टीईटी में आवेदकों की भरमार अब भी लाखों कतार में, बैंकों को लिंक न मिलने पर फीस जमा करने वाले रहे हलकान


  • आवेदकों को मिली दो दिनों की मोहलत
  • दो फरवरी को होनी है परीक्षा
लखनऊ (एसएनबी)। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी टीईटी) में आवेदकों की भरमार है, फिर भी अभी लाखों कतार में हैं। प्रदेश के सभी जिलों में अभ्यर्थी ऑन लाइन आवेदन व फीस की व्यवस्था से हलकान है। न तो बैंकों में शुल्क जमा हो रहा न ही सीधे क्रेडिट हो रहा है। आवेदकों की दिक्कत व बैंकों से आयी रिपोर्ट के बाद अब आवेदक देने की दो दिन मियाद बढ़ा दी गयी है, इसके साथ ही चार दिन करेक्शन के लिए भी मौका दिया जाए। टीईटी के लिए अधिकृत की गयी सबसे बड़ी भारतीय स्टेट बैंक को टीईटी का चार दिनों से लिंक ही नहीं मिल रहा था। जिलों से लेकर राजधानी तक में अभ्यर्थी बैंक की एक शाखा से लेकर दूसरे तक की दौड़ लगा रहे हैं, लेकिन सभी जगह लिंक न होने की जानकारी दे अभ्यर्थियों को लौटा दिया। 
 
इलाहाबाद में सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी नीना श्रीवास्तव से बैंकों के अफसरों ने मुलाकात की और स्थितियों के बारे में बताया। इसके बाद उन्होंने ऑन लाइन आवेदन के लिए अंतिम तिथि दो दिन बढ़ाकर 18 की शाम छह बजे तक कर दी है। इसके साथ ही फीस जमा करने के लिए 21 दिसम्बर की शाम छह बजे तक मोहलत रहेगी। उन्होंने अभ्यर्थियों को आवेदन पत्रों में त्रुटियों को सुधारने के लिए चार दिनों 28 से 31 तक मी मोहलत दी है। परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने भले ही तिथियों में बढ़ोतरी कर दी है, लेकिन लिंक को लेकर जरूरी कदम नहीं उठाये गये तो अभ्यर्थियों को मुसीबतों का सामना करना पड़ेगा। अब तक परीक्षा नियामक कार्यालय को प्रदेश भर से टीईटी में 12 लाख आवेदन मिलने की जानकारी दी गयी है, लेकिन चार दिनों से शुल्क जमा करने को लेकर अभ्यर्थी परेशान है, इनकी संख्या में लाखों की इजाफा हो सकता है। ऑन लाइन पंजीकरण के बाद 24 घण्टे बाद शुल्क के लिए प्रक्रिया पूरी होती है, फीस ऑन लाइन जमा करने के दौरान सर्वर न मिलने पर भी चुनौती रहती है। टीईटी के लिए परीक्षा की तिथि 2 फरवरी पहले ही तय की जा चुकी है, इसके मुताबिक ही परीक्षा केन्द्रों का निर्धारण किया जा रहा है।

खबर साभार : सहारा

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