प्रशस्त 2.0 एप के माध्यम से विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों की स्क्रीनिंग के सम्बन्ध में।
प्रशस्त 2.0 से जुड़े 9.20 लाख शिक्षक, 8.15 लाख ने देखे वीडियो, डिजिटल प्रशिक्षण से शिक्षकों की कार्य क्षमता में विकास पर जोर
20 अक्टूबर 2026
लखनऊ। प्रदेश में विद्यालयी शिक्षा को तकनीक, संवेदनशीलता और समावेशन से जोड़ने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। हर विशिष्ट बच्चे की आवश्यकताओं को समझने और उसे सीखने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए शिक्षकों को सक्षम बनाया जा रहा है। इसके लिए प्रशस्त 2.0 अभियान चल रहा है।
इसमें शिक्षकों को विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान और उनकी शैक्षिक जरूरतों को समझने से संबंधित डिजिटल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब तक सभी जिलों में 9.20 लाख शिक्षक प्रशस्त 2.0 पर ऑनबोर्ड हो चुके हैं। 8.15 लाख शिक्षकों ने प्रशिक्षण से संबंधित सभी वीडियो देख लिए थे। यह पहल डिजिटल माध्यम से शिक्षकों की क्षमता विकसित करने के लिए है।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने बताया कि शिक्षकों को एप और प्रशिक्षण वीडियो से समावेशी शिक्षा से संबंधित जानकारी दी जा रही है। डिजिटल प्रशिक्षण से शिक्षकों को विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान और उनकी शैक्षिक जरूरतों को समझने से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। इससे समावेशी शिक्षा को आगे बढ़ाया जा रहा है। यह तकनीक और संवेदनशीलता से बेहतर शिक्षण परिवेश उपलब्ध कराता है।
प्रशस्त एप और पोर्टल के वीडियो देखने में फिसड्डी 15 जिलों के डीएम बनायेंगे शिक्षकों पर दबाव, देखें पत्र
विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों की स्क्रीनिंग में भारी लापरवाही, शिक्षक इसके लिए जागरूक होने में नहीं ले रहे रुचि, प्रशस्त पोर्टल पर 15 जिले काफी पीछे
06 अक्टूबर 2026
लखनऊ। प्रदेश में विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों की स्क्रीनिंग व जागरूकता के लिए केंद्र सरकार द्वारा विकसित प्रशस्त एप व पोर्टल विकसित किया गया है। इसके माध्यम से शिक्षकों को जागरूक किया जा रहा है, किंतु बेसिक के शिक्षक इसमें रुचि नहीं ले रहे हैं। गाजीपुर समेत 15 जिलों में इसकी स्थिति काफी खराब है। विभाग ने इसके लिए सभी डीएम को पत्र लिखा है।
विभाग ने कहा है कि स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा हाल ही में हुई बैठक में इस पर शिक्षकों के ऑनबोर्ड होने व जागरूकता वीडियो देखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि इसी के अनुसार आगे चलकर विशिष्ट बच्चों को बेहतर जानकारी व अन्य सहयोग दिए जा सकें किंतु इसमें लखनऊ, कानपुर नगर, उन्नाव, गाजियाबाद, गाजीपुर, बदायूं, देवरिया, गौतमबुद्ध नगर समेत 15 जिलों की प्रगति खराब है।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने संबंधित जिलों के डीएम व सभी मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक व बीएसए को इसके लिए पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि सभी बोर्ड के प्राइवेट एडेड, प्राइवेट अनएडेड व परिषदीय विद्यालयों के सभी शिक्षकों को पोर्टल पर ऑनलाइन वीडियो अनिवार्य रूप से देखने के लिए निर्देश दें। ताकि वे आगे इससे जुड़ी प्रक्रिया बेहतर तरीके से कर सकें।
सोनभद्र में 24.5, आजमगढ़ में 25.7 फीसदी
पोर्टल से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार अब तक 574984 शिक्षक एप पर ऑनबोर्ड हुए हैं। इनमें से 490856 शिक्षकों द्वारा ही सभी 10 वीडियो देखे गए हैं। इसमें भी 10 जिलों कन्नौज 24.1%, सोनभद्र 24.5%, एटा 24.7%, गाजियाबाद 25.1%, गौतम बुद्ध नगर 25.1%, अलीगढ़ 25.5%, लखनऊ 25.6%, हमीरपुर 25.6%, आजमगढ़ 25.7% व संत कबीर नगर में 25.8% सबसे कम संख्या में शिक्षक एप पर ऑनबोर्ड हुए हैं। वहीं वीडियो देखने की स्थिति और भी असंतोषजनक है। सभी शिक्षकों को ऑनबोर्ड कराते हुए सभी 10 जागरूकता वीडियो देखने के लिए आवश्यक कार्रवाई करें।
प्रशस्त 2.0 एप के माध्यम से विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों की स्क्रीनिंग के सम्बन्ध में।
Reviewed by प्राइमरी का मास्टर 2
on
7:20 AM
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