परिषदीय स्कूलों के सवा करोड़ बच्चों को अगस्त में दो चरणों में लगेंगे टीके, राज्य व जिला स्तर पर होगी नियमित निगरानी, टिटनेस, डिप्थीरिया, काली खांसी, खसरा और रुबेला जैसी बीमारियों से हो सकेगा बचाव
परिषदीय स्कूलों के सवा करोड़ बच्चों को अगस्त में दो चरणों में लगेंगे टीके, राज्य व जिला स्तर पर होगी नियमित निगरानी
टिटनेस, डिप्थीरिया, काली खांसी, खसरा और रुबेला जैसी बीमारियों से हो सकेगा बचाव
स्वास्थ्य व शिक्षा विभाग विद्यालयवार बनाएंगे माइक्रो प्लान, तीन अगस्त से पहला अभियान
लखनऊ। प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों के करीब सवा करोड़ बच्चों को गंभीर संक्रामक बीमारियों से सुरक्षित रखने के लिए अगस्त में दो विशेष टीकाकरण अभियान चलाए जाएंगे। स्वास्थ्य और बेसिक शिक्षा विभाग के समन्वय से होने वाले इन अभियानों के तहत पहले चरण में 3 से 7 अगस्त तक टिटनेस, डिप्थीरिया और काली खांसी तो दूसरे चरण में 18 से 28 अगस्त तक मीजल्स-रूबेला (एमआर) का टीकाकरण किया जाएगा।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने सभी डीआईओएस और बीएसए को अभियान के प्रभावी संचालन के निर्देश दिए हैं। अभियान प्रदेश के सभी 75 जिलों के परिषदीय, सहायता प्राप्त विद्यालयों, मदरसों और आंगनबाड़ी केंद्रों में संचालित होगा। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी, बीएसए और डीआईओएस संयुक्त रूप से विद्यालयवार माइक्रोप्लान तैयार करेंगे, ताकि कोई भी पात्र बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे।
पहले चरण में 3, 4, 6 व 7 अगस्त को 5 से 6 वर्ष के बच्चों को टीडीएपी-2, 10 वर्ष के बच्चों को टीडी-10 और 16 वर्ष के बच्चों को टीडी-16 की अतिरिक्त खुराक दी जाएगी। प्रत्येक टीकाकरण सत्र में 50 से 75 बच्चों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। दूसरे चरण में 18 से 28 अगस्त तक एमआर अभियान चलेगा।
इसके तहत 5 से 10 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को मीजल्स-रूबेला वैक्सीन की अतिरिक्त खुराक दी जाएगी। प्रत्येक विद्यालय में रोजाना 100 से 125 बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इससे खसरा और रूबेला जैसी बीमारियों की रोकथाम को और मजबूती मिलेगी।
अभियान के लिए प्रत्येक विद्यालय में नोडल शिक्षक नामित किया जाएगा। आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और शिक्षकों की मदद से पात्र बच्चों की सूची तैयार होगी। अभिभावकों को जागरूक करने के लिए प्रार्थना सभा, अभिभावक-शिक्षक बैठकें और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान की प्रगति की निगरानी राज्य और जिला स्तर पर नियमित रूप से होगी। सभी गतिविधियों की सूचना निर्धारित पोर्टलों पर अपलोड की जाएगी और टीकाकरण से छूटे बच्चों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
परिषदीय स्कूलों के सवा करोड़ बच्चों को अगस्त में दो चरणों में लगेंगे टीके, राज्य व जिला स्तर पर होगी नियमित निगरानी, टिटनेस, डिप्थीरिया, काली खांसी, खसरा और रुबेला जैसी बीमारियों से हो सकेगा बचाव
Reviewed by प्राइमरी का मास्टर 2
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6:16 AM
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