जिलों के अधिकारियों की कसी गई नकेल, प्राइमरी शिक्षकों का आधार न होने पर रुकेगा वेतन, स्कूलों के जर्जर भवन की मरम्मत हेतु प्रस्ताव तलब

: बेसिक शिक्षकों को आधार का ब्योरा न देने पर सैलरी नहीं मिलेगी। गुरुवार को शासन में हुई समीक्षा बैठक में ऐसे शिक्षकों की सैलरी रोकने के निर्देश दिए गए, जिन्होंने आधार अपडेट नहीं करवाया है। बैठक में जिन स्कूलों के भवन जर्जर हो गए हैं, उनकी मरम्मत का प्रस्ताव भी भेजने के लिए कहा गया।

समीक्षा बैठक में यह भी सामने आया कि 48 जिले ऐसे हैं, जहां स्कूलों में छात्र-छात्राओं के नामांकन की स्थिति पोर्टल पर हर दिन अपलोड नहीं की जा रही है। इसमें बेसिक शिक्षा मंत्री का जिला बहराइच भी शामिल है। इसे आदेश की घोर अवहेलना बताया गया। इन जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को 26 सितंबर तक अपना स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। वहीं, नौ जिले ऐसे मिले, जहां 90% से कम जूते-मोजे वितरित किए गए थे। सात जिलों में अब तक यूनिफॉर्म और 10 जिलों में स्कूल बैग का वितरण पूरा नहीं हो सका है। इन
बिना आधार नहीं मिलेगी बेसिक शिक्षकों को सैलरी
जिलों के अधिकारियों की भी नकेल कसी गई। नामांकन की स्कूलवार समीक्षा करने के भी निर्देश दिए गए। हाल में हुई सहायक शिक्षक भर्ती की परीक्षा में काउंसलिंग के सापेक्ष नियुक्ति का विवरण रखा गया। आठ महत्वाकांक्षी जिलों में नियुक्ति पत्र पाने वाले 426 अभ्यर्थियों ने अभी जॉइन नहीं किया है।

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लखनऊ | विशेष संवाददाता.

जिन शिक्षकों का आधार नंबर खाते से नहीं जुड़ा है, उनका वेतन रोका जाएगा। यह निर्देश बेसिक शिक्षा निदेशक सर्वेन्द्र विक्रम बहादुर सिंह ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि वेतन के लिए शिक्षकों का आधार नंबर होना अनिवार्य है। .

आकांक्षी जिलों की विशेष तौर पर समीक्षा करते हुए बैठक में जानकारी दी गई कि 68,500 शिक्षक भर्ती में 8 आकांक्षी जिलों को आवंटित 9210 में से 8784 शिक्षक कार्यभार ग्रहण कर चुके हैं। सिंह ने छात्र नामांकन की समीक्षा स्कूल स्तर पर भी करने के निर्देश देते हुए कहा कि कक्षा 5 के बच्चे का कक्षा 6 और कक्षा 8 के बच्चे का कक्षा 9 में 100 फीसदी प्रवेश निश्चित किया जाए। इसके लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग से समन्वय स्थापित किया जाए। जूता मोजा, यूनिफार्म व निशुल्क पाठ्य पुस्तकों का 90 फीसदी से भी कम वितरण करने वाले 10 जिलों को उन्होंने चेतावनी दी।.

सिंह ने सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को उनकी वार्षिक गोपनीय प्रविष्टि के लिए उनके द्वारा किए गए कामों का ब्यौरा मांगा। निदेशक ने मिड डे मील में आईवीआरएस पर सही उत्तर न देने वाले स्कूलों और अध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि सभी अधिकारी बारिश के बाद जर्जर व ध्वस्त हुए स्कूलों की सूची बना कर निष्प्रयोज्य घोषित करने के लिए प्रस्ताव भेजा जाए। बच्चों के आधार नामांकन की 2 अक्टूबर से शुरुआत की जाए।.

जिलों के अधिकारियों की कसी गई नकेल, प्राइमरी शिक्षकों का आधार न होने पर रुकेगा वेतन, स्कूलों के जर्जर भवन की मरम्मत हेतु प्रस्ताव तलब Reviewed by Ram Krishna mishra on 7:21 AM Rating: 5

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