राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए शिक्षक डालते हैं दबाव : उप शिक्षा निदेशक (संस्कृत) के पत्र से खड़े हुए सवाल

लखनऊ। अभी तक शिक्षकों की नियुक्ति से लेकर कई विभागीय कामों में जुगाड़ और सिफारिशों की बातें सामने आती थीं। लेकिन अब शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों एवं सेवाओं के लिए मिलने वाले राष्ट्रीय/ राज्य पुरस्कारों में भी दबाव और जुगाड़ चलने लगा है। इस बात का खुलासा उप शिक्षा निदेशक (संस्कृत) कमलेश कुमार के पत्र से हुआ है। जिसके बाद राष्ट्रीय एवं राज्य पुरस्कार पर सवाल खड़े हो गए हैं। दरअसल, हर साल माध्यमिक एवं बेसिक शिक्षा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं को राष्ट्रीय एवं राज्य अध्यापक पुरस्कार दिए जाने का प्रावधान है। इसमें उन्हें दो साल का सेवा विस्तार भी दिया जाता है। लेकिन अब इस पुरस्कार के लिए भी दबाव डाला जा रहा है। यह खुलासा उप शिक्षा निदेशक (संस्कृत) के पत्र से हुआ है। जिसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय/ राज्य अध्यापक पुरस्कार की समस्त कार्यवाही पूर्णतया गोपनीय होती है। लेकिन विगत वर्षों में देखा गया है कि जनपद स्तर पर गोपनीयता नहीं बरती जा रही। जनपदीय समिति की प्रशस्ति संबंधित अध्यापकों को उपलब्ध करा दी जाती है जिससे वह विभागीय अधिकारियों एवं राज्य स्तरीय चयन समिति के सदस्यों पर अनावश्यक दबाव डालते हैं। यह स्थिति ठीक नहीं है। इसलिए जरूरी है कि पूरी कार्यवाही गोपनीय रखी जाए। गौरतलब है कि बीते दिनों खंड शिक्षा अधिकारियों के सम्मलेन में बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविंद चौधरी ने भी कहा था कि राष्ट्रीय और राज्य पुरस्कार कैसे मिलते हैं ये हम भी जानते हैं और आप (खंड शिक्षा अधिकारी) भी।
  • 31 दिसंबर तक निदेशालय को भेजने होंगे प्रकरण
लखनऊ। केंद्र सरकार के निर्देश पर माध्यमिक शिक्षा के लिए राष्ट्रीय अध्यापक पुरस्कार-2014 के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस बार किसी भी शिक्षक-शिक्षिकाओं को पुरस्कार के लिए न तो आवेदन करना होगा, न ही उनसे आवेदन के लिए कहा जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षकों को 25 जनवरी तक पुरस्कार का प्रकरण तैयार करना होगा। साथ ही जनपदीय समिति की बैठक भी करनी होगी। उसके बाद समिति की ओर से 31 जनवरी तक निदेशालय को प्रकरण भेजना अनिवार्य होगा। निर्धारित तिथि के बाद कोई भी प्रकरण मान्य नहीं होंगे। इस संबंध में उप शिक्षा निदेशक (संस्कृत) ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश जारी कर दिए हैं। वर्ष 2014 के लिए माध्यमिक शिक्षा के अंतर्गत कुल 9 पुरस्कार दिए जाने हैं। इनमें आठ माध्यमिक शिक्षक एवं एक शिक्षक प्रशिक्षक पुरस्कार शामिल हैं। पुरस्कार चयन के लिए जिला चयन समिति गठित की जाएगी। जिसमें जिला विद्यालय निरीक्षक अध्यक्ष, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान की प्राचार्य सदस्य तथा माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य सदस्य होंगे। जनपदीय चयन समिति को पूर्ण समीक्षा करने के बाद ही प्रस्ताव भेजना होगा। प्रधानाचार्यों व अध्यापकों के लिए विद्यालय से संबंधित सभी कक्षाओं की छात्र संख्या तथा बीते पांच वर्षों का बोर्ड परीक्षा फल उनके द्वारा अध्यापित विषय का परीक्षाफल भी निर्धारित प्रपत्र पर भेजना अनिवार्य होगा।

खबर साभार : डेली न्यूज एक्टिविस्ट

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राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए शिक्षक डालते हैं दबाव : उप शिक्षा निदेशक (संस्कृत) के पत्र से खड़े हुए सवाल Reviewed by Brijesh Shrivastava on 10:37 AM Rating: 5

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