परिषदीय विद्यालयों में कक्षा शिक्षण की उत्कृष्ट विधा स्थापित करने के संबंध में

वीडियोज के जरिए अध्यापन कार्य का डायट करेगा मूल्यांकन, शिक्षक होंगे पुरस्कृत, बेहतर शिक्षण वाले वीडियो दीक्षा एप पर होंगे अपलोड


बेसिक विद्यालयों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के शिक्षण कार्य का मूल्यांकन किया जाएगा। मूल्यांकन के आधार पर बेहतर शिक्षण कार्य करने वाले शिक्षकों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान इनके कार्यों का मूल्यांकन करेगा। विद्यालयों में पढ़ाने के तरीके और विद्यार्थियों पर उनके प्रभाव का अब मूल्यांकन होगा। कक्षा में शिक्षकों के शिक्षण कार्य की वीडियो रिकार्डिंग की जाएगी। यह वीडियो मूल्यांकन के लिए जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) भेजा जाएगा। मूल्यांकन के आधार पर कक्षाओं में बेहतर शिक्षण कार्य करने वाले शिक्षकों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। बेहतर शिक्षण वाले वीडियो को दीक्षा एप पर भी अपलोड किया जाएगा ताकि दूसरे शिक्षक इससे प्रेरित हो सकें। 


मूल्यांकन कार्य पांच स्तर पर किया जाएगा। जिसमें समुचित प्रस्तावना, विद्यार्थियों से संवाद, टीचिंग लर्निंग मैटेरियल का समुचित उपयोग, पूरी कक्षा की सहभागिता और बच्चों के रिस्पॉन्स को सम्मिलित किया जाएगा। 20 मई तक वीडियो तैयार करने का निर्देश दिया गया है। शिक्षकों को प्रशिक्षण देकर उनके पठन-पाठन के तरीकों को निखारा जाएगा। जिससे शिक्षक प्रेरित होकर बेहतर शिक्षण कार्य कर सकेंगे। 



कक्षा में पढ़ाते समय बनेगा वीडियो,  शिक्षकों का होगा मूल्यांकन

कक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने वाले बेसिक शिक्षक होंगे पुरस्कृत, वीडियो दीक्षा एप पर होंगे अपलोड 

बेसिक स्कूलों के शिक्षकों के पढ़ाने के तरीके और बच्चों पर उसके प्रभाव का अब मूल्यांकन किया जाएगा। इसके लिए चलती कक्षाओं की रिकॉर्डिंग की जाएगी। ये वीडियो मूल्यांकन के लिए जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) भेजे जाएंगे। मूल्यांकन के आधार पर कक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को पुरस्कृत किया जाएगा।  उत्कृष्ट श्रेणी के वीडियो को कार्यशालाओं में प्रयोग करने के साथ ही जरूरत के मुताबिक विभाग के दीक्षा एप पर अपलोड किया जाएगा। साथ ही समान्य और मध्यम वर्ग के शिक्षकों को प्रशिक्षण देकर उनके पठन-पाठन के तरीकों को निखारा कएगा। 

बेसिक स्कूलों में प्रभावी शिक्षण के लिए शिक्षकों को लगातार प्रेरित किया जा रहा है। इसी कड़ी में पठन-पाठन को और बेहतर बनाने के मकसद से वीडियो के जरिये शिक्षकों के मूल्यांकन की कवायद शुरू की गई है। हर प्राथमिक, कंपोजिट और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को कक्षावार, विषयवार और लर्निंग आउटकम आधारित बीडियो रिकॉडिंग की जाएगी। महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा का निर्देश आने के बाद डायट ने वीडियो के लिए बेसिक शिक्षा विभाग से पत्राचार किया है। 



कक्षा-शिक्षण की पांच मिनट की वीडियो रिकॉर्डिंग के जरिए बेसिक शिक्षकों का होगा मूल्यांकन

लखनऊ। प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था में किए जा सुधार के क्रम में अब बच्चों के साथ ही शिक्षकों का भी मूल्यांकन होगा। बेसिक शिक्षा विभाग शिक्षकों के पठन-पाठन के तरीकों की पांच मिनट की वीडियो रिकॉर्डिंग कराएगा। इसका डायट स्तर पर मूल्यांकन होगा। वहीं जिन शिक्षकों के पढ़ाने के तरीके आदि में कमियां होंगी, उसमें सुधार के लिए भी काम किया जाएगा।

परिषदीय विद्यालयों में प्रभावी कक्षा शिक्षण के लिए एससीईआरटी की ओर से विभिन्न कवायद की जाती है। इसमें टेक्स्ट बुक से लेकर विभिन्न सपोर्टिंग सुपरविजन भी किया जाता है। इसी के तहत अब पठन-पाठन को और बेहतर करने के उद्देश्य से यह कवायद शुरू की गई है। हर परिषदीय, प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कंपोजिट विद्यालय के शिक्षकों की कक्षावार, विषयवार, लर्निंग आउटकम आधारित वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी। 

महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने सभी डायट प्राचार्य व उप शिक्षा निदेशक को निर्देश दिए हैं कि यह वीडियो 20 मई तक तैयार कराकर बीईओ को उपलब्ध कराएं। इन वीडियो का मूल्यांकन करते हुए उनकी गुणवत्ता के आधार पर उत्कृष्ट, मध्यम व सामान्य श्रेणी में इसका विभाजन किया जाएगा। वहीं मध्यम व सामान्य श्रेणी में

आने वाले शिक्षकों को प्रशिक्षण देकर उनके पठन-पाठन के तरीके को और बेहतर किया जाएगा। जबकि उत्कृष्ट शिक्षकों के वीडियो को विभिन्न कार्यशालाओं में प्रयोग किया जाएगा। इन्हें एक्सपोजर विजिट भी कराई जाएगी ताकि वे और बेहतर कर सकें। उन्होंने कहा है कि यह प्रक्रिया 15 जून तक पूरी करा ली जाए ताकि जुलाई में जब विद्यालय खुलें तो नए उत्साह के साथ पठन-पाठन की शुरुआत हो।


बच्चों को पढ़ाने वाले सरकारी अध्यापकों का अब होगा मूल्यांकन, पढ़ाते समय क्लास रूम की होगी रिकॉर्डिंग

प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था में किए जा सुधार के क्रम में अब बच्चों के साथ ही शिक्षकों का भी मूल्यांकन होगा। बेसिक शिक्षा विभाग शिक्षकों के पठन-पाठन के तरीकों की पांच मिनट की वीडियो रिकॉर्डिंग कराएगा। 

इसका डायट स्तर पर मूल्यांकन होगा। वहीं जिन शिक्षकों के पढ़ाने के तरीके आदि में कमियां होंगी, उसमें सुधार के लिए भी काम किया जाएगा।

परिषदीय विद्यालयों में प्रभावी कक्षा शिक्षण के लिए एससीईआरटी की ओर से विभिन्न कवायद की जाती है। इसमें टेक्स्ट बुक से लेकर विभिन्न सपोर्टिंग सुपरविजन भी किया जाता है। इसी के तहत अब पठन-पाठन को और बेहतर करने के उद्देश्य से यह कवायद शुरू की गई है।

 हर परिषदीय, प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कंपोजिट विद्यालय के शिक्षकों की कक्षावार, विषयवार, लर्निंग आउटकम आधारित वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी। महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने सभी डायट प्राचार्य व उप शिक्षा निदेशक को निर्देश दिए हैं कि यह वीडियो 20 मई तक तैयार कराकर बीईओ को उपलब्ध कराएं। इन वीडियो का मूल्यांकन करते हुए उनकी गुणवत्ता के आधार पर उत्कृष्ट, मध्यम व सामान्य श्रेणी में इसका विभाजन किया जाएगा।


15 जून तक हो प्रक्रिया 
वहीं मध्यम व सामान्य श्रेणी में आने वाले शिक्षकों को प्रशिक्षण देकर उनके पठन-पाठन के तरीके को और बेहतर किया जाएगा। जबकि उत्कृष्ट शिक्षकों के वीडियो को विभिन्न कार्यशालाओं में प्रयोग किया जाएगा। इन्हें एक्सपोजर विजिट भी कराई जाएगी ताकि वे और बेहतर कर सकें। उन्होंने कहा है कि यह प्रक्रिया 15 जून तक पूरी करा ली जाए ताकि जुलाई में जब विद्यालय खुलें तो नए उत्साह के साथ पठन-पाठन की शुरुआत हो।


परिषदीय विद्यालयों में कक्षा शिक्षण की उत्कृष्ट विधा स्थापित करने के संबंध में


परिषदीय विद्यालयों में कक्षा शिक्षण की उत्कृष्ट विधा स्थापित करने के संबंध में Reviewed by प्राइमरी का मास्टर 2 on 5:42 AM Rating: 5

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