मिड डे मील के साथ बच्चों को मिलेगी आयरन की गोली, बुखार पेट दर्द, दस्त आदि से पीड़ित बच्चों को गोली न देने के निर्देश



  • स्कूलों में बच्चों को दी जाएंगी आयरन की गोलियां
  • बेसिक शिक्षा निदेशक ने जारी किए निर्देश

लखनऊ (डीएनएन)। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं में एनीमिया(खून की कमी) से होने वाली दिक्कतों को दूर करने के लिए अब उन्हें प्रत्येक सोमवार को मिड-डे-मील के एक घंटे बाद आयरन गोली खिलाई जाएगी। प्राथमिक विद्यालय में आयरन की छोटी पिंक गोली(45 एमजी) तथा उच्च प्राथमिक विद्यालय में बड़ी नीली गोली (100 एमजी) दी जाएगी। इस संबंध में बेसिक शिक्षा निदेशक डीबी शर्मा ने बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं।एनीमिया एक प्रमुख जन स्वास्थ्य समस्या है। जिसका मुख्य कारण खान पान में लौह तत्व की कमी है। उत्तर प्रदेश में 6 से 14 आयु वर्ग के बच्चों में भी एनीमिया की व्यापक एवं गंभीर समस्या है। इस उम्र समूह में एनीमिया के कारण बच्चों को हमेशा थकान महसूस होना, हमेशा नींद महसूस होना, मुंह के किनारे घाव या दरार होना, सांस फूलना, शारीरिक श्रम करने पर सिर दर्द होना, पढ़ाई व खेल में रुचि न लोना, पांव में ऐठन होना एवं भूख न लगना आदि की शिकायतें होती हैं। इस समस्या के मददेनजर शासन के निर्देश पर बेसिक शिक्षा निदेशक ने विद्यालयों में बच्चों को आयरन की गोलियां वितरित करने के निर्देश जारी किए हैं। यदि कोई छात्र-छात्रा सोमवार को अनुपस्थित रहता है तो उसे उपस्थिति होने पर आयरन गोली का सेवन सुनिश्चित कराना होगा।बुखार, पेट दर्द, दस्त में नहीं दी जाएगी गोली : यदि कोई छात्र-छात्रा अस्वस्थ्य है व उसे बुखार, पेट दर्द, दस्त आदि हो तो उन्हें यह गोली न दी जाए। उन्हें ठीक होने के बाद ही इसका वितरण किया जाए। छात्र-छात्राओं को छह माह के अंतराल पर वर्ष में दो बार (फरवरी-अगस्त) में राष्ट्रीय डी-वार्मिंग डे के दिन एल्बेन्डालॉज 400 मिलीग्राम की एक गोली चबाकर खिलाई जाएगी। राष्ट्रीय डी वार्मिंग डे 10 अगस्त को होगा। 

खबर साभार : अमर उजाला/डीएनए

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मिड डे मील के साथ बच्चों को मिलेगी आयरन की गोली, बुखार पेट दर्द, दस्त आदि से पीड़ित बच्चों को गोली न देने के निर्देश Reviewed by Brijesh Shrivastava on 6:49 AM Rating: 5

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