महाराणा प्रताप की जयंती 9 मई को सार्वजनिक अवकाश घोषित

  • महाराणा प्रताप की जयंती पर भी छुट्टी
राज्य ब्यूरो, लखनऊ : सार्वजनिक अवकाश को लेकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की उदारता में एक और कड़ी जुड़ गई है। मुख्यमंत्री ने नौ मई को महाराणा प्रताप की जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने का निर्णय किया है। इस बाबत औपचारिक आदेश भी जारी कर दिया गया है। ध्यान रहे, पिछले दिनों ग्राम्य विकास मंत्री अरविंद सिंह गोप के नेतृत्व में क्षत्रिय समाज के विधायक व सपा नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलकर महाराणा प्रताप की जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने का आग्रह किया था।

तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने 2006 में परशुराम जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया था और माना जा रहा है कि जातीय संतुलन साधने की कोशिश में अखिलेश यादव वे महाराणा प्रताप जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने का निर्णय किया है। गत कुछ महीनों में अखिलेश सरकार ने ताबड़तोड़ सार्वजनिक अवकाश घोषित किए हैं। पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की जयंती पर 17 अप्रैल तथा बिहार के मुख्यमंत्री रहे कपरूरी ठाकुर की जयंती 24 जनवरी पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया। डॉ. अंबेडकर के निर्वाण दिवस छह दिसंबर को भी मुख्यमंत्री ने अवकाश घोषित किया है। इस मामले में दिलचस्प तथ्य यह है कि डॉ. अंबेडकर के निर्वाण दिवस पर तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने 2009 में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया था, लेकिन सत्ता में आते ही अखिलेश यादव ने इस छुट्टी का निरस्त कर दिया था। 14 अप्रैल को अम्बेडकर जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपने ही फैसले को पलटते हुए बाबा साहब के निर्वाण दिवस पर अवकाश को बहाल कर दिया।

अखिलेश सरकार ने 23 दिसम्बर को पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती तथा ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती गरीब नवाज के उर्स पर 26 अप्रैल को भी सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। उत्तर प्रदेश में अधिक संख्या में सार्वजनिक अवकाश घोषित किए जाने को लेकर जनहित याचिका भी उच्च न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है जिस पर सरकार से जवाब मांगा गया है। गौर करने की बात यह है कि अब उत्तर प्रदेश में 38 सार्वजनिक अवकाश हो गए हैं, जबकि मध्य प्रदेश व तमिलनाडु जैसे राज्यों में इनकी संख्या 25 है। यह भी सर्वविदित है कि राजनीतिक लाभ के लिए ही सरकारें सार्वजनिक अवकाश की संख्या बढ़ाती जा रही हैं। इस साल सार्वजनिक व र्निबधित अवकाश की संख्या मिलाकर 55 तक पहुंच गई है।

                                                             खबर साभार : दैनिक जागरण

  • महाराणा प्रताप जयंती पर नौ को सार्वजनिक अवकाश
  • अवकाश के आग्रह को माने जाने पर गोप ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया 
लखनऊ (एसएनबी)। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जनभावनाओं की कद्र करते हुए महाराणा प्रताप की जयंती 9 मई को सार्वजनिक अवकाश की अपनी संस्तुति दे दी है।
यह जानकारी देते हुए ग्राम्य विकास मंत्री अरविंद सिंह गोप ने बताया कि प्रदेश की जनता की मांग को मेरे द्वारा मुख्यमंत्री के समक्ष रखा गया था। इस मांग पर गंभीरता से विचार करते हुए महाराणा प्रताप के जन्मदिन पर सार्वजनिक अवकाश की संस्तुति दे दी है इसके लिए प्रदेश का क्षत्रिय समाज, सामाजिक संस्थाएं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बधाई दी है।

साभार : सहारा
छुट्टी तो बहाना है, क्षत्रियों को लुभाना है
चंद्रशेखर के बाद महाराणा प्रताप जयंती पर भी सार्वजनिक अवकाश

लखनऊ। पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की जयंती पर छुट्टी के बाद महाराणा प्रताप की जयंती पर भी सार्वजनिक अवकाश का ऐलान कर राज्य की सपा सरकार ने क्षत्रियों को अपनी ओर आकर्षित करने की सियासी चाल चल दी है। प्रदेश में 2017 के विधानसभा चुनाव के लिहाज से हर दल अपनी-अपनी चाल चल रहा है। समाजवादी पार्टी से अमर सिंह की विदाई के बाद सपा अर्से तक किसी ठाकुर चेहरे को आगे नहीं कर पाई। रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया सूबे में क्षत्रियों के बीच अच्छी पहचान रखते हैं लेकिन सपा सरकार में शामिल होने के बावजूद वे उसके सदस्य नहीं हैं। पार्टी ने उन्हें मंत्री तो बनाया लेकिन कभी भी क्षत्रिय चेहरे के रूप में पेश नहीं किया। पिछले दिनों जनता परिवार के विलय को लेकर चर्चा के दौरान राजा भैया ने साइकिल चुनाव चिह्न को बनाए रखने की वकालत कर अपनी भूमिका बढ़ाने की ओर संकेत जरूर किया, लेकिन सपा ने इसे ज्यादा तवज्जो नहीं दिया। दूसरे क्षत्रिय मंत्री हों या विधायक, किसी को नेता के रूप में आगे नहीं बढ़ाया गया।
अर्से बाद ग्राम्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अरविंद कुमार सिंह गोप को पार्टी ने प्रदेश महासचिव बनाकर क्षत्रियों को जोड़ने की ओर बड़ा कदम बढ़ाया। इसके बाद क्षत्रिय नेताओं की सक्रियता अचानक बढ़ गई और सबसे पहले पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित कराया गया। पार्टी इसका सियासी फायदा लेने में पूरी तरह सक्रिय नजर आई। सार्वजनिक अवकाश घोषित करने के लिए सरकार के प्रति आभार सम्मेलन भी किया गया। इसके बाद क्षत्रियों के स्वाभिमान से जुड़े महाराणा प्रताप की जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग आगे बढ़ी। बताया जाता है कि गोप ने ही सरकार सेइस मांग की पैरवी की थी। सरकार ने बिना देर किए महाराणा प्रताप जयंती पर भी सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया।
अमर सिंह के बाद गोप को सक्रिय करने के बाद मुहिम में आई तेजी
  • सियासी फायदे के लिए पहले भी कर चुकी है छुट्टियों का ऐलान
मौजूदा सरकार इसके पहले भी सियासी फायदे वाले कई अन्य सार्वजनिक अवकाशों की घोषणा कर चुकी है। इनमें किसान नेता व पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह व अति पिछड़ों के नेता व बिहार के मुख्यमंत्री रहे जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती और गरीब नवाज ख्वाजा मुईनुददीन चिश्ती के उर्स पर छुट्टियां की गईं। सियासी दृष्टि से पहले अंबेडकर परिनिर्वाण दिवस की छुट्टी रद्द की गई, लेकिन बाद में इसे बहाल कर दिया गया।
खबर साभार : अमर उजाला

साभार हिंदुस्तान 
यूपी सरकार ने महाराणा प्रताप की जयंती पर 9 मई को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। सामान्य प्रशासन विभाग के प्रस्ताव को बुधवार को सीएम अखिलेश यादव ने मंजूरी दे दी। इस तरह इस साल अब तक चार सार्वजनिक अवकाश घोषित किए गए हैं। महाराणा प्रताप की जयंती पर छुट्टी की मांग यूं तो कई सालों से की जा रही थी लेकिन सत्तारूढ़ सपा के क्षत्रिय नेताओं ने यह मांग प्रमुखता से उठाई। क्षत्रिय वर्ग में सपा की पैठ और गहरी करने क ी मंशा को इस कवायद से जोड़कर देखा जा रहा है। इससे पहले पूर्व पीएम चंद्रशेखर जयंती पर सार्वजनिक अवकाश कर क्षत्रियों को लुभाने की कोशिश की गई है। 

लखनऊ-उत्तर प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला,महाराणा प्रताप की जयंती 9 मई को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया,9 मई 1540 को हुआ था जन्म
खबर साभार : ETV UP/UK

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महाराणा प्रताप की जयंती 9 मई को सार्वजनिक अवकाश घोषित Reviewed by Brijesh Shrivastava on 6:20 AM Rating: 5

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