68500 शिक्षक भर्ती में डीएड वालों को भी मौका, हाईकोर्ट के आदेश पर सरकार ने शामिल करने का लिया निर्णय


इलाहाबाद  :  प्राथमिक विद्यालयों में 68500 सहायक अध्यापकों की प्रस्तावित भर्ती में डिप्लोमा इन एजुकेशन (डीएड) करने वाले अभ्यर्थियों को भी मौका मिलेगा। हाईकोर्ट के आदेश पर सरकार ने डीएड को अध्यापक सेवा नियमावली 1981 में शामिल करने का निर्णय लिया है। नियमावली संशोधन होने से डीएड अभ्यर्थियों को दिसम्बर में प्रस्तावित 68500 सहायक अध्यापकों की नियुक्ति में भी अवसर मिल जाएगा।


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नियमावली संशोधन संबंधी शासन के निर्णय की प्रति शिक्षा अनुभाग-5 के अनु सचिव कामता प्रसाद सिंह ने 18 नवम्बर को बेसिक शिक्षा निदेशक और सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को भेजी है। उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा (अध्यापक सेवा) नियमावली 1981 की शिक्षक प्रशिक्षण योग्यताओं में डीएड सम्मिलित नहीं था। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की 23 अगस्त 2010 और 29 जुलाई 2011 की अधिसूचना में भी डीएड द्विवर्षीय प्रशिक्षण का उल्लेख नहीं था। लेकिन एनसीटीई के 28 नवम्बर 2014 के अनुबंध-2 की प्रस्तावना में बीटीसी, जेबीटी और डीएड को डिप्लोमा इन एलीमेंटरी एजुकेशन (डीएलएड) के समकक्ष मान्य किया गया था।

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डीएड करने वाले अभ्यर्थियों ने 12460 व अन्यय सहायक अध्यापकों की भर्ती में अवसर देने के लिए हाईकोर्ट में याचिकाएं की थी। हाईकोर्ट ने इस शर्त के साथ डीएड अभ्यर्थियों के आवेदन स्वीकार करने के आदेश दिए थे, की जब तक याचिकाओं का निस्तारण नहीं हो जाता तब तक इन्हें नियुक्ति पत्र जारी नहीं किए जाए। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने 14 नवम्बर 2017 को शासन को प्रस्ताव भेजा कि एनसीटीई की 28 नवम्बर 2014 की अधिसूचना में निर्धारित अर्हताओं को परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति के लिए मान्य किया जाए। जिसे स्वीकार करते हुए 18 नवम्बर को नियमावली संशोधन का आदेश जारी कर दिया गया।

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