परिषदीय शिक्षकों की खण्ड शिक्षा अधिकारी पद पर हो सकेगी पदोन्नति, हाईकोर्ट द्वारा अवमानना मामले पर निर्णय के बाद बेसिक शिक्षा निदेशक ने जारी किया आदेश, देखें विभागीय और हाईकोर्ट ऑर्डर


बेसिक शिक्षा परिषद के दो शिक्षकों को बीईओ पद पर पदोन्नति के निर्देश, हाईकोर्ट के आदेश पर बेसिक शिक्षा निदेशक ने अपर शिक्षा निदेशक बेसिक को लिखा पत्र

प्रयागराज ।  बेसिक शिक्षा परिषद के दो शिक्षकों को खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) के पद पर पदोन्नति देने के आदेश बेसिक शि निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने दिए उन्नाव जिले में उच्च प्राथमिक विद्यालय बजौरा सुमेरपुर के प्रधानाध्यापक स्वदेश कुमार और उच्च प्राथमिक विद्यालय मियांगंज के सहायक अध्यापक अनिल कुमार बाजपेयी ने एश्योर्ड करियर प्रमोशन (एसीपी) की व्यवस्था परिषदीय शिक्षकों पर लागू करते हुए बीईओ पद पर पदोन्नति के लिए हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में वर्ष 2023 में याचिका की थी। अब पदोन्नति की कार्यवाही के लिए शिक्षा निदेशक ने अपर शिक्षा निदेशक (बेसिक) कामताराम पाल को पत्र लिखा है।

याचिका की सुनवाई में कोर्ट ने बेसिक शिक्षा निदेशक को शिक्षकों के प्रत्यावेदन निस्तारित करने के निर्देश दिए थे। निदेशक ने 16 मई 2024 को बीईओ पर पदोन्नति का प्रत्यावेदन यह कहकर निरस्त कर दिया था कि 10 अप्रैल 2003 के शासनादेश में पदोन्नति संबंधी प्रविधान समाप्त कर दिया गया है। इस तरह प्रत्यावेदन के निस्तारण से असंतुष्ट शिक्षकों ने फिर से याचिका दाखिल की थी, जिस पर हाई कोर्ट ने 10 अप्रैल 2003 के शासनादेश को खारिज करते हुए 25 सितंबर 2024 को निदेशक को शिक्षकों के प्रत्यावेदन फिर से निस्तारित करने के निर्देश दिए थे। निदेशक ने 19 दिसंबर 2024 को दोबारा प्रत्यावेदन निस्तारित किया लेकिन उसके खिलाफ शिक्षकों ने कोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल कर दी।

इस पर कोर्ट ने 16 दिसंबर 2025 को निदेशक को पदोन्नति आदेश का अनुपालन करने या 12 जनवरी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के आदेश दिए थे। 12 जनवरी को सुनवाई में निदेशक ने खंड शिक्षा अधिकारी नियमावली में संशोधन की प्रक्रिया गतिमान होने का हवाला देते हुए एक महीने का समय मांगा था, लेकिन कोर्ट ने 24 घंटे में आदेश का अनुपालन करने के निर्देश दिए थे। इस आदेश के अनुपालन में शिक्षा निदेशक ने 12 जनवरी को ही अपर शिक्षा निदेशक (बेसिक) को पत्र लिखकर पदोन्नति की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।



परिषदीय शिक्षकों की खण्ड शिक्षा अधिकारी पद पर हो सकेगी पदोन्नति, हाईकोर्ट द्वारा अवमानना मामले पर निर्णय के बाद बेसिक शिक्षा निदेशक ने जारी किया आदेश, देखें विभागीय और हाईकोर्ट ऑर्डर

इलाहाबाद उच्च न्यायालय, लखनऊ खंडपीठ द्वारा परिषदीय शिक्षकों की खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) पद पर पदोन्नति से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में सख्त रुख अपनाया गया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि उसके आदेशों की अवहेलना किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं है। यह मामला अनिल बाजपेयी उर्फ अनिल कुमार बाजपेयी व अन्य बनाम निदेशक, बेसिक शिक्षा, उत्तर प्रदेश से जुड़ा है, जिसमें न्यायालय ने पूर्व में दिए गए आदेशों के अनुपालन न होने पर अवमानना कार्यवाही की।

न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि रिट कोर्ट द्वारा 25 सितंबर 2024 को पारित आदेश के तहत निदेशक, बेसिक शिक्षा को यह निर्देश दिया गया था कि वे परिषदीय शिक्षकों के बीईओ पद पर पदोन्नति के मामले पर उत्तर प्रदेश अधीनस्थ शिक्षा (प्रान्तीय उप विद्यालय निरीक्षक) सेवा नियमावली, 1992 के नियम 5(1) के अंतर्गत पुनर्विचार करें और आठ सप्ताह की अवधि में निर्णय लें। इसके बावजूद विभाग द्वारा 19 दिसंबर 2024 को पारित आदेश में नियम 5(1) के अनुसार सम्यक विचार नहीं किया गया, जिसे न्यायालय ने आदेश की अवहेलना माना।

अवमानना वाद की सुनवाई के दौरान निदेशक, बेसिक शिक्षा स्वयं न्यायालय में उपस्थित हुए। उन्होंने यह तर्क दिया कि राज्य सरकार से मार्गदर्शन मांगा गया है तथा नियम 5(1) में संशोधन प्रस्तावित है। इस पर न्यायालय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि एक बार न्यायालय का आदेश पारित हो जाने के बाद उसका अनुपालन करने के लिए राज्य सरकार से मार्गदर्शन लेना या प्रस्तावित संशोधन का हवाला देना स्वीकार्य नहीं है। न्यायालय ने इसे आदेश की जानबूझकर अवहेलना करार दिया।

माननीय न्यायमूर्ति मनीष कुमार ने अपने आदेश में यह भी उल्लेख किया कि निदेशक को पूर्व में 16 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा एक और अवसर दिया गया था, इसके बावजूद आदेश का पालन नहीं किया गया। न्यायालय ने अंतिम रूप से 24 घंटे का समय अनुपालन शपथपत्र दाखिल करने के लिए दिया है और यह स्पष्ट किया है कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो अगली तिथि पर आरोप तय करने के उद्देश्य से प्रतिवादी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा।

इस बीच, उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में बेसिक शिक्षा निदेशालय, उत्तर प्रदेश द्वारा 12 जनवरी 2026 को विभागीय आदेश भी जारी किया गया है। इसमें संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि अवमानना वाद संख्या 4792/2024 में पारित आदेशों के क्रम में नियमावली-1992 के नियम 5(1) के अंतर्गत पदोन्नति की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए तथा संबंधित प्रकरणों में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए।

यह प्रकरण परिषदीय शिक्षकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें न्यायालय ने न केवल बीईओ पद पर पदोन्नति के नियमों की पुनः पुष्टि की है, बल्कि यह भी स्पष्ट संदेश दिया है कि न्यायिक आदेशों की अवहेलना करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जा सकते हैं। शिक्षा विभाग में इस फैसले के दूरगामी प्रभाव पड़ने की संभावना जताई जा रही है।




हाईकोर्ट ऑर्डर 👇 
परिषदीय शिक्षकों की खण्ड शिक्षा अधिकारी पद पर हो सकेगी पदोन्नति, हाईकोर्ट द्वारा अवमानना मामले पर निर्णय के बाद बेसिक शिक्षा निदेशक ने जारी किया आदेश, देखें विभागीय और हाईकोर्ट ऑर्डर Reviewed by प्राइमरी का मास्टर 2 on 8:02 AM Rating: 5

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