समग्र शिक्षा के अन्तर्गत वर्ष 2024-25 के LBD कार्यक्रम हेतु चयनित 1688 उच्च प्राथमिक/कम्पोजिट विद्यालयों में लर्निग बाई डूइंग कार्यक्रम संचालित करने हेतु सामग्री (Consumables/Rew material) क्रय किये जाने के संबंध में।
सोलर कुकर व एलईडी टार्च बनाना सीखेंगे छात्र
लर्निंग बाई डूइंग के तहत 1688 विद्यालय को मिलेंगे 40-40 हजार रुपये, किताबी पढ़ाई के साथ प्रयोग करके सीखने पर होगा जोर
लखनऊ। प्रदेश में 1688 परिषदीय - विद्यालयों में छात्रों द्वारा प्रयोग करके सीखने पर जोर दिया जा रहा है। इस क्रम में छात्रों को सोलर कुकर, एलईडी टार्च, दूरदर्शी टेलीस्कोप, सोलर कार, प्लास्टिक बोतल से खिलौने बनाने आदि विभिन्न चीजें सिखाई जाएंगी। इसके लिए चयनित स्कूलों को 40-40 हजार रुपये का बजट दिया गया है।
बेसिक शिक्षा विभाग परिषदीय विद्यार्थियों को गतिविधियों पर आधारित शिक्षा देकर उन्हें रोचक ढंग से पढ़ाई कराने पर जोर दे रहा है। नए शैक्षिक सत्र में कुल 6.75 करोड़ लर्निंग बाई डूइंग योजना के तहत खर्च किए जाएंगे। इससे छात्र मिट्टी व पानी का परीक्षण, गुड़ व मूंगफली की चिक्की बनाना, विद्यालय में औषधीय पौधों के उद्यान विकसित करना, फल व सब्जियों से अचार बनाना, कढ़ाई-सिलाई और मोबाइल प्रोजेक्टर आदि तैयार करेंगे।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने बताया कि इसके साथ ही छात्रों को स्मार्ट फोन के लिए प्रोजेक्टर बनाने, डीसी झालर बनाने, पेंटिंग करने, वाद्ययंत्र बनाने, वर्मी कंपोस्ट बनाने, कढ़ाई करने, प्राकृतिक रंग बनाने आदि की भी जानकारी व प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस पर प्रयोग भी कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि चयनित विद्यालयों में 40 तरह के मॉडल तैयार किए जा सकेंगे। मॉडल बनाने के लिए सामग्री खरीदने को 40-40 हजार रुपये हर विद्यालय को दिए गए हैं। सभी बीएसए को इस योजना को बेहतर तरीके से क्रियान्वित कराने को कहा गया है।
समग्र शिक्षा के अन्तर्गत वर्ष 2024-25 के LBD कार्यक्रम हेतु चयनित 1688 उच्च प्राथमिक/कम्पोजिट विद्यालयों में लर्निग बाई डूइंग कार्यक्रम संचालित करने हेतु सामग्री (Consumables/Rew material) क्रय किये जाने के संबंध में।
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