बेसिक शिक्षा से जुड़े स्कूलों के लिए एकेडमिक और प्रशासनिक गतिविधियों का वार्षिक कैलेण्डर और निर्देश जारी, करें डॉउनलोड

बेसिक शिक्षा में पहली बार जारी हुआ शैक्षिक कैलेंडर, हर महीने का पाठ्यक्रम निर्धारित, चार बार होगा छात्रों का मूल्यांकन

प्रार्थना सभा की होगी फोटो, विद्यालय अवधि में किसी अन्य गतिविधि में नहीं होंगे शामिल होंगे शिक्षक 


लखनऊ। बेसिक शिक्षा विभाग ने पहली बार अपने यहां भी शैक्षिक कैलेंडर जारी किया है। विभाग ने इसमें हर महीने पाठ्यक्रम को बांटकर पढ़ाई कराने, चार बार छात्रों के मूल्यांकन कराने, अलग अलग गतिविधियों व खेलकूद के आयोजन के लिए समय निर्धारित किया है। साथ ही यह भी कहा है कि प्रार्थना सभा में सभी शिक्षक उपस्थित रहेंगे और बच्चों के साथ प्रतिदिन अपनी फोटो लेंगे।

अभी तक माध्यमिक शिक्षा विभाग ही अपने यहां शैक्षिक कैलेंडर जारी करता था। इस बार बेसिक शिक्षा विभाग ने कैलेंडर जारी कर पठन-पाठन के साथ साथ छात्रों के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया है। इसमें तय किया गया है कि सभी शिक्षक प्रार्थना सभा में शामिल होंगे। प्रधानाध्यापक बच्चों के साथ प्रार्थना स्थल की फोटो प्रतिदिन लेंगे। इसे खंड शिक्षा अधिकारी को भेजेंगे और टैबलेट में सुरक्षित रखेंगे।

विभाग ने हर महीने का पाठ्यक्रम निर्धारित करते हुए उसी महीने में अनिवार्य रूप से पूरा करने को कहा है। महापुरुषों के जन्मदिन पर उनके योगदान पर प्रार्थना सभा के बाद चर्चा की जाएगी। साथ ही निबंध, पोस्टर व वाद-विवाद प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी। 

विद्यार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण कराकर उनका स्वास्थ्य कार्ड तैयार किया जाएगा। सभी विद्यालयों में वार्षिकोत्सव मनाया जाएगा। विभाग ने शिक्षक-अभिभावक बैठकों, प्रबंध समिति की बैठकों, परीक्षाओं की तिथि भी इसमें तय कर दी है। 

इतना ही नहीं विभाग ने कहा है कि कक्षा एक से आठ तक बच्चों के सतत मूल्यांकन पर बल दिया जाएगा। सत्र में चार बार छात्र- छात्राओं का मूल्यांकन किया जाएगा। अगस्त व दिसंबर में सत्रीय परीक्षा, अक्तूबर में छमाही व मार्च में वार्षिक परीक्षा होगी। बच्चों को पढ़ाई के साथ सामाजिक गतिविधियों व चीजों के प्रति जागरूक किया जाएगा। आत्मरक्षा प्रशिक्षण, आउटडोर गतिविधियां, बाल मेला, पारंपरिक खेलकूद का भी आयोजन होगा।


स्कूलों में बच्चे रोज करेंगे ध्यान, हर शनिवार को स्कूलों में सुनाई जाएंगी लघु कथाएं तो स्कूल अवधि बाद लगेगी चौपाल

बेसिक शिक्षा विभाग ने जारी किया सत्र 2024-25 का शैक्षिक कैलेंडर


परिषदीय स्कूलों में बच्चों की प्रतिभा निखारने व उन्हें शारीरिक व मानसिक रूप से मजबूत बनाने के लिए अब रोज ध्यान कराया जाएगा। प्रत्येक दिन अलग-अलग प्रार्थना के साथ ही जहां कई अन्य गतिविधियां भी करवाई जाएंगी, वहीं हर शनिवार को बच्चों को लघु कथाएं सुनाई जाएंगी। साथ ही स्कूल अवधि के बाद चौपाल भी आयोजित होगी। बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से शैक्षिक सत्र 2024-25 के लिए जारी शैक्षिक कैलेंडर के साथ इन इन कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर सभी स्कूलों को भेज दी गई है। 

शैक्षिक कैलेंडर को लेकर जारी निर्देश में कहा गया है कि प्रतिदिन शिक्षण कार्य शुरू होने से पहले 15 मिनट प्रार्थना सभा करवाई जाए। इसका शत-प्रतिशत अनुपालन न हो पाने की स्थिति में अतिरिक्त कक्षाएं लगाई जाएंगी। वहीं, विद्यालय अवधि के दौरान शिक्षक संगठनों की ओर से आयोजित किसी भी गतिविधि में स्कूल का कोई शिक्षक-कर्मचारी शामिल नहीं होगा। अपरिहार्य स्थिति में समक्ष अधिकारी से स्वीकृत लेने के बाद ही कोई इसमें शामिल हो सकता है। विद्यालयों में प्रार्थना स्थल पर हर शनिवार को लघु कथाएं, प्रेरक प्रसंग, गीत व अन्य गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। स्कूल के बाद ब्लाक स्तर, जनपद व मंडल स्तर पर और राज्य स्तर पर भी खेलकूद प्रतियोगिताएं आयोजित कराई जाएंगी। महापुरुषों के जन्म दिवस पर उनके जीवन एवं योगदान के विषय में प्रार्थना सभा के बाद 30 मिनट की चर्चा होगी।

अलग-अलग दिन कराई जाएंगी ये प्रार्थनाएंः शैक्षिक कैलेंडर के अनुसार अलग-अलग दिन जो प्रार्थनाएं आयोजित होंगी, उसके तहत सोमवार को 'शक्ति हमें दो दयानिधे", मंगलवार को 'दया कर दान भक्ति का, हमें परमात्मा देना', बुधवार को 'ऐ मालिक तेरे बंदे हम', गुरुवार को 'सुबह सवेरे तेरा नाम प्रभु', शुक्रवार को 'हर देश में तू हर भेष में तू' और शनिवार को 'इतनी शक्ति हमें देना दाता' शामिल हैं। इसके अलावा प्रार्थना के बाद राष्ट्रगान होगा। अंत में पांच से सात ध्यान होगा।

विद्यार्थियों का होगा मूल्यांकन

नए कैलेंडर के अनुसार कक्षा एक से आठ तक छात्रों का सतत मूल्यांकन किया जाएगा। शैक्षिक सत्र में दो टर्म परीक्षाएं होंगी। ये परीक्षाएं अगस्त और दिसंबर में होगी। वहीं अक्टूबर में अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं होंगी। वार्षिक परीक्षाएं मार्च में होंगी।


परिषदीय स्कूलों में स्टूडेंट्स रोज लगाएंगे ध्यान, बनेंगे बलवान

लखनऊ : स्टूडेंट्स की प्रतिभा निखारने और उन्हें शारीरिक व मानसिक रूप से मजबूत बनाने के लिए परिषदीय विद्यालयों में अब रोज ध्यान और मेडिटेशन करवाया जाएगा। हर दिन अलग-अलग प्रार्थना के साथ ही कई अन्य एक्टिविटीज भी करवाई जाएंगी।

इसके लिए पूरा खाका तैयार करके परिषदीय विद्यालयों को भेजा गया है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने सत्र 2024-25 के लिए अकैडमिक कैलेंडर और सामान्य निर्देश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि रोज शिक्षण कार्य शुरू होने से पहले 15 मिनट प्रार्थना सभा करवाई जाए। सोमवार को 'शक्ति हमें दो दयानिधे', मंगलवार को 'दया कर दान भक्ति का, हमें परमात्मा देना', बुधवार को 'ऐ मालिक तेरे बन्दे हम', गुरुवार को 'सुबह सवेरे तेरा नाम प्रभु', शुक्रवार को 'हर देश में तू हर भेष में तू' और शनिवार को 'इतनी शक्ति हमें देना दाता' प्रार्थना करवाई जाएगी। इसके अलावा प्रार्थना के बाद राष्ट्रगान करवाया जाएगा। इसके बाद 5-7 मिनट का ध्यान और मेडिटेशन होगा।


शैक्षिक कैलेंडर पूरा नहीं तो एक्स्ट्रा क्लास

शैक्षिक कैलेंडर का शत-प्रतिशत अनुपालन न हो पाने की स्थिति में अतिरिक्त क्लास लगवाई जाएंगी। वहीं विद्यालय अवधि के दौरान शिक्षक संगठनों की ओर से आयोजित किसी भी गतिविधि में स्कूल का कोई शिक्षक-कर्मचारी शामिल नहीं होगा। अपरिहार्य स्थित में मंजूरी लेने के बाद ही कोई इसमें शामिल हो सकता है।


हर शनिवार को सुनाई जाएंगी लघु कथाएं

विद्यालयों में प्रार्थना स्थल पर हर शनिवार को लैंगिक समानता को प्रोत्साहित करने वाली लघु कथाएं, प्रेरक प्रसंग, गीत व अन्य गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। स्कूल के बाद ब्लॉक स्तर, जनपद व मंडल स्तर पर और राज्य स्तर पर भी खेलकूद प्रतियोगिताएं आयोजित करवाई जाएंगी। महापुरुषों के जन्म दिवस पर उनके जीवन एवं योगदान के विषय में प्रार्थना सभा के बाद 30 मिनट की चर्चा होगी। वहीं विद्यालय अवधि के बाद प्रत्येक शनिवार को शिक्षा चौपाल भी लगेगी।


ध्यान और मेडिटेशन से क्या लाभ?

ध्यान और मेडिटेशन से स्टूडेंट शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से स्वस्थ रहेंगे। इससे स्टूडेंट को कक्षा में दी गई जानकारी को याद रखने और परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिल सकती है। ध्यान और मेडिटेशन तनाव को कम करने और विश्राम की भावना को बढ़ावा देने में मदद कर सकते हैं। इससे स्टूडेंट्स अपनी ताकत और कमजोरियों को समझ सकता है


स्कूल की प्रार्थना सभा में नहीं पहुंचे शिक्षक तो होंगे अनुपस्थित, प्रार्थना सभा की फोटो खींचकर भेजनी होगी

परिषदीय स्कूलों में सुबह देर से पहुंचने वाले शिक्षकों पर शिकंजा कसने के लिए अब प्रार्थना सभा की फोटो खींचकर अफसरों के व्हाट्सएप ग्रुप पर भेजना होगा। प्रार्थना सभा में नहीं पहुंचने वाले शिक्षकों को ड्यूटी से अनुपस्थित मानते हुए कार्रवाई की जाएगी।

गुरुजी को अब प्रार्थना सभा में अनिवार्य रूप से मौजूद रहना होगा। सभी शिक्षकों का प्रार्थना स्थल की एक फोटो खींचनी होगी। इस फोटो को प्रार्थना खत्म होते ही तत्काल खंड शिक्षाधिकारी को भेजना होगा। साथ ही टैबलेट में भी इस फोटो को सुरक्षित रखना होगा।


परिषदीय स्कूलों की प्रार्थना सभा में बेसिक शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य, फोटो खींचकर देना होगा प्रमाण

यूपी के परिषदीय स्कूलों में प्रधानाध्यापक समेत सभी शिक्षकों को अनिर्वाय रूप से प्रार्थना सभा में मौजूद रहना होगा। साथ ही अवकाश को छोड़ प्रतिदिन इसका प्रमाण भी देना होगा।

इसके लिए प्रधानाध्यापकों को सभी शिक्षकों का प्रार्थना स्थल सहित एक फोटो खींचना होगा। उसे प्रार्थना खत्म होते ही तत्काल खंड शिक्षाधिकारी को भेजना होगा और अपने टैबलेट में भी सुरक्षित रखना होगा।

यह व्यवस्था मंगलवार को वर्ष 2024-25 के लिए जारी नए शैक्षिक कैलेंडर में की गई है। स्कूल शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा ने इस संबंध में कैलेंडर भी जारी किये हैं। साथ ही सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों व डायट प्राचार्यों को भी निर्देश भेज दिया है।

साथ ही इसका कड़ाई से पालन कराने के भी निर्देश दिए हैं। नए कैलेंडर के अनुसार कक्षा एक से आठ तक छात्रों का सतत मूल्यांकन किया जाएगा। शैक्षिक सत्र में दो टर्म परीक्षाएं होंगी। ये परीक्षाएं अगस्त और दिसम्बर में होंगी। वहीं अक्तूबर में अर्द्ध वार्षिक परीक्षाएं होंगी। वार्षिक परीक्षाएं मार्च में होंगी।


बेसिक शिक्षा से जुड़े स्कूलों के लिए एकेडमिक और प्रशासनिक गतिविधियों का वार्षिक कैलेण्डर और निर्देश जारी, करें डॉउनलोड 

सत्र 2024–25 में परिषदीय विद्यालयों में अकादमिक गतिविधियों के संबंध में 



बेसिक शिक्षा से जुड़े स्कूलों के लिए एकेडमिक और प्रशासनिक गतिविधियों का वार्षिक कैलेण्डर और निर्देश जारी, करें डॉउनलोड Reviewed by प्राइमरी का मास्टर 2 on 6:21 AM Rating: 5

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