शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा, बतौर शिक्षक नियुक्ति के लिए दिये जाएंगे 2 मौके, आयु सीमा व तजुर्बे का सरकार रख सकती है ख्याल

शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा, बतौर शिक्षक नियुक्ति के लिए दिये जाएंगे 2 मौके, आयु सीमा व तजुर्बे का सरकार रख सकती है ख्याल।


सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश में 1.78 लाख शिक्षामित्रों की सहायक अध्यापक के रूप में नियमितीकरण को सिरे से गैरकानूनी ठहराया। साथ ही भारी राहत देते हुए उन्हें तत्काल हटाने से मना कर दिया। कोर्ट ने कहा कि शिक्षामित्रों को शिक्षक भर्ती की औपचारिक परीक्षा में बैठना होगा और उन्हें लगातार दो प्रयासों में यह परीक्षा पास करनी होगी। 






फैसले मेंखामी नहीं: सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से उत्तर प्रदेश को चार साल से मथ रहे इस विवाद की समाप्ति हो गई। जस्टिस आदर्श कुमार गोयल और यू.यू. ललित की विशेष पीठ ने मंगलवार को यह आदेश देते हुए कहा कि शिक्षामित्रों के नियमितीकरण को गैरकानूनी ठहराने वाले 2014 के इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश में कोई खामी नहीं है। राज्य को आरटीई एक्ट की धारा 23(2) के तहत शिक्षकों के लिए न्यूनतम योग्यताओं को घटाने का कोई अधिकार नहीं है। आरटीई की बाध्यता के कारण राज्य सरकार ने योग्यताओं में रियायत देकर शिक्षामित्रों को नियुक्ति दी थी। पीठ ने कहा कि कानून के अनुसार ये कभी शिक्षक थे ही नहीं, क्योंकि ये योग्य नहीं थे।





शिक्षामित्रों को मिलेगी उम्र सीमा में रियायत

हम फैसले का अध्ययन कर रहे हैं। कानूनी विशेषज्ञों की राय लेने के बाद ही आगे कार्रवाई होगी।-राज प्रताप सिंह,अपर मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा विभाग





सुप्रीमकोर्ट ने शिक्षामित्रोंको राहत देते हुए कहा कि उन्हें शिक्षक भर्ती की औपचारिक परीक्षा में बैठना होगा। शर्त यह होगी कि यह परीक्षा उन्हें लगातार दो प्रयासों मेंपास करनी होगी।





’शिक्षामित्रों के लिए विशेष तौर पर टीईटी का आयोजन कर सकती है। तत्कालीन सपा सरकार ने उर्दू शिक्षकों को भर्ती करने के लिए अलग से भाषा टीईटी की परीक्षा करवाई थी। ’अनुभव के आधार पर वरीयता देने के निर्देश हैं। शिक्षामित्रों को ज्यादा अंकों की वरीयता दी जा सकती है। ’उम्र में छूट के लिए सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दे रखे हैं। ’तात्कालिक राहत देते हुए उन्हें वापस संविदा पर रखते हुए वही वेतन दिया जाए जो उन्हें सहायक अध्यापक रहते हुए मिल रहा था।


शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा, बतौर शिक्षक नियुक्ति के लिए दिये जाएंगे 2 मौके, आयु सीमा व तजुर्बे का सरकार रख सकती है ख्याल Reviewed by Brijesh Shrivastava on 5:28 AM Rating: 5

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