कार्य बहिष्कार से पटरी से उतरी पढ़ाई : कहीं शिक्षा मित्र पढ़ाने नहीं पहुंचे तो कुछ जगह जबरन स्कूलों में लगवाए ताले
लखनऊ।
हाईकोर्ट के फैसले से आक्रोशित शिक्षामित्रों का विरोध प्रदर्शन मंगलवार
को भी जारी रहा। इससे लखनऊ जिले के प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों
में शिक्षण कार्य बुरी तरह प्रभावित रहा। कहीं शिक्षा मित्र पढ़ाने नहीं
पहुंचे तो कुछ जगह इन्होंने जबरन स्कूलों में ताले लगवाए। वहीं कुछ
शिक्षामित्र काली पट्टी बांधकर विद्यालय पहुंचे लेेकिन शिक्षण कार्य न करके
अपना विरोध जताया।
शिक्षामित्रों ने
हाईकोर्ट के फैसले को लेकर मंगलवार को भी जीपीओ पर धरना-प्रदर्शन किया। इस
दौरान इन लोगों ने सरकार से मांग रखी कि वह इस मामले में पुनःयाचिका दायर
करे।
मलिहाबाद ब्लॉक के भुलसी, दतली,
नवीनगर, महदोइया आदि प्राथमिक स्कूलों के शिक्षा मित्र काली पट्टी बांधकर
पहुंचे। लेकिन शिक्षण कार्य नहीं किया। खंड शिक्षा अधिकारी गौतम प्रकाश ने
बताया कि क्षेत्र के सभी स्कूल खुल रहे हैं और उनमें तैनात सहायक अध्यापकों
से शिक्षण कार्य हो रहा है। वहीं मोहनलाल गंज प्राथमिक विद्यालय
मोहनलालगंज में शिक्षा मित्र नहीं आए। धनवारा प्राथमिक विद्यालय में तो और
भी बुरी स्थिति रही। यहां 100 बच्चों पर अब मात्र एक सहायक अध्यापक ही बचा
है। इसी तरह हरिखेड़ा प्राथमिक विद्यालय में एक और केसरीखेड़ा में दो
शिक्षकों के भरोसे पूरा विद्यालय चल रहा है। यहां पढ़ाने वाले शिक्षामित्र
कार्य बहिष्कार पर हैं।
इटौंजा स्थित
बीआरसी कार्यालय पर शिक्षामित्र संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष सुनील सिंह
भदौरिया के नेतृत्व में घेराव व तालाबंदी की गई। शिक्षामित्रों के आंदोलन
के चलते प्राथमिक विद्यालय ढनवासी, चंदनापुर, गोधना, महिगवां सहित बीकेटी
क्षेत्र के दो दर्जन प्राथमिक विद्यालयों में तालाबंदी रही। कुछ प्राथमिक
विद्यालय जहां सहायक अध्यापक कक्षाएं चला रहे थे वहां शिक्षामित्रों ने
जबरन बच्चों को घर भेजकर ताले लगवाए।
- ‘विरोध करेंगे पर बच्चों का नुकसान नहीं होने देंगे’:
एक
तरफ जहां शिक्षामित्रों ने कार्य बहिष्कार किया वहीं कुछ ऐसे शिक्षामित्र
भी हैं जो विरोध जताने के साथ ही बच्चों को पढ़ाकर अपनी जिम्मेदारी निभा
रहे हैं। मलिहाबाद के टिकरी खुर्द प्राथमिक विद्यालय में शिक्षा मित्र से
सहायक अध्यापक बनी सफीना बानो का कहना है कि कोर्ट के फैसले का विरोध तो
करते रहेंगे पर इस वजह से बच्चों की पढ़ाई का नुकसान नहीं होने देंगे।
गोसाईंगंज
स्थित ब्लॉक संसाधन केंद्र (बीआरसी) पर लगभग 350 शिक्षामित्रों ने
तालाबंदी करने के बाद प्रदर्शन किया। यह लोग सुबह 11 बजे से लेकर शाम करीब
4.30 बजे तक यहां जमा रहे। वहीं माल बीआरसी में भी शिक्षामित्रों के कार्य
बहिष्कार का असर दिखा। कई जगह बच्चे भी विद्यालय नहीं पहुंचे माल ब्लॉक के
शिक्षामित्र संघ की अध्यक्ष बबली सिंह ने कहा कि जब तक शिक्षा मित्रों के
साथ न्याय नहीं होगा, तब तक वे शिक्षण कार्य नहीं करेंगे।
कार्य बहिष्कार से पटरी से उतरी पढ़ाई : कहीं शिक्षा मित्र पढ़ाने नहीं पहुंचे तो कुछ जगह जबरन स्कूलों में लगवाए ताले
Reviewed by Brijesh Shrivastava
on
7:00 AM
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