प्रतिमाह कट रहे थे रुपये, 2014 में बंद हो गई योजना

87 रुपये की वापसी पर 7 महीने में नहीं हो पाया निर्णय, शिक्षकों के वेतन से सामूहिक बीमा योजना के नाम पर प्रतिमाह कट रहे थे रुपये, 2014 में बंद हो गई योजना

31 मार्च 2014 के बाद भी शिक्षकों से प्रतिवर्ष 87 रुपये की होती रही कटौती

बीमा योजना बंद होने पर शिक्षकों ने रुपये वापसी की मांग की थी

प्रयागराज। बेसिक शिक्षा परिषद के लाखों शिक्षकों के वेतन से सामूहिक बीमा योजना के नाम पर प्रतिमाह 87 रुपये की कटौती वापसी पर जिम्मेदार अफसर निर्णय नहीं ले पा रहे हैं। एलआईसी ने 31 मार्च 2014 के बाद से पुरानी योजना समाप्त कर दी थी। हालांकि 31 मार्च 2014 के बाद नियुक्त शिक्षकों के वेतन से 2022 तक कटौती होती रही। प्रयागराज में ही सितंबर 2022 तक कटौती की गई है।

बीमा बंद होने के बावजूद कटौती पर शिक्षकों ने आपत्ति की तो बेसिक शिक्षा विभाग ने चार साल पहले मासिक कटौती तो बंद कर दी लेकिन अब तक उनके रुपये वापस नहीं किए हैं। पिछले चार साल से शिक्षक रुपये वापसी की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में एक आईजीआरएस में बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेन्द्र कुमार तिवारी ने पांच जनवरी को जवाब दिया है कि अंशदान कटौती की धनराशि के संबंध में 27 जून 2025 को शासन को प्रस्ताव भेजा है।

हालांकि उसके बाद अब तक रुपये वापसी पर कोई निर्णय नहीं हो सका है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष देवेन्द्र कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि शिक्षकों को जब सामूहिक बीमा योजना का लाभ नहीं मिल रहा है तो उन्हें कटौती की राशि ब्याज के साथ वापस की जानी चाहिए।


87 रुपये की वापसी पर 7 महीने में नहीं हो पाया निर्णय, शिक्षकों के वेतन से सामूहिक बीमा योजना के नाम पर प्रतिमाह कट रहे थे रुपये, 2014 में बंद हो गई योजना Reviewed by प्राइमरी का मास्टर 2 on 6:47 AM Rating: 5

No comments:

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.