निजी बीटीसी कॉलेजों में ग्रेडिंग सिस्टम, प्रदेश में सर्टिफिकेट बांटने का केंद्र बनकर रह गए निजी बीटीसी कॉलेजों में अब गुणवत्ता बढ़ाने की मचेगी होड़, ग्रेडिंग का मानक टीईटी में सफलता का प्रतिशत

इलाहाबाद  : प्रदेश में सर्टिफिकेट बांटने का केंद्र बनकर रह गए निजी बीटीसी कॉलेजों में अब गुणवत्ता बढ़ाने की होड़ मचेगी। सरकार इन कॉलेजों में ग्रेडिंग सिस्टम लागू करने जा रही है। इससे युवा अपने लिए अच्छा कॉलेज चुन सकेंगे। साथ ही प्रशिक्षण में खराब कॉलेजों का अस्तित्व अपने आप खत्म होता जाएगा। ग्रेडिंग का मानक टीईटी में सफलता का प्रतिशत होगा।


बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक बनने के लिए बीटीसी उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। सूबे में 2011 तक बीटीसी के लिए जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान यानी डायट ही एकमात्र संस्था थी। बीटीसी सत्र 2012-13 में 461 निजी कॉलेजों में प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने की अनुमति दी गई। इसके बाद निजी कॉलेज खुलने की मानों होड़ मच गई। परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय की मानें तो 2012-13 से 2015-16 के बीच निजी कॉलेजों में 124 फीसद से अधिक की वृद्धि हुई। इस समय सूबे में 1425 निजी कॉलेज संचालित हैं। निजी प्रशिक्षण संस्थानों में ऊंची फीस लिए जाने के बाद भी पढ़ाई का स्तर व अन्य संसाधन बेहद घटिया हैं। हालत यह है कि प्रशिक्षण देने वाले शिक्षक तक दुरुस्त नहीं है।


निजी संस्थानों में शैक्षिक गुणवत्ता गिरने का संकेत भी हर साल विभागीय अफसरों को टीईटी परीक्षा के जरिए मिलता रहा है। उल्लेखनीय है कि बीटीसी करने वाले युवा तभी शिक्षक बन पाएंगे जब वह टीईटी उत्तीर्ण करें। वर्ष 2011 को छोड़ दिया जाए तो किसी भी वर्ष परीक्षा में बैठने वाले 50 फीसद अभ्यर्थी उत्तीर्ण नहीं हो सके हैं। 2015 में तो उत्तीर्ण होने वाले अभ्यर्थियों का प्रतिशत महज 17 था। ऐसे में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद यानी एससीईआरटी लखनऊ के निदेशक डॉ. सर्वेद्र विक्रम बहादुर सिंह ने निजी कॉलेजों की ग्रेडिंग करने का निर्देश परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव को दिया है।


निजी कॉलेजों की ग्रेडिंग का आधार शिक्षक पात्रता परीक्षा होगी। यानी परीक्षा में कुल कितने अभ्यर्थी बैठे और कितने उत्तीर्ण हुए इसके आधार पर कॉलेज को ए, बी, सी, डी आदि ग्रेड दिया जाएगा। इसका प्रोफार्मा भी सचिव को भेजा गया है। इसे परीक्षा नियामक प्राधिकारी की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा, ताकि युवा उसे देख सके और अगले साल होने वाले दाखिले में अच्छे ग्रेड वाले संस्थान में प्रवेश का दावा करें। अगले शैक्षिक सत्र में निजी कालेजों की संख्या एवं वहां की सीटों में बढ़ोतरी होने जा रही है। अभ्यर्थी कम और सीटें अधिक होने पर उन्हीं कॉलेजों की ओर रुख करेंगे, जिनकी ग्रेडिंग अच्छी होगी।


परीक्षा नियामक रजिस्ट्रार नवल किशोर ने बताया कि ग्रेडिंग की प्रक्रिया शुरू हो गई है। 14 अक्टूबर तक इसे वेबसाइट पर अपलोड करने की तैयारी है।

निजी बीटीसी कॉलेजों में ग्रेडिंग सिस्टम, प्रदेश में सर्टिफिकेट बांटने का केंद्र बनकर रह गए निजी बीटीसी कॉलेजों में अब गुणवत्ता बढ़ाने की मचेगी होड़, ग्रेडिंग का मानक टीईटी में सफलता का प्रतिशत Reviewed by प्रवीण त्रिवेदी on 6:20 AM Rating: 5

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