निपुण भारत मिशन के निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति तथा जनसमुदाय की भागीदारी बढ़ाने के लिये 'शिक्षा चौपाल' के आयोजन के संबंध में दिशा-निर्देश।
शिक्षा चौपाल के माध्यम से निपुण भारत मिशन को मिलेगी गति, बेसिक शिक्षा विभाग 24 जनवरी को न्याय पंचायत स्तर पर करेगा आयोजन
लखनऊ। प्रदेश में निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग आमजन की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में कदम उठा रहा है। इसी क्रम में 27 जनवरी से शुरू होने वाले निपुण मूल्यांकन से पूर्व 24 जनवरी को प्रदेश की सभी न्याय पंचायतों में शिक्षा चौपाल का आयोजन किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य अभिभावकों, विद्यालय प्रबंधन समितियों (एसएमसी), शिक्षकों और स्थानीय समुदाय को निपुण भारत मिशन के उद्देश्यों से जोड़ना है, ताकि बच्चों की बुनियादी भाषा और गणितीय दक्षताओं को सुदृढ़ किया जा सके। विभाग का मानना है कि इससे आगामी मूल्यांकन में बेहतर परिणाम प्राप्त होंगे।
शिक्षा चौपाल के माध्यम से बालवाटिका के प्रभावी संचालन, बच्चों के नामांकन और नियमित उपस्थिति के साथ-साथ शिक्षा के दीर्घकालिक महत्व पर विशेष जोर दिया जाएगा। इस अवसर पर विद्यालयों को उपलब्ध कराई गई शिक्षण सामग्री, प्रिंट-रिच सामग्री, गणित किट, पुस्तकालय, खेल सामग्री तथा डिजिटल संसाधनों जैसे स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, खान अकादमी और टीचर्स एप की जानकारी भी साझा की जाएगी।
बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि शिक्षा चौपाल के माध्यम से अभिभावकों और समाज की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इससे यह संदेश जाएगा कि बच्चों की शिक्षा केवल विद्यालय की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। वहीं महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने कहा कि चौपाल में शिक्षक, अभिभावक और समुदाय एक साथ बैठकर बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को समझेंगे। इससे शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार होगा और निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को गति मिलेगी।
निपुण भारत मिशन के निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति तथा जनसमुदाय की भागीदारी बढ़ाने के लिये 'शिक्षा चौपाल' के आयोजन के संबंध में दिशा-निर्देश।
Reviewed by प्राइमरी का मास्टर 2
on
7:45 AM
Rating:
No comments:
Post a Comment