गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रशिक्षण जरूरी : सीमैट में प्रारंभिक शिक्षा की चुनौतियों पर हुआ मंथन


इलाहाबाद : परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए व्यापक मंथन हुआ। अधिकारियों ने वर्तमान शिक्षा पद्धति में सुधार करने की वकालत करते हुए विद्यालय में शिक्षकों की उपस्थिति पर जोर दिया। बुधवार को राज्य शैक्षिक प्रबंधन एवं प्रशिक्षण संस्थान (सीमैट) में सर्व शिक्षा अभियान के तहत ‘प्रारंभिक शिक्षा में गुणवत्ता : उपलब्धियां एवं चुनौतियां’ विषयक संगोष्ठी में मुख्य अतिथि सचिव बेसिक शिक्षा उत्तर प्रदेश शासन एचएल गुप्त ने कहा कि गुणवत्ता के बिना शिक्षा की कल्पना निराधार है।

शिक्षा में गुणवत्ता की बात शिक्षकों की विद्यालय में उपस्थिति बिन नहीं की जा सकती, क्योंकि उन्हीं को सारा दायित्व निभाना होता है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए शिक्षकों में रुचि बढ़ाने की जरूरत है। इसके लिए उन्हें समय-समय पर प्रशिक्षित करना होगा।

विशिष्ट अतिथि सेवानिवृत्त शिक्षा निदेशक एलपी पांडेय ने कहा कि शिक्षक व शैक्षिक प्रशासन के रूप में हमारे मानवीय प्रयास उत्तम नहीं है, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रभावित हो रही है। इस दिशा में सुधार की जरूरत है। सीमैट के निदेशक संजय सिन्हा ने कहा कि शिक्षा का मुख्य केंद्र बच्चा है। बच्चों की आवश्यकताओं, रुचियों व मनोविज्ञान को समझकर उन्हें नई दिशा प्रदान करना आवश्यक है। इसमें शिक्षकों के साथ अभिभावकों व समाज को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभानी होगी। संयोजक प्रभात कुमार मिश्र ने आभार ज्ञापित किया। प्रो. अरुण सी. मेहता, डॉ. अनिल यादव, प्रो. एबीएल श्रीवास्तव, विनय पांडेय आदि ने विचार व्यक्त किए।
खबर साभार : दैनिक जागरण

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गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रशिक्षण जरूरी : सीमैट में प्रारंभिक शिक्षा की चुनौतियों पर हुआ मंथन Reviewed by Brijesh Shrivastava on 9:16 AM Rating: 5

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