शासन ने गरीब बच्चों को पब्लिक स्कूलों में प्रवेश का प्रारूप जारी किया

  • नया शिक्षा सत्र शुरू होने से दो माह पूर्व ऐसे प्रवेशों की प्रक्रिया शुरू कर दी जायेगी।
  • साधन संपन्न स्कूलों में गरीब बच्चों के प्रवेश का प्रारूप जारी
  • स्कूलों को मिलेगी शुल्क प्रतिपूर्ति हालांकि शासन ने अभी स्पष्ट नहीं किया
  • बेसिक शिक्षा अधिकारी को संबंधित प्रार्थनापत्र में (निर्धारित प्रारूप) अभिभावक की ओर से प्रस्तुत करना होगा।
  • प्रारूप में मतदाता परिचयपत्र, राशनकार्ड, भू अधिकार पत्रिका, ग्रामीण क्षेत्र में जॉब कार्ड, पासपोर्ट, विद्युत बिल, ड्राइविंग लाइसेंस आदि में कोई एक दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा।
  • ये होंगे प्रवेश पाने के अधिकारी-
    1. ऐसे माता पिता या अभिभावक जो एचआईवी अथवा कैंसर से पीड़ित का बच्चा अथवा ऐसा बच्चा जो अनाथ है प्रवेश का अधिकारी होगा।
    2. ऐसे माता पिता जिनकी वार्षिक आय एक लाख से अधिक नहीं है। परंतु 35000 सालाना आय से अधिक आय न होने वाले अभिभावकों के पाल्यों को प्राथमिकता मिलेगी।
    3. सीटें बचेंगी तो 35 हजार से अधिक आय वालों को आरोही क्रम में वरीयता मिलेगी।

कानपुर, शिक्षा संवाददाता: शासन ने शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत गरीब बच्चों को पब्लिक स्कूलों में प्रवेश का प्रारूप जारी कर दिया है। प्रवेश दिलाने की जिम्मेदारी बेसिक शिक्षा अधिकारों की होगी। प्रवेश चाहने वाले बच्चों को अभिभावकों की मदद से प्रार्थनापत्र बेसिक शिक्षा अधिकारी को देना होगा।
शिक्षा अधिकार के अंतर्गत स्ववित्तपोषी मान्यता प्राप्त, निजी व सरकारी स्कूलों (अल्पसंख्यक स्कूलों व मदरसों को छोड़) के साथ सीबीएसई व आईसीएसई स्कूलों की 25 प्रतिशत सीटों पर गरीबी रेखा से नीचे तथा शासन द्वारा तय गरीबी की परिभाषा से आच्छादित बच्चों को प्रवेश देकर नि:शुल्क शिक्षा दिलाने की व्यवस्था की गयी है। प्रदेश सरकार की ओर से हाल ही में जारी शासनादेश के मुताबिक बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ऐसे बच्चों के लिए पड़ोसी स्कूल तय करेंगे और आवेदन करने पर उसमें प्रवेश दिलाना सुनिश्चत करेंगे। उन्हें इसका ब्योरा भी रखना होगा कि सरकारी, परिषदीय एवं सहायतित विद्यालयों में न केवल क्षमता के अनुरूप दाखिला लिया गया है, वरन यह भी देखेंगे कि प्रवेशित बच्चे लगातार शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं या नहीं? ड्राप आउट होने की स्थिति में अन्य बच्चों से सीटें भरी जायेंगी। बीएसए ऐसे बच्चों के अभिभावकों को प्रवेश की सूचना देंगे। कक्षा एक में प्रवेश के प्रार्थनापत्र पर अधिकतम दस दिनों में कार्यवाही पूरी करा दी जायेगी जो कक्षा आठ तक के लिए मान्य होगी।




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